कश्मीर पर कांग्रेस की भाषाकश्मीर को लेकर कांग्रेस का वास्तविक चेहरा एक बार पुन: सामने आया है। कांग्रेस के पी. चिदंबरम ने कहा है कि कश्मीर को अधिक स्वायत्तता दिये जाने की आवश्यकता है। इस पर पलटवार करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इसे कांग्रेस की पाकिस्तान परस्त भाषा कहा है।
वास्तव में कांग्रेस इस देश की एक ऐसी पार्टी है जो कि सबसे पुरानी राजनीतिक पार्टी होने के साथ ही साथ केन्द्र में भी सबसे अधिकदेर तक शासन करने पार्टी रही है। ऐसी स्थिति इस पार्टी के लिए सचमुच गौरवप्रद हो सकती है। अपनी बात को आगे बढ़ाऊं, उससे पूर्व पी. चिदंबरम जी की सेवा में एक शिक्षप्रद कहानी याद आ गयी है। एक कुम्हार के घर के पास किसी बड़े जमींदार का मकान था। जिसके पास बढिय़ा घोड़ा था। वह कुम्हारे अपने गधे को और जमींदार के घोड़े को देखता तो अपने गधे को घोड़े की तुलना में कहीं का भी न पाता था। इससे उसे उस जमींदार और उसके घोड़े से घृणा हो गयी। तब वह सुबह शाम यही प्रार्थना करता था कि जैसे भी हो भगवान आप मेरी एक प्रार्थना सुन लो, कि इस जमींदार का यह घोड़ा मर जाए तो मेरा गधा अच्छा लगने लगे। लेकिन समय का फेर कुछ उलटा चल रहा था। जमींदार का घोड़ा तो नहीं मरा पर एक दिन अचानक कुम्हार का गधा मर गया। तब उसकी मनोव्यथा और मनोवेगों को शायर ने इन शब्दों में व्यक्त किया-
”एक दिन एक कुम्हार ने मांगी ये दुआ,
कि घोड़ा मेरे पड़ोसी का मर जाए ऐ खुदा
घोड़ा तो खैर यूं ही बंधा रहा अपने थान पर,
पर अफसोस कि एक दिन गधा कुम्हार का मर गया।
तब कुम्हार को बड़ा दुख हुआ और वह कहने लगा
कि तुझसे क्या मांगा था और क्या कर दिया ऐ खुदा
मुद्दत हो गयी तुझे खुदाई करते-करते
पर फर्क घोड़े और गधे का भी न रहा।”
कुम्हार का गुस्सा जायज था, उसकी प्रार्थना तो थी घोड़े को मरवाने की और खुदा ने उठा लिया उसका गधा? तब वह भगवान से ही कहने लगा कि तुझे इतनी भी अक्ल नहीं रही कि तुझसे क्या मांगा जा रहा था और तूने क्या कर दिया। घोड़े गधे का फर्क ही भूल गया?
खैर, पी. चिदंबरम के बयान पर आते हैं। खुदा की अक्ल पर तो हमें सदा ही भरोसा रखना चाहिए। पर शायर इन कांग्रेसियों के लिए यह सब कुछ कह गया है। इन्हें घोड़े गधे का फर्क ना तो स्वतंत्रता से पूर्व था और ना आज है, ये देशद्रोहियों को स्वायत्रता दिलवाते हैं और जो उनसे लड़ते हैं उनके लिए जेल को खुला रखते हैं। स्वतंत्रता से पूर्व अपने जन्मकाल से लेकर आज तक कांग्रेस किसी भी देशद्रोही के सामने छाती खोलकर खड़ी नहीं हुई कि ‘मारो गोली’ पर अपनी सच्ची बात कहने से पीछे नहीं हटूंगी। यह स्वतंत्रता पूर्व भी और उसके बाद भी देशद्रोहियों को ‘कायदे आजम’ कहती रही है और इसी को अपनी बहादुरी मानकर अपनी पीठ थपथपाती रही है। इसका कारण ये है इस पार्टी ने देश के बलिदानी और क्रांतिकारी इतिहास को और उन लोगों को जिन्होंने चुनौतियों को चुनौतियां दीं और अपनी आवाज से विदेशी सत्ता को कंपा दिया-सदा ही उपेक्षा का शिकार बनाया है। यदि इन्हें अपने देश के बलिदानी और क्रांतिकारी इतिहास से कुछ लगाव होता तो निश्चय ही इनकी भाषा में कश्मीर को स्वायतत्ता देने के स्वर देखने को नहीं मिलते। तब इन्हें कश्मीर को स्वायतत्ता देने का अर्थ पता होता कि इससे आतंकवादियों के हाथों को बल मिलता है। अत: कश्मीर को स्वायतत्ता देने का अर्थ हुआ धीरे-धीरे देश की अखण्डता को क्षति पहुंचाना।
अब जबकि देश की सत्ता से कांग्रेस दूर है तो उसके नेताओं को आत्मनिरीक्षण करना चाहिए था कि तुमने ऐसे कौन से पाप किये हैं कि जिनकी सजा तुम्हें मिल रही है? और क्या कारण है कि कांग्रेस इस समय नेतृत्व के संकट से गुजर रही है?
पी. चिदंबरम को देशभक्तों की जीवनियां पढऩी चाहिए। उनके संस्मरण सुनने चाहिए, जिनसे ऊर्जा मिलती है और जुर्म से लडऩे का हौंसला मिलता है। एक उदाहरण उन्हें सुनाता हूं। मेवाड़ के महाराणा उन दिनों फतहसिंह थे। उस समय अंग्रेजों ने उदयपुर चित्तौडग़ढ़ के बीच रेलवे लाइन निकाली थी। यह रेल लाइन महाराणा फतहसिंह के भूपाल सागर नामक तालाब से होकर गुजरती थी। एक दिन संयोगावशात् तालाब के टूट जाने से रेलवे लाइन बह गयी। इस पर अंग्रेज सरकार ने महाराणा को एक पत्र लिखा कि आपके तालाब के कारण हमारी रेललाइन बही है, जिससे 16 लाख की क्षति हमें हुई है। इसलिए 16 लाख रूपया हमारे कोष में जमा करायें। इस पर महाराणा ने पत्र को पढ़वाकर उस दिन तो उसे ज्यों का त्यों कलमदान में बंद करा दिया। पर अगले दिन उसका उत्तर दिया। उन्होंने जो कुछ लिखवाया वह पी. चिदंबरम और उनकी पार्टी के लिए आंख खोलने वाला हो सकता है। महाराणा ने उत्तर दिया कि आपकी रेललाइन से पुराना हमारा तालाब है। आपकी रेल की गडग़ड़ाहट के कारण हमारा तालाब टूटा और उससे जो पानी बहकर बाहर गया उससे हमारे किसानों की फसल नष्ट हो गयी और साथ ही उन्हें भारी क्षति भी हुई है। इस क्षति पूत्र्ति के लिए आप शीघ्रातिशीघ्र 32 लाख रूपया हमारे कोष में जमा करा दें, तब तब आपकी रेल को हम जब्त रखेंगे। इसे सुनकर ब्रिटिश अधिकारी चौंक गये थे और उन्हें अपनी रेल महाराणा को सौंपनी पड़ी थी।
यदि उस समय कांग्रेस महाराणा के स्थान होती तो निश्चय ही सम्मान और स्वाभिमान का सौदा कर लेती, पर महाराणा तो महाराणा थे। उन्होंने सम्मान और स्वाभिमान का सौदा नहीं किया। पी. चिदंबरम और उनके साथियों ने इस सम्मान और स्वाभिमान की रक्षा करने वालों का इतिहास मिटाया है, इसलिए उनसे उस भाषा की अपेक्षा नहीं की जा सकती जिससे देश का सम्मान और स्वाभिमान बढ़े। ये आतंकवादियों के मौलिक अधिकारों के समर्थक लोग हैं, और उनके द्वारा निर्दोषों का खून बहाये जाने को विधि की विडम्बना कहकर भूल जाने वाले लोग हैं। ये कश्मीर की कश्मीरियत का अर्थ वहां मंदिरों से निकलने वाले वेदमंत्रों को बंद कराकर अजान लगाने को खुली छूट देकर कश्मीर के परम्परागत पंथनिरपेक्ष स्वरूप को पंथ सापेक्ष बनाकर भी वहां धर्मनिरपेक्षता की रक्षा कहकर उसे महिमामंडित करने वाले लोग हैं। ये पाकिस्तान की धरती पर मोदी सरकार को गिरवाकर पुन: अपनी सरकार बनाने की अपील वहां के लोगों से करने वाले लोग हैं। इन्हें क्या क्या कहा जाए?
कश्मीर को इस देश ने क्या नहीं दिया है? पी. चिदंबरम स्वयं देश के वित्तमंत्री रहे हैं। उन्हें पता है कि उन्होंने स्वायतत्ता के नाम पर जिन आतंकियों को विदेशी दौरे करने की छूट प्रदान की, उन्होंने ही कश्मीर की फिजाओं को खूनी बनाने का खेल रचा। जिन लोगों को प्रसन्न करने के लिए विशेष पैकेज कश्मीर को दिये गये उन्होंने ही उस पैकेज का दुरूपयोग देश विरोधी गतिविधियों को बढ़ावा देने में किया। सारे परिणाम आंखों के सामने हैं और फिर भी स्वायत्तता देने की बात की जा रही है समझ नहीं आता कि कांग्रेसी गधे घोड़े में फर्क करना कब सीखेंगे? खून की नदिया बहाने वालों को ये लोग भटके हुए बच्चे कहते हैं और जिनके घर जल गये हैं उनके लिए इनके पास पानी की एक बूंद भी नहीं है।
”गम तो हो हद से सिवा अश्क अफसानी न हो।
उससे पूछो जिसका घर जलता हो और पानी न हो।।”
कांग्रेस को अपना अस्तित्व बचाने के लिए और पुन: अपना उत्थान करने के लिए उनका दर्द समझना होगा जिनका घर जलता हो और पानी न हो। चिदम्बरम जैसे लोग इस ओर आत्मचिन्तन करें तो ही देश का भला होगा।

Comment:

betbox giriş
betnano giriş
rinabet giriş
rinabet giriş
rinabet giriş
vaycasino giriş
vdcasino giriş
vaycasino giriş
betpark giriş
betgaranti giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
betpark giriş
betpark giriş
sekabet giriş
betgaranti giriş
betgaranti giriş
romabet giriş
romabet giriş
betnano giriş
sekabet giriş
sekabet giriş
nitrobahis giriş
nitrobahis giriş
winxbet giriş
yakabet giriş
jojobet giriş
jojobet giriş
batumslot giriş
batumslot
batumslot giriş
galabet giriş
galabet giriş
betplay giriş
betplay giriş
vaycasino giriş
betpark giriş
galabet giriş
galabet giriş
galabet giriş
betamiral giriş
betamiral giriş
betgaranti giriş
vaycasino giriş
betpark giriş
galabet giriş
betgaranti giriş
vaycasino giriş
betpark giriş
Betgar güncel
Betgar giriş
Betgar giriş adresi
betnano giriş
galabet giriş
betnano giriş
norabahis giriş
norabahis giriş
betnano giriş
betasus giriş
norabahis giriş
nitrobahis giriş
noktabet giriş
betvole giriş
betvole giriş
betkolik güncel giriş
betkolik güncel
betkolik giriş
yakabet giriş
betasus giriş
betnano giriş
romabet giriş
yakabet giriş
queenbet giriş
queenbet giriş
betnano giriş
winxbet giriş
betamiral giriş
livebahis giriş
grandpashabet giriş
wojobet giriş
wojobet giriş
grandpashabet giriş
norabahis giriş
norabahis giriş
betbox giriş
betkare giriş
kareasbet giriş
noktabet giriş
extrabet giriş
extrabet giriş
nisanbet giriş
holiganbet giriş
holiganbet giriş
betsat giriş
norabahis giriş
norabahis giriş
betgaranti giriş
betpark giriş
betorder giriş
wojobet giriş
wojobet giriş
livebahis giriş
livebahis giriş
nisanbet giriş
nisanbet giriş
vaycasino giriş
betgaranti giriş
betorder giriş
betsat giriş
betsat giriş
betgaranti giriş
betpark giriş
betyap giriş
betyap giriş
sekabet giriş
sekabet giriş
grandpashabet giriş
betgaranti giriş
galabet giriş
betpark giriş
betpark giriş
galabet giriş
betgaranti giriş
betsat giriş
betgaranti giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
betgaranti giriş