पुण्य प्रसून वाजपेयी कहते है दिल्ली में सांप की आंख सा आकर्षण है। जो आता है बस इसी का होकर रह जाता है। लेकिन इस होकर रह जाने में सर्पदंश का भय साये की तरह चलता रहता है। वैसे एक करोड़ तेईस लाख वोटरों वाली दिल्ली का सच उसका अपना रंग है क्योंकि दिल्ली में […]
Author: अमन आर्य
– डॉ. दीपक आचार्य संत रविदास…. भारतीय धर्म- अध्यात्म जगत का अमर व्यक्तित्व, प्रेरणादायी युगपुरुष और अध्यात्म के पुरोधा। संत रविदास के सच्चे अनुयायियों और भक्तों को दिल से नमन। लेकिन रविदास जी के भक्तों की एक और परम्परा भी है जिसके बारे में हम लोग शायद ही कोई जानकारी रखते हों। […]
नई दिल्ली में ‘शिल्पागंन’ प्रदर्शनी शुरू
आगा खाँ हाल में सजा है राजस्थान के हस्तशिल्पियों का अनूठा बाजार नई दिल्ली, 04 फरवरी, 2015। राजस्थान की ग्रामीण गैर कृषि विकास एजेंसी (रूडा) द्वारा नई दिल्ली के भगवानदास रोड़ स्थित सरस्वती भवन के आगा खाँ हॉल में आयोजित पांच दिवसीय हस्तशिल्प प्रदर्शनी ‘शिल्पागंन’ का बुधवार को शुभारंभ हुआ। आठ फरवरी तक चलने वाली […]
जल समाधि में रहते हैं भगवान जलेश्वर
– डॉ. दीपक आचार्य भगवान भोलेनाथ को जल अत्यधिक प्रिय हैं। कहा भी गया है- जलधारा शिव प्रियः। आमतौर पर ग्रीष्मकाल में शिवलिंग पर निरंतर जलाभिषेक की परम्परा विद्यमान रही है। धार्मिक मान्यता है कि भीषण गर्मी के दिनों में जलाभिषेक से भगवान भोलेनाथ शीघ्र प्रसन्न होते हैं, लेकिन देश में काफी स्थान ऎसे […]
विदेश मंत्री की चीन यात्रा
यह कितना सुखद संयोग है कि ज्यों ही ओबामा की भारत-यात्रा समाप्त हुई, हमारी विदेश मंत्री सुषमा स्वराज की चीन-यात्रा शुरु हो गई। यह पहले से ही तय था। रुस, चीन और भारत के विदेश मंत्रियों को इन तिथियों में मिलना ही था। सुषमा इसलिए चीन नहीं गई हैं कि उन्हें चीन की गलतफहमी दूर […]
कांग्रेस पार्टी की दशा कैसी हो गई है? किसी भी पार्टी-अफसर ने मुंह खोला नहीं कि उसमें अंगार रखने का माहौल बना दिया जाता है। लगता है कि इस पार्टी में नेताओं का अभाव हो गया है। जो हैं, उनसे आशा की जाती है कि वे आज्ञाकारी नौकरशाहों की तरह बर्ताव करेंगे। किसी को न […]
बाबा रामदेव का अलंकरण-त्याग
बाबा रामदेव ने पद्म-विभूषण अलंकरण को अस्वीकार करके भारत के संन्यासियों के लिए सही परंपरा स्थापित की है। उन्होंने न तो इस अलंकरण को नीचा दिखाया है और न ही मोदी सरकार का अपमान किया है। उन्होंने जिस भाषा में अलंकरण अस्वीकार किया है, उसमें एक सच्चे संन्यासी की गरिमा और विनम्रता है। उन्होंने उन्हें […]
पुण्य प्रसून वाजपेयी लोकसभा चुनाव ने सत्ताधारियों को चेताया कि वह सत्ता पाने के बाद सत्ता की मद में खो ना जाये। दिल्ली चुनाव सत्ताधारियों को चेता रही है कि ईमानदारी जरुरी है। चाहे वह वादों को लेकर हो या फिर आरोप मढ़ने के आसरे नारों की गूंज की हो। लोकसभा और दिल्ली चुनाव के […]
ओबामा ने बजाया दूर का ढोल
ओबामा की इस भारत-यात्रा के बारे में साफ-साफ क्या कहा जाए? हमने चार दिन पहले जो शंका व्यक्त की थी, लगता है, वह शंका सही सिद्ध हो रही है। जैसा कि हमें संदेह था, चीन, जापान, रुस, नेपाल आदि की शीर्ष नेताओं से भारतीय प्रधानमंत्री का जो संवाद हुआ, वह जैसे खाली झुनझुना सिद्ध हुआ, […]
नाम में क्या रखा है?
शिवसेना के एक नेता ने मांग की है कि संविधान में से ‘सेकुलर’ और ‘सोशलिस्ट’ शब्द निकाल दिए जाएं। ये दोनों शब्द आपात्काल के दौरान संविधान की प्रस्तावना में जोड़े गए थे। इस बार गणतंत्र दिवस पर जो सरकारी विज्ञापन जारी किए गए, उनमें मूल प्रस्तावना का चित्र दिया गया था, जिसमें ‘सेकुलर’ और ‘सोशलिस्ट’ […]