सुरेश हिन्दुस्थानी प्राय: कहा जाता है कि जिस देश की बुनियाद मजबूत होती है, उसे कोई भी हिला नहीं सकता। किसी भी उत्थान के लिए भूमि का मजबूत होना अत्यंत जरूरी माना जाता है। लेकिन अगर किसी देश की जमीन ही हिल जाए तो उसके तमाम विकसित अवधारणाएं धराशायी हो जाती हैं। वर्तमान में नेपाल […]
Month: May 2015
अवकाशों का राजनीतिकरण
मृत्युंजय दीक्षित उत्तर प्रदेश में अवकाशों को लेकर जिस प्रकार की राजनीति हो रही है वह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। इस प्रकार की ओछी मानसकिता की राजनीति करने वाले गैर कांग्रेसी दल सबसे आगे हैं। विगत दिनों उत्तर प्रदेष की समाजवादी सरकार ने पुराने जनता परिवार के प्रति एकजुटता का प्रदर्षन करने केे लिए पहले बिहार […]
नेता, एंकर और जोकर
आम आदमी पार्टी के नेता और हिंदी के प्रसिद्ध लोककवि कुमार विश्वास के विरुद्ध आजकल जो अभियान चल रहा है, उसका औचित्य हमारी समझ के बाहर है । जो ‘आप’ कार्यकर्ता पीड़िता मानी जा रही है, उसकी पीड़ा क्या है ? उसकी पीड़ा यह नहीं है कि विश्वास ने उसके साथ कोई आपत्तिजनक बर्ताव किया […]
टी वी पत्रकारिता का स्तर
भूकंप पीड़ित नेपाल की जैसी सेवा भारत ने की है, वैसी किसी भी देश ने नहीं की । हमारे प्रधानमंत्री ने नेपाल के लिए मदद उतनी ही तेजी से दौड़ाई, जितनी तेजी से वह भारत के किसी भी क्षेत्र के लिए दौड़ाते। नेपाल के प्रधानमन्त्री को उनके देश में भूकंप का पता भी हमारे प्रधानमन्त्री […]
राजस्थान के शिक्षा राज्यमंत्राी प्रो. वासुदेव देवनानी ने की केन्द्रीय मानव संसाधन विकास मंत्राी से भेंट शिक्षा क्षेत्र में हो रहे प्रयासो, नवाचारों के बारे में दी जानकारी नई दिल्ली 07 मई, 2015। राजस्थान के शिक्षा राज्य मंत्राी प्रो. वासुदेव देवनानी ने नई दिल्ली में केन्द्रीय मानव संसाधन विकास मंत्राी श्रीमती स्मृति जुबिन ईरानी से […]
-रीता उम्र खेलने-कूदने की हो और स्कूल जाकर तालीम हासिल करने की लेकिन इन पर कोई फर्क नहीं पड़ता क्योंकि इन्हें विरासत में मिली अपनी परम्परा का निर्वहन जो करना है। यही कारण है कि ये कम उम्र में ही पेट पालने तथा परिवार के भरण-पोषण की जिम्मेदारी अपने नाजुक कन्धों पर लेकर शहर दर […]
वैवाहिक बलात्कार : नकली हल ?
वैवाहिक बलात्कार के बारे में आजकल वकीलों के बीच बड़ी बहस चल रही है। इस बहस में कई महिला संस्थाएं भी कूद पड़ी हैं। हालांकि सर्वोच्च न्यायालय ने वैवाहिक बलात्कार की धारणा को स्वीकार नहीं किया है लेकिन कुछ कानूनदा लोग और मुखर महिला नेताओं का कहना है कि यह सरकार इसलिए इस मुद्दे पर […]
जितनी चाबी भरी राम ने उतना चले खिलौना……
चाबीभरे गुड्डे का नाच पहले भूमि—अधिग्रहण विधेयक और अब अचल संपत्ति विधेयक पर आपत्ति उठाकर राहुल गांधी ने अपनी खोई जमीन फिर से पानी शुरु कर दी है। राहुल ने पहले विधेयक को पूंजीपतियों और दूसरे विधेयक को बिल्डरों के हितों की रक्षा करनेवाला बताया है। एक विधेयक को किसान—विरोधी और दूसरे को मध्यम—वर्ग विरोधी […]
विशाल धरने का आयोजन
राजस्थानी भाषा को संवैधानिक मान्यता के लिए नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर 6 मई को विशाल धरने का आयोजन होगा नई दिल्ली, 05 मई, 2015। राजस्थानी भाषा मान्यता समिति के अध्यक्ष के.सी. मालू ने केन्द्र सरकार से आग्रह किया है कि देश-विदेश में करोड़ों लोगों द्वारा बोली जाने वाली राजस्थानी भाषा को मान्यता प्रदान कर […]
‘आप’ को भी समझदार नहीं, वफादार चाहिए
-निर्मल रानी- हाईकमान कल्चर अथवा व्यक्तिगत् नेतृत्व पर आधारित राजनैतक दलों में प्राय: यह देखा गया है कि पार्टी प्रमुखों को शिक्षित, ज्ञानवान, विचारवान अथवा व्यापक जनाधार रखने वाले लोगों के बजाए अपने इर्द-गिर्द ऐसे लोगों की ज़रूरत होती है जो भले ही उपरोक्त विशेषताएं रखते हों अथवा नहीं परंतु उनमें वफादारी के लक्षण अवश्य […]