trump (1)
  • डॉ राकेश कुमार आर्य

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की के बीच अभी हाल ही में व्हाइट हाउस में जिस प्रकार की गर्म गर्मी का माहौल बना और यूक्रेन के राष्ट्रपति को व्हाइट हाउस से जिस प्रकार अपमानित कर निकाला गया वह वैश्विक राजनीति के लिए कोई शुभ संकेत नहीं है। किसी भी शासनाध्यक्ष का किसी दूसरे देश में इस प्रकार अनादर करना समकालीन इतिहास की एक बहुत बड़ी घटना मानी जाएगी। यह और भी अधिक विचारणीय है कि ऐसी घटना विश्व की सबसे बड़ी शक्ति के भी राष्ट्राध्यक्ष के आधिकारिक भवन में हुई है। जिसे हम व्हाइट हाउस के रूप में जानते हैं। जी हां, यह वही व्हाइट हाउस है, जिसमें बैठकर विश्व की राजनीति की दिशा निर्धारित की जाती है। जिन भवनों से अतिथियों को अपमानित कर निकाला जाने लगता है, उन्हें कूड़े का ढेर बनने में देर नहीं लगती है। वर्तमान राष्ट्रपति ट्रंप जब से सत्ता में आए हैं तब से वह एक तानाशाह जैसा व्यवहार कर रहे हैं। लगता नहीं है कि वह जो कुछ कर रहे हैं, उससे उनके देश की प्रजा खुश है। इस बात में भी संदेह है कि ट्रंप अपने राजधर्म का सम्यक पालन कर रहे हैं।

कौटिल्य के अर्थशास्त्र में राजधर्म की चर्चा करते हुए कहा गया है कि :-
प्रजासुखे सुखं राज्ञः प्रजानां च हिते हितम्। (अर्थात्-प्रजा के सुख में राजा का सुख है, प्रजा के हित में उसका हित है। राजा का अपना प्रिय (स्वार्थ) कुछ नहीं है, प्रजा का प्रिय ही उसका प्रिय है।)

इसके विपरीत ट्रंप अपने प्रिय को जनता का प्रिय बनाने की हठ कर रहे हैं। वह अमेरिका को ही नहीं सारे विश्व को एक दिशा में हांकने का मन बना चुके हैं। जबकि किसी भी शासनाध्यक्ष को प्रजा को हांकने का अधिकार नहीं होता। उसे मर्यादित ढंग से सुव्यवस्थित होकर सम्यक ढंग से नीति का पालन करते हुए शासन चलाने के लिए जनता द्वारा नियुक्त किया जाता है। उससे धर्मयुक्त आचरण करने और नीति का पालन करने में विवेकशील बने रहने की भी अपेक्षा की जाती है। यदि राजा इसके विरुद्ध आचरण कर रहा है तो उसकी बौखलाहट का प्रभाव वहां तक पड़ेगा जहां तक उसका प्रभाव क्षेत्र होगा। स्पष्ट है कि अमेरिका के राष्ट्रपति की बौखलाहट से सारा विश्व ही प्रभावित होगा।

वैसे इस समय अमेरिका के राष्ट्रपति के लिए बाहरी संसार की राजनीति में रुचि दिखाने की अपेक्षा अपने देश की परिस्थितियों को सुधारने की ओर ध्यान देने देना चाहिए। अमेरिका के प्यू रिसर्च सेंटर ने इस समय एक रिपोर्ट जारी की है। इसके आंकड़े बहुत चौंकाने वाले आए हैं। यदि इस रिपोर्ट की स्थिति पर विचार किया जाए तो अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप को समय रहते सचेत और सावधान हो जाना चाहिए। उन्हें किसी तानाशाह के आवरण को उतार फेंकना चाहिए और लोकतांत्रिक ढंग से समस्याओं के समाधान के प्रति नीति निर्धारण करना चाहिए।

प्यू रिसर्च सेंटर की इस रिपोर्ट के अनुसार 2076 तक अमेरिका में ईसाई मत को मानने वाले लोगों की संख्या 2020 की उनकी 64 प्रतिशत जनसंख्या की अपेक्षा 46% रह जाने की संभावना व्यक्त की गई है। ऐसा क्यों हो जाएगा ? स्पष्ट है कि ईसाई मत के लोग भोगवादी अपसंस्कृति से दुखी हो चुके हैं। उनके जीवन में हताशा और निराशा भर चुकी है। उन्होंने यह समझ लिया है कि बहुत अधिक धन का होना शांति पा लेना नहीं है। शांति के लिए जीवन के कुछ दूसरे आदर्श होते हैं। जिनसे अमेरिका वंचित हो गया है या कहिए कि भोगवादी अपसंस्कृति को अपनाकर उसे वास्तविक शांति से वंचित कर दिया गया है। हताशा की इस अवस्था में पहुंचकर अमेरिका के लोग ईसाई मत की मान्यताओं और सिद्धांतों से दूरी बना रहे हैं। जिसके चलते 2076 तक वहां पर 31% लोग धर्म या रिलीजन को अपने ऊपर एक बोझ मानकर उसे छोड़ देंगे। अमेरिका ऐसी स्थिति में केवल इसलिए पहुंचेगा कि वहां पर धर्म की वास्तविक निर्मल, सहज और सरल व्याख्या कभी लोगों को बताई समझाई नहीं गई। जिस देश में 31% लोग धर्म से विमुख हो जाएंगे या पीठ फेर कर खड़े हो जाएंगे, वह उस स्थिति में क्या कर रहे होंगे ? और उनके आचरण का उस देश के समाज पर क्या प्रभाव पड़ रहा होगा ? – इस पर ट्रंप को आज ही विचार करना चाहिए। क्या उस समय वह अपने देश की एकता और अखंडता को बचा पाएंगे ? यह भी उनके लिए विचारणीय होना चाहिए। इस रिपोर्ट के अनुसार 2050 तक अमेरिका की ईसाई जनसंख्या घटते घटते 50% से नीचे आ जाएगी। जब कोई देश अपने मौलिक धर्म को छोड़कर किसी दूसरे धर्म की ओर अग्रसर होता है तो उसके राजनीतिक और सामाजिक स्वास्थ्य पर कई प्रकार के दुष्प्रभाव पड़ते हैं। विश्व के ज्ञात इतिहास का यदि अवलोकन करें तो इसका सबसे घातक प्रभाव देश की एकता और अखंडता पर पड़ता है। गृह युद्ध होने की संभावना प्रबल हो जाती है। देश जिस ऊंचाई पर खड़ा होता है, उसका अहंकार उसे वहां से हटने के लिए विवश कर देता है। संसार के जितने भी तानाशाह हुए हैं, उन सबने अपने-अपने कालखंड में लोगों पर अत्याचार किये। जीते जी वह इस अहंकार में जीते रहे कि उन्हें कोई हटाने वाला कभी नहीं आएगा, परंतु समय के पास सभी प्रश्नों के उत्तर होते हैं। समय समय आने पर सब प्रश्नों के उत्तर बनकर आ खड़ा होता है। यदि आज अमेरिका का अहंकार सिर चढ़कर बोल रहा है और वहां के राष्ट्रपति दूसरे देश के राष्ट्रपति को अपमानित कर अपने घर से धक्का मार कर निकाल रहे हैं तो इसका भी हिसाब होना निश्चित है। समय आने पर समय अपने आप इसका उत्तर बनकर उपस्थित हो जाएगा। अमेरिका के राष्ट्रपति उस समय समय को धक्का मारकर अपने दरवाजे से हटा नहीं पाएंगे। उस समय का विश्व समाज देखेगा कि समय ही तब अमेरिका के राष्ट्रपति को धक्का मार कर वहां से निकाल देगा। विश्व इतिहास इस बात का साक्षी है कि कभी जिन राजधानियों के राज दरबारों से महलों से या किलों से विश्व के बड़े भूखंडों को शासित किया जाता था वे आज खंडहर पड़े हैं। समय संकेत दे रहा है कि अमेरिका के राष्ट्रपति अपने घरेलू मोर्चे पर ध्यान देकर भविष्य की विपदाओं को टालने का काम करें । वह संसार के लिए उत्तर नहीं बनें बल्कि स्वयं अपने प्रश्नों का हल खोजकर अपने इस शासन काल को स्मरणीय बनाएं, यही उनके लिए उपयुक्त होगा।

Comment:

vaycasino giriş
vdcasino giriş
vaycasino giriş
betpark giriş
betgaranti giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
betpark giriş
betpark giriş
betgaranti giriş
betgaranti giriş
betplay giriş
vaycasino giriş
betpark giriş
betamiral giriş
betamiral giriş
betgaranti giriş
vaycasino giriş
betpark giriş
betgaranti giriş
vaycasino giriş
betpark giriş
galabet giriş
betnano giriş
betamiral giriş
grandpashabet giriş
grandpashabet giriş
norabahis giriş
norabahis giriş
betkare giriş
noktabet giriş
betsat giriş
norabahis giriş
norabahis giriş
betgaranti giriş
betpark giriş
betorder giriş
betgaranti giriş
betgaranti giriş
betpark giriş
betgaranti giriş
galabet giriş
betpark giriş
betpark giriş
galabet giriş
betgaranti giriş
betgaranti giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
betgaranti giriş
betnano giriş
betasus giriş
betplay giriş
betplay giriş
noktabet giriş
noktabet giriş
noktabet giriş
betasus giriş
betkare giriş
betkare giriş
noktabet giriş
restbet güncel
imajbet giriş
imajbet güncel giriş
betparibu giriş
betparibu giriş
betnano giriş
betparibu giriş
betparibu giriş
fikstürbet giriş
fiksturbet giriş
fiksturbet
betplay giriş
betplay
betplay giriş
betpark giriş
betgaranti giriş
kolaybet giriş
betplay giriş
betpark giriş
betpark giriş
betgaranti giriş
kolaybet giriş
betkare giriş
betgaranti giriş
betgaranti giriş
kolaybet giriş
kolaybet giriş
biabet giriş
betnano giriş
betparibu giriş
efesbet giriş
efesbetcasino giriş
efesbetcasino giriş
maxwin giriş
betnano giriş
betnano giriş
betnano giriş