बातें करते किसी और की,और किसी से नाता है।नेताओं को हाथ जोडऩा,भाषणा करना आता है।।तोड़ फोड़ में सिद्घ हस्त हैं,कानूनों को तोड़ रहे हैं।दलबदलू हैं अपने नेता,जब चाहें दल छोड़ रहे हैं।कुर्सी इनकी मात-पिता है,कुर्सी के गुण गाते हैं।मतलब पड़े तो अपने नेता,गधे को बाप बनाते हैं।दंगा करवाने में माहिर,जब चाहें दंगा करवा दें।बने रहें […]
Author: अमन आर्य
अब तक विरोधी दल यह बात चीख-चीख कर कहते रहे हैं कि कांग्रेस में नेतृत्व की घोर कमी है और इसका असर सीधे सरकारी कामकाज पर पड़ता है। अब यही बात कांग्रेस के सीनियर लीडर कह रहे हैं। विरोधी दलों द्वारा मनमोहन सिंह को कमजोर और कठपुतली प्रधानमंत्री बताया जाता रहा है। ताजा घटनाक्रम में […]
युवा मुख्यमंत्री अखिलेश की समझदारी
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने विधायकों की विकास निधि से विधायकों को 20 लाख तक की गाड़ी खरीदने तक की जो छूट दी थी, उस निर्णय की तीखी आलोचना के चलते उन्होंने अपना निर्णय वापस ले लिया है। मुख्यमंत्री ने अपना निर्णय वापस लेकर उचित और प्रशंसनीय कार्य किया है। इससे पूर्व वह […]
उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी को एक पारी और देने का मूड कांगे्रेस ने बना लिया लगता है। इस बात की संभावनाएं प्रबल होती जा रही हैं कि कांग्रेस उपराष्ट्रपति पद के लिए उन्हें पुन: एक मौका देना चाहती है। यद्यपि अंसारी इस बात के लिए तैयार नहीं थे, लेकिन उनके नाम पर यूपीए के सभी घटक […]
शरद यादव की अमरीकियों को चेतावनी
जनता दल (यू) के नेता शरद यादव ने अमरीका की टाइम मैगजीन के उस आंकलन पर अफसोस व्यक्त किया है जिसमें कहा है कि भारत के प्रधानमंत्री डा. मनमोहन सिंह की आर्थिक नीतियां अच्छी नहीं हैं और वह एक फिसड्डी और साये में दुबके इंसान साबित हो गये हैं। श्री यादव ने टाइम मैगजीन के […]
देवेन्द्र सिंह आर्यबाबा रामदेव ने पिछले सप्ताह अपनी पंजाब यात्रा के दौरान 1984 के दंगों को लेकर कांग्रेस की आलोचना की। उन्होंने कहा है कि केन्द्र में मनमोहन सिंह की सरकार कमजोर सिद्घ हुई है, और उसके मुखिया सरदार मनमोहन सिंह ने भी कभी 1984 के दंगों के लिए क्षमायाचना की आवश्यकता पंजाब के लोगों […]
सुबुद्घ पाठकवृन्द!आपके प्रिय समाचार पत्र उगता भारत के दो वर्ष पूर्ण हो रहे हैं। इस पावन अवसर पर मेरा धर्म मुझे प्रेरित कर रहा है कि आपके प्यार और आशीर्वाद का आभार व्यक्त करूं। डा. राधाकृष्णन ने कहा था कि ईश्वर के अस्तित्व में दृढ़ आस्था होने से जो आचरण स्वभावत: होने लगता है, धर्म […]
महंगाई भ्रष्टाचार
जिस देश में रोटी-कपड़े का, जब न्याय नहीं हो पाएगा।सोचो आखिर कब तलक वहां, दीनों का मन सो पाएगा। दुखियों के अंतर की ज्वाला, जब समाज में भड़केगी।शोषक-पोषित में जंग छिड़े, आवाज दीन की जब कड़केगी।। फुटपाथ पै सोने वालों की, जिस देश में नहीं सुनाई हो।बहुतायत दुखी जनों की हो, बढ़ती निशदिन महंगाई […]
मां सृष्टि की निर्माता है, मां हमारी भी निर्माता है। मां के दिये संस्कार जीवन भर हमारे काम आते हैं। मां हमारा निर्माण करती है इसलिए वेद ने भी मां का वंदन करते हुए कहा है-माता निर्माता भवति। मां के लिए सृष्टि का कोई शब्द ऐसा नहीं है जिससे उसकी तुलना की जा सकती है। […]
प्रणव मुखर्जी केन्द्र की मनमोहन सरकार के संकटमोचक रहे हैं। ऐसा सभी मानते हैं, लेकिन हमारा मानना है कि इस सरकार द्वारा खड़े किये गये संकटों से भी देश को उबारकर लाने वाले सरकार के मार्गदर्शक भी वही रहे हैं। अमेरिका के साथ परमाणु करार के मुद्दे पर मनमोहन सिंह अपनी सरकार की बलि तक […]