Categories
राजनीति

अब नामों पर भी तुष्टीकरण की राजनीति का खेल

मृत्युंजय दीक्षित

भारतीय राजनीति वाकई में बहुत ही कलरफुल हो गयी है। इस देश में अब ऐसा कोई भी मुददा नही बच रहा है जोकि तुष्टीकरण की राजनीति की भेंट न चढ जाये। नई दिल्ली नगर महापालिका ने औरंगजेब रोड का नाम पूर्व राष्ट्रपति  भारतरत्न स्व. डा. ए पी जे अब्दुल कलाम क्या रख दिया इस पर भी मुयिलम तुश्अीकरण की राजनीति करने वाले दलों की आंखों में आंसू आ रहे हैं तथा साथ ही यह भी पता चल रहा है कि देश के सभी तथाकथित सेकुलर दल देश के मुसिलम समाज को कितना भडक़ा सकते हैं और अपने वोटबैंक का गुलाम बनाकर रखना चाहते है।  नई दिल्ली में औरंगजेब रोड का नाम क्या बदला इन सभी दलों के लिए अपने वोट फिर से नजर आने लग गये तथा विरोध करते समय यह भी भूल गये कि वह किस दिशा में जा रहक हैं तथा देश की जनता को वास्तव में वे क्या देना चाहते हैं।इस प्रकरण से यह भी पता चल रहा है कि आज कांग्रेस अपने पर्ववर्ती सहयोगी रही मुस्लिम लीग की राजनीति को भी पछाडऩे में लग गयी है। एक प्रकार से कहा जाये तो सडक़ों शहरों और योजनाओं के नामकरण में भी पर्याप्त राजनीति को जगह दी जारही है तथा हर काम राजनैतिक चश्में से ही हो रहा है।

इन दलों को यह नहीं पता की कि वे इस प्रकार की घिनौनी राजनीति करके आखिर देश की जनता को क्या देना चाह रहे हैं वह देश को औरंगजेब तैसा बनाना चाह रहे हैं या फिर डा. कलाम जैसा। आज सोशल मीडिया में यह प्रकरण काफी चर्चा पा रहा है।  यह वही दल व विचारधारा के लोग हैं जो कि औरंगजेब को कभी किसी न किसी प्रकार से सम्मनित करते रहे हैं। इसमें वामपथ्ंाी विचारधारा तो सबसे अलग हैं ही इसका मानना है कि देश के इतिहास से ही मुगल आक्रमण का इतिहास हटा दिया जाये।

ज्ञातव्य है कि भारतीय इतिहास में मुगलकाल में औरंगजेब को  सबसे क्रूर शासक माना गया है। उसका लगभग 49 सालों तक शासन रहा। यदि इतिहास की नजर में औरंगजेब व डा. कलाम का डीएनए किया जाये तो तब पता चल जायेगा कि देश को वास्तव में औरंगजेब चाहिए या फिर डा. कलाम जैसा महान व्यक्तित्व। औरंगजेब इतिहास विदों की नजर में एक बहुत ही क्रूर शासक था। उसने सत्ता पर कब्जा करने के लिए अपे ही परिवार का खात्मा कर डाला था।

औरंगजेब ने अपने भाई दाराशिकोह का सिर कटवाकर  अपने पिता को समर्पित किया था क्योंकि दाराशिकोह स्वयं बहुत ही उदारवादी मुस्लिम था। उसने वेदों व कई हिंदू ग्रंथों का फारसी भाषा में अनुवाद किया था। औरंगजेब ने सिखों के गुरू तेगबहादुर का भी सिर कटवा दिया था। यह बहुत ही क्रूर शासक था। कहा जाता हे कि औरंगजेब ने सात सौ से अधिक हिंदू मंदिरों को ध्वंस किया था तथा कई शिक्षा मंदिरों को भी निशाना बनाया था। इसमें वाराणसी का काशी विश्वनाथ मंदिर भी शामिल है। औरगजेब ने हिंदुओं पर जजियाकर लगवाया था। जिसके कारण तमाम हिंदू परिवार व संपूर्ण जनमानस त्राहि – त्राहि कर उठा था। औरंगजेब के सैनिक बड़ी क्रूरता से वसूली करते थे। इस दौरान मुस्लिम सैनिक हिंदुओं पर  धर्म परिवर्तन करने के लिए दबाव बनाते थे तथा हिंदू परिवारों की युवतियों की अस्मत को बुरी तरह से रौंदते थे तथा उन्हें औरंगजेब के हरम में पहुंचाने का बंदोबस्त करते थे।यह मुस्लिम सैनिक कहीं भी कभी भी  किसी भी हिंदू घर में घुसकर अपने कामों को अंजाम देते थे।जो हिंदू भय से मुस्लिम बन जाता था उसे थोड़ी बहुत जिंदगी की भीख मिल जाती थी।इतिहास में प्रमाण मिलते हैं कि भात के इतिहास में औरंगजेब एक ऐसा हिटलरी शासक था जो आंकक का रहनमा बन चुका था। हिंदू जनमानस भय और निराशा के वातावण में जी रहा था।आज कांग्रेस व अन्य सहयोगी दल ऐसे क्रूर आततायी के नाम की पटिटका हटाने का विरोध केवल और केवल मुस्लिम वोट पाने के लिए कर रहे हैं।  औरंगजेब अपने परिवार को समाप्त करने के बाद शासक बना ।

जबकि डा. कलाम पूरी तरह से लोकत्रांत्रिक तरीके से देश के राष्ट्रपति बने। उन्होनें देश की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में कोई कसर नहीं शेष रखी। डा. कलाम ने देश को अग्नि व पृथ्वी जैसी मिसाइलें दी जिससे उनका नाम मिसाइलमैन पड़ा। डा. कलाम देश के सभी धर्मो को बराबर सम्मान देते थे। वी गीता और कुरान तथा रामचरितमानस सभी कुछ पढ़ते थे। वे रामेश्वरम में दर्शन भी करते थे तो नमाज भी पढ़ते थे। डा. कलाम पंथनिरपेक्षता की अभूतपूर्व मिसाल थे। डा. कलाम देश के ऐसे राष्ट्रपति बने जो जनता के कहलाये। डा. कलाम को देश की जनता का अभूतपूर्व प्यार और सम्मान मिला । आज कांग्रेस व तथाकथित सेकुलरदल वोटबैंक के लालच में यह भी भूल गयी है कि हमारे लिए औरंगजेब जरूरी है या डा. कलाम। वास्तव में कांग्रेस व वामपंथी दलों की मानसिकता ही है औंरंगजेबी। इन लोगों के शासनकाल में बहुसंख्यक हिंदू समाज कभी सुरक्षित नहीं रहा अपितु उसका अधोपतन ही हुआ है धर्म आधारित जनगणना के आंकड़े आज इसका ज्वलंत उदाहरण हैं। अब देश की जनता को भविष्य की राजनीति में यह भी तय करना है कि उसे देश में औरंगजेबी मानसिकता वाले दलों का शासन चाहिए या डा. कलाम की मानसिकता वाले दलों का। डा. कलाम के नाम पर सबसे ज्यादा परेशानी हर बार की तरह औवेसी को हुई। फिर उनके पीछे सब हो लिये। औरंगजेब को आज भी पाकिस्तान की किताबों में नायक बताया जाता है।

इन सभी दलों को सही जवाब दिया है  महाराष्ट्र की शिवसेना ने। शिवसेना का तो कहना है कि अब महाराष्ट्र के औरंगाबाद जिले का नाम बदलकर संभाजीनगर कियाजायेगा। उनका यह प्रस्ताव पिछली सरकार में पारित हो गया था लेकिन केंद्र में भाजपा सरकार न होने के कारण यह लागू नहीं हो सक था। वही प्रस्ताव अब फिर लाने का प्रयास किया जा रहा है जिस पर काम चालू भी हो गया है। संघपरिवार व उससे जुड़ें इतिहासकारों का सपष्ट मत है कि अब समय आ गयाहै कि देश पर हमला करने वालों के नाम पर जितनी सडक़े व शहर आदि हैं अब उनका नाम परिवर्तन का समय आ गया है। वहीं कांग्रेसी व वामपंथी खूब जोर से हल्ला मचायेंगे। भगवाकरण का आरोप लगायेंगे। यह देश की जनता को देखना है कि उन्हे क्या चाहिये।

Comment:Cancel reply

Exit mobile version
Kuponbet Giriş
betgaranti giriş
Teknik Seo
grandpashabet giriş
grandpashabet giriş
grandpashabet giriş
grandpashabet giriş
grandpashabet giriş
grandpashabet giriş
grandpashabet giriş
grandpashabet giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
betpark giriş
kolaybet giriş
grandpashabet giriş
grandpashabet giriş
milanobet giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
grandpashabet giriş
milanobet giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
betpark giriş
winxbet giriş
winxbet giriş
betpark giriş
betpark giriş
betgaranti giriş
safirbet giriş
ikimisli giriş
ikimisli giriş
safirbet giriş
ikimisli giriş
safirbet giriş
vaycasino giriş
betnano giriş
milanobet giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
vaycasino giriş
grandpashabet giriş
milanobet giriş
vaycasino giriş
grandpashabet giriş
betpark giriş
milanobet giriş
milanobet giriş
vaycasino giriş
safirbet giriş
safirbet giriş
betpark giriş
ikimisli giriş
betnano giriş
betpas giriş
betpas giriş
safirbet giriş
betnano giriş
betnano giriş
betnano giriş
betnano giriş
betnano giriş
betnano giriş
betasus giriş
betasus giriş
betpark giriş
betpark giriş
hitbet giriş
vaycasino giriş
betpark giriş
ikimisli giriş
savoybetting giriş
milanobet giriş
milanobet giriş
grandpashabet giriş
betorder giriş
milanobet giriş
milanobet giriş
betpas giriş
betpas giriş
betorder giriş
vaycasino giriş
betpark giriş
grandpashabet giriş
betnano giriş
betgaranti giriş
betnano giriş
betpark giriş
galabet giriş
galabet giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
betpas giriş
betpas giriş
betorder giriş
betorder giriş
betnano giriş
betnano giriş
vaycasino giriş
betpark giriş
betpark giriş
betnano giriş
vaycasino giriş
grandpashabet giriş
betpas giriş
betorder giriş
betnano giriş
betnano giriş
mariobet giriş
vaycasino giriş
betgaranti giriş
betpark giriş
milanobet giriş
vaycasino giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betnano giriş
betnano giriş
betper giriş
rekorbet giriş
betnano giriş
betticket giriş
betnano giriş
betper giriş
betpark giriş
betpark giriş
savoybetting giriş
grandpashabet giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş