25 मानचित्रों में भारत के इतिहास का सच, भाग ……23

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मुगल काल में भारत

भारत पर मुगलों का वास्तविक शासन 1526 ई0 से लेकर 1707 ई0 तक अर्थात बाबर से औरंगजेब के अंत तक रहा।
इसमें भी अधिकांश इतिहासकारों का कहना है कि 1556 में जब अकबर गद्दी पर बैठा तो भारतवर्ष में मुगल वंश की स्थापना वास्तविक अर्थों में उसी समय हुई। इस प्रकार लगभग डेढ़ सौ वर्ष तक मुगलों का भारत पर शासन रहा। इसके उपरांत भी हमारे देश में यह भ्रांति फैलाई गई है कि मुगलों का शासन भारतवर्ष में 800 वर्ष तक रहा। इतिहास के तथ्यों से अनभिज्ञ होने के कारण हम इस झूठ को सच मानकर आचरण करते हुए दिखाई देते हैं।
हमारी यह दृढ़ मान्यता है कि चोर ,उचक्के ,बदमाश , डाकू और लुटेरे लोग कभी शासक नहीं हो सकते। शासक बनने का अधिकारी वही होता है जो जन हितैषी निर्णय लेता है और जनता की सेवा करना अपना सबसे बड़ा धर्म मानता है। इस दृष्टिकोण से कोई भी विदेशी हमलावर भारत में शासक की परिभाषा पर खरा नहीं उतरता। मुगल भी इसके अपवाद नहीं है।
संलग्न मानचित्र में हम देख रहे हैं कि हल्का हरे रंग का भारत जहां मुगल साम्राज्य को दर्शाता है, वहीं उसके बीच में मेवाड़ का छोटा सा राज्य भी है ( जिसे सफेद रंग से दिखाया गया है ) जो अपनी स्वतंत्रता बनाए रहा। यहां के शासक महाराणा राजसिंह ने छाती ठोंक कर उस समय औरंगजेब को यह चुनौती दी थी कि वह जजिया कर लगाकर अपनी हिंदू प्रजा का उत्पीड़न ना करे, यदि उसमें साहस है तो वह मुझसे जजिया लेकर दिखाए।
जब सारा राजपूताना मुगलों की चाटुकारिता कर रहा था ,उस समय भी ऐसा साहस दिखाना बहुत बड़ी बात थी। पर इस बहुत बड़ी बात को अपने इतिहास में हमने बहुत छोटी सी करके दिखाना भी उचित नहीं माना।
मुगल जहां हिंदुओं की हत्या कर रहे थे और हिंदुओं का जबरन धर्मांतरण कर उनके धर्म स्थलों को भी नष्ट कर रहे थे, वहीं वे सत्ता प्राप्ति के लिए अपने परिवार के लोगों को भी मार-मार कर इतिहास बना रहे थे। कोई भी मुगल शासक ऐसा नहीं रहा जिसने सत्ता संघर्ष के लिए अपने परिवार के निकट लोगों की हत्या ना की हो । औरंगजेब ने तो अपने पिता शाहजहां को जेल में ही डाल दिया था और जेल में भी उसे ऐसी यातनाएं दी गई थीं कि उसे पानी तक के लिए तरसा दिया गया था। 1658 ई0 में अपने पिता शाहजहां से जबरन गद्दी छीनकर हिंदुस्तान का शासक बना औरंगजेब 1707 ई0 तक भारत पर क्रूरता और अत्याचार पूर्ण ढंग से शासन करता रहा। पर जैसे ही वह मरा तो उसके तुरंत पश्चात भारत के लोगों ने हिंदुत्व की रक्षक मराठा शक्ति के नेतृत्व में अपना पराक्रम दिखाया और 1737 ई0 तक मुगल वंश को उखाड़ कर समाप्त कर दिया।
हमें इतिहास के इस स्वर्णिम पृष्ठ को भी ध्यान पूर्वक पढ़ना चाहिए और समझना चाहिए कि मुगलों के शासन काल में हमारे अनेक स्वतंत्रता प्रेमी हिंदू योद्धा उन्हें किस प्रकार भारत से भगाने का संघर्ष करते रहे थे ?

मेरी पुस्तक “25 मानचित्र में भारत के इतिहास का सच” से

डॉ राकेश कुमार आर्य
संपादक : उगता भारत

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