“ऋषि दयानन्द की 197वीं जयन्ती पर उनको सादर नमन। उनकी शिक्षाओं के आचरण से ही धर्म, संस्कृति एवं मानवता सुरक्षित रह सकती है”

IMG-20220301-WA0015

ओ३म्

=============
आज दिनांक 26 फरवरी को हिन्दी तिथि के अनुसार ऋषि दयानन्द जी महाराज का 197वां जन्मदिवस है। ऋषि दयानन्द जी ने विलुप्त वेदों व वैदिक ज्ञान का पुनरुद्धार किया था। विलुप्त वेद संहिताओं को प्राप्त किया था और उन्हें उनके सत्य अर्थों सहित वेदार्थ को जनसामान्य तक पहुंचाया था। उन्हीं की कृपा से उनके समकालीन देशवासियों सहित हमें भी आज मूल यथार्थ वेद अपने सत्य अर्थों सहित हिन्दी व इतर भाषाओं में सुलभ हैं। यदि ऋषि दयानन्द जी महाराज वेदों का उद्धार न करते तो हमें वेद व वैदिक ज्ञान कदापि उपलब्ध न होता। उन्हीं की कृपा से आज हम ईश्वर, जीवात्मा तथा प्रकृति के सत्यस्वरूप को जानते हैं, धर्म का सत्यस्वरूप जानते हैं और उसका यथाशक्ति आचरण भी करते हैं। धर्मविहीन मनुष्य पशु के समान होता है, यह कथन सत्य व यथार्थ है। हम अनुमान करते हैं कि यदि ऋषि दयानन्द जी न आते तो देश व विश्व के लोग धर्म के यथार्थ अर्थ व भावों को न जान पाते। धर्म सत्य गुण, कर्म व स्वभाव को धारण करने तथा सत्य का आचरण करने का नाम है। वेद सब सत्य विद्याओं का पुस्तक है। अतः वेदों का ज्ञान एवं आचरण ही धर्माचरण सिद्ध होता है। जिन ग्रन्थों में जितना सत्य है वह सब सृष्टि के आदिकाल में ईश्वर से प्रकाशित वेदों से ही गया है। अतः वेदों को मानने से सब प्रकार से सत्य का ग्रहण एवं धारण होता है। सभी को वेदों को स्वीकार करना चाहिये और वेदों का ही आचरण करना चाहिये।

ऋषि दयानन्द ने वेदों का पुनरुद्धार करने सहित देश से सभी प्रकार के धार्मिक एवं सामाजिक अन्धविश्वासों एवं कुरीतियों को दूर किया था। ईश्वर की सच्चे स्वरूप निराकार एवं सच्चिदानन्दस्वरूप की उपासना सहित उपासना एवं अग्निहोत्र यज्ञ की विधि बताकर उसे करने का आह्वान किया था। ईश्वर की उपासना से ही आत्मा सद्गुणों से युक्त एवं दुर्गुणों से दूर होती है। हमें अपनी आत्मा को दुर्गुण, दुर्व्यसनों तथा दुःखों से दूर कर उसे कल्याणकारक गुण, कर्म, स्वभाव व पदार्थों को प्राप्त करना कराना है जो केवल वेदाध्ययन एवं वेदाचरण से ही सफल, साकार एवं प्राप्त हो सकते हैं। हमें अपने देश की स्वतन्त्रता की रक्षा करनी है। वैदिकधर्म एवं संस्कृति की रक्षा करने साथ इनका प्रचार करना है। सामाजिक बुराईयों को दूर करने के प्रयत्न करने हैं। अविद्या का नाश करना है और विद्या की उन्नति करनी है। हमें आर्यजाति की रक्षा के उपाय करने हैं। हमारी महत्वाकांक्षा वैदिक धर्म की जय को पूरा करने की ही होनी चाहिये। आज वैदिक धर्म सुरक्षित नहीं है। यह हमारे आलस्य-प्रमाद तथा विधर्मियों के मिथ्या प्रचार के कारण सिमटता एवं सकुंचित होता जा रहा है। विधर्मी इसे समाप्त करना चाहते हैं। हमें संगठित होकर, सभी प्रकार की अच्छी व बुरी एषणाओं से मुक्त होकर ऋषियों द्वारा प्रचारित वैदिक धर्म के सत्यस्वरूप का प्रचार करना है और जो कोई भी इस कार्य में संलग्न है, उन्हें सहयोग करना है। ऋषि दयानन्द ने वैदिक धर्म का सत्यस्वरूप प्रस्तुतकर उसका जनसामान्य में प्रचार किया था। हमें भी उनके जीवन से प्रेरणा लेकर इस कार्य को बिना किसी हानि-लाभ का विचार किए मृत्युप्र्यन्त करने का प्रयत्न करना है।

हम महर्षि दयानन्द को उनकी 197वी जयन्ती पर सादर नमन करते हैं। हम उनके ऋणी हैं। सारी मानवजाति उनकी ऋणी है। हम ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि वह आर्यजाति की रक्षा व उन्नति के लिये सनातन वैदिक धर्मियों को प्रेरित करें और सब संगठित होकर वेदों का प्रचार-प्रसार करें जिससे संसार में मानवता सुरक्षित रह सके। सबका परजन्म सुखद रहे। ओ३म् शम्।

-मनमोहन कुमार आर्य

Comment:

betpark
betpark giriş
norabahis giriş
norabahis giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betsilin giriş
betsilin giriş
norabahis giriş
norabahis giriş
savoycasino giriş
savoycasino giriş
savoycasino giriş
savoycasino giriş
betsilin giriş
betsilin giriş
betsilin giriş
betsilin giriş
norabahis giriş
norabahis giriş
holiganbet giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betgaranti giriş
betgaranti
grandpashabet giriş
grandpashabet giriş
Grandpashabet giriş
safirbet giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
grandpashabet giriş
grandpashabet giriş
grandpashabet giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
artemisbet giriş
grandpashabet giriş
betpark giriş
grandpashabet giriş
betpark giriş
grandpashabet
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betyap giriş
betyap giriş
betyap giriş
betyap giriş
dedebet giriş
dedebet giriş
norabahis giriş
norabahis giriş
norabahis giriş
norabahis giriş
betkanyon giriş
betkanyon giriş
dedebet giriş
dedebet giriş
holiganbet güncel giriş
betpark giriş
betyap giriş
betyap giriş
norabahis giriş
norabahis giriş
betpas giriş
betpas giriş
betpas giriş
betpas giriş
norabahis giriş
norabahis giriş
perabet giriş
perabet giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
bettilt giriş
betgaranti giriş
grandpashabet giriş
bettilt giriş
betgaranti giriş
betgaranti giriş
holiganbet güncel
holiganbet giriş
grandpashabet giriş
bettilt giriş
grandpashabet giriş
bettilt giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş