रामराज्य में शेर और बकरी एक घाट पर पानी पीते थे : डॉ श्याम सिंह शशि

नई दिल्ली 30 नवंबर । एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सेमिनार के प्रथम सत्र में मुख्य अतिथि के रुप में बोलते हुए नृवैज्ञानिक – लेखक पद्मश्री डॉ श्याम सिंह शशि ने कहा कि रामराज्य में शेर और बकरी एक घाट पर पानी पीते थे । इस कथन का उन्होंने अपनी नई पुस्तक ‘भारतीय संविधान, संस्कृति एवं रामराज्य’ (गांधी -दर्शन व नंदलाल बोस के
रेखाचित्रों सहित ) के संदर्भ में उल्लेख किया । विज्ञान भवन में साहित्यिक – सांस्कृतिक शोध संस्था मुंबई तथा ‘ चाणक्य वार्ता ‘ पाक्षिक पत्रिका द्वारा 30 नवंबर को आयोजित रामकथा में सुशासन विषयक संगोष्ठी में देश-विदेश के अनेक विद्वान उपस्थित थे । उन्होंने पत्रिका के संपादक डॉ अमित जैन की विलक्षण समन्वय – प्रतिभा की सराहना की ।
डॉ शशि ने कोरोना – काल में लिखित अपनी पुस्तक के आवरण पृष्ठों पर छपे नंदलाल बोस के
रेखाचित्रों के बारे में बताया कि उन्होंने नटराज ,नंदी , श्रीराम -सीता -लक्ष्मण का पुष्पक विमान द्वारा श्रीलंका से अयोध्या – आगमन , श्रीकृष्ण का गीता – संदेश , गुरुकुल ,गंगावतरण , बुद्ध , महावीर , कुबेर , शिवाजी ,गुरु गोविंद सिंह ,नेताजी ,गांधीजी और राजभाषा ,झांसी की रानी आदि रेखाचित्र भारतीय संविधान में 26 जनवरी 1950 के बाद किसी सरकारी प्रकाशन या कानून की पाठ्‌य पुस्तक में नहीं देखे । यह आश्चर्य का विषय है जिस पर शोध की आवश्यकता है ।
डॉ. शशि ने प्रतिष्ठित राष्ट्रनेत्री साध्वी प्रज्ञा ठाकुर तथा अन्य विद्वानों से रामराज्य पर चर्चा की । साथ ही , ‘राम कथा में सुशासन ‘ पुस्तक के संपादक प्रो. प्रदीप कुमार सिंह व प्रो०दिलीप सिंह आदि विद्वानों से अगले खंडों में लेक्शा मानुष की रोमा रामायण आदि को भी सम्मिलित करने की सलाह दी ।उन्होंने अमेरिका से आई डॉ. बिंदेश्वरी अग्रवाल एवं डॉ. दिलीप सिंह को अपनी पुस्तकें भेंट की। उक्त पुस्तक में भारतीय संविधान से उद्धृत रेखाचित्रों के साथ भारतीय संस्कृति पर अनेक आलेख सागर में गागर की तरह गांधीजी के हिन्दस्वराज सहित दिये गये है।
प्रसंगत: , डॉ. शशि हिंदी – अंग्रेजी में 500 पुस्तकों के रचनाकार हैं। जिनमें 20 काव्य – कृतियां , एक महाकाव्य ‘अग्निसागर’ ,अनेक यायावर साहित्यिक पुस्तकें , लगभग दो दर्जन बाल साहित्य की पुस्तकें है। जिन पर अनेक छात्र-छात्राओं ने विभिन्न विश्वविद्यालयों से .पी-एच डी व एम.फिल आदि की हैं। डॉ. शशि की अंग्रेजी पुस्तकों में Roma – The Gypsy World , Nomads of India , आदि हैं तथा हिंदी – अंग्रेज़ी में उन्होंने अनेक विश्वकोशों के सैकड़ों खंड संपादित किये हैं। उन्होंने 75 देशों की यात्राएं भारत सरकार के मीडिया अध्यक्ष पद से स्वैच्छिक अवकाश लेकर की हैं । शेष विवरण किताब घर नई दिल्ली फोन न० 9350870414 से प्राप्त किए जा सकते है ।
उक्त समाचार के प्रमुख चित्र हैं –
1. मुख्य अतिथि डॉ. श्याम सिंह शशि दीप प्रज्जलित करते हुए
2. रामराज्य पर बोलते हुए डॉ. शशि
3. डॉ. बिदेश्वरी अग्रवाल व प्रो.दिलीप सिंह को अपनी पुस्तक भेंट करते हुए ।
4. साध्वी प्रज्ञा ठाकुर से चर्चा ।

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