Categories
राजनीति

भ्रष्टाचार मिटाने की दिशा में पी.एम. के प्रभावी कदम

वीरेन्द्र सिंह परिहार

हमारे देश में भ्रष्टाचार एक बड़ी समस्या है। कुल मिलाकर यदि इसे देश की मुख्य समस्या ही नहीं बल्कि मूल समस्या कहा जाए तो कतई अतिशयोक्ति नहीं होगी। कहने वाले कह सकते हैं कि देश में व्याप्त भयावह गरीबी, बेकारी एवं महंगाई को क्यों देश की मुख्य समस्या नहीं कहा जाना चाहिए? पर भ्रष्टाचार देश की मुख्य ही नहीं, मूल समस्या इसलिए कहा जा सकता है कि ये सारी समस्याएॅ भ्रष्टाचार की ही संताने हैं। नरेन्द्र मोदी जब गुजरात के मुख्यमंत्री हुआ करते थे, तभी वह कहा करते थे- ‘‘न मैं खाता हूँ न खाने देता हूँ।’’ वह सिर्फ यह कहते नहीं थे, इन्होंने इसे राजधर्म मानते हुए पूरी कठोरता के साथ निभाया भी था। तभी तो उनके शासनकाल में गुजरात विकास की नई ऊॅचाईयों को छू सका, और नरेन्द्र मोदी को रोल-मॉडल मानते हुए देश के मतदाताओं ने केन्द्र में भाजपा को सत्ता सौंप दी। मोदी को यह अच्छी तरह पता था कि देश में जिस ढंग का भयावह भ्रष्टाचार व्याप्त है, उसके चलते देश को विकास के पथ पर द्रुतगति से नहीं दौड़ाया जा सकता। फलत: देश का प्रधानमंत्री बनते ही उन्होंने भ्रष्टाचार पर प्रभावी रोक लगाने के लिए कठोर कदम उठाने शुरू कर दिए।

मोदी सरकार ने केन्द्र की सत्ता में आते ही सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के कार्यालयों में सही समय पर उपस्थिति एवं पूरे कार्यालयीन समय में उपस्थित रहने के लिए बायोमीट्रिक प्रणाली की शुरूआत की। जिससे अधिकारी और कर्मचारी समय पर कार्यालय आने और समय पर जाने लगे, इतना ही नहीं कार्यालयीन समय में वह अपनी सीटों पर बैठकर काम करें, इसकी भी पुख्ता व्यवस्था हो गई।

निस्संदेह इस तरह से कार्य-संस्कृति में व्यापक स्तर पर बदलाव आया तथा अधिकारी और कर्मचारी अपनी सीटों पर मिलने लगे, जिससे आमजन की बहुत बड़ी समस्या दूर हो गई। पूर्व मंत्री एवं सांसद जो सालों-साल अपने सरकारी बंगलों में जमा रहते थे, नियत समय पर उनके द्वारा बंगले खाली नहीं करने पर उनके बिजली और पानी के कनेक्शन काट कर बंगले खाली करा लिए गए। कहने का आशय यह कि मोदी सरकार में सिर्फ कानून का राज ही पर्याप्त नहीं, बल्कि खास और आम का अंतर भी समाप्त कर दिया गया। संभी मंत्रियों से अपने और अपने परिवार की सम्पत्ति का विवरण लिया गया, वहीं अधिकारियों को अपनी सम्पत्ति ऑनलाइन करने के लिए आदेशित किया गया। सम्पत्ति की जानकारी न देने या गलत जानकारी देने पर सख्त कार्यवाही का प्रावधान किया गया। आल इण्डिया सर्विस रूल में भारी परिवर्तन करते हुए अधिकारियों को निष्पक्षता एवं बिना भेदभाव के काम करने को कहा गया, वहीं काम में जवाबदेही एवं पारदर्शिता लाने पर भी जोर दिया गया। नियमों के विरुद्ध कोई काम न हो और जो भी कार्य किए जाएं वह जनहित में किए जाएं, ऐसी कार्य-संस्कृति विकसित की गई। पहले सी.बी.आई. या कोई जांच एजेन्सी किसी के विरुद्ध भ्रष्टाचार प्रमाणित भी पाती थी तो उन्हें लंबे समय तक अभियोजन चलाने की अनुमति ही नहीं मिलती थी। लेकिन मोदी सरकार ने यह व्यवस्था कर दी कि भ्रष्टाचार के मामलों में अभियोजन हेतु केन्द्र एवं राज्य सरकारें तीन सप्ताह के भीतर अनुमति देगी, और यदि इस अवधि में अनुमति नहीं दी जाती तो अनुमति मान ली जाएगी। कालेधन को रोकने के लिए मोदी सरकार द्वारा सख्त कानून बनाए गए। जिसका परिणाम यह है कि वैधानिक एवं दूसरी दिक्कतों के चलते विदेशों में जमा कालाधन भले तत्काल वापस न आ पाया हो, लेकिन अब कालेधन का प्रवाह देश से विदेश की ओर तो प्राय: बंद हो गया है।

भ्रष्टाचार को जड़-मूल से उच्छेद करने की दिशा में गत दिनों मोदी सरकार द्वारा एक और बड़ा कदम उठाया गया, अब जिन कर्मचारियों को भ्रष्टाचार के आरोपों से क्लीन चिट मिलेगी, उन्हें ही उनका पेंडिंग प्रमोशन और सुविधाएॅ दी जाएंगी। सरकार की गाइड लाइन के अनुसार अगर डिपार्टमेंट प्रमोशन कमेटी (डीपीसी) की मीटिंग के दौरान भ्रष्टाचार के आरोपों के चलते जिस आईएएस अधिकारियों का प्रमोशन रोका गया था, उनको विजिलेंस से क्लीन चिट मिलने के बाद ही उनका बकाया प्रमोशन दिया जाएगा। रिव्यू डीपीसी की मीटिंग में जिस तारीख पर उस अधिकारी के जूनियर को प्रमोशन मिला, ठीक उसी तारीख को कथित अफसर को भी प्रमोट करना होगा। पर चूँकि मोदी सरकार सचमुच में भ्रष्टाचार को जड़मूल से उखाड़ फेंकना चाहती है, इसलिए वह इस दिशा में और भी कदम उठा रही है। इसके लिए सरकार के विभाग ने नोटिस जारी किया कि तीस साल की सेवा या 50 साल की उम्र पार करने के बाद अधिकारियों के प्रमोशन के लिए परफार्मेंस रिव्यू किया जाएगा। परफार्मेंस रिव्यू में पास नहीं होने पर उनकी छुट्टी कर दी जाएगी। नोटिस के मुताबिक सालाना अप्रेजल में फेल होने पर अधिकारी को तीन महीने की नोटिस देकर रिटायर कर दिया जाएगा। सरकार के आदेश के अनुसार परफार्मेंस के आधार पर ही सरकारी कर्मचारियों को छुट्टी या प्रमोशन मिलेगा।

निस्संदेह मोदी सरकार के ये कदम भ्रष्टाचार दूर करने की दिशा में मील के पत्थर साबित होंगे। बेहतर होज्. सभी राज्य सरकारें भी इन कदमों का अनुकरण करें। कम-से-कम भाजपा शासित राज्यों को तो इनका अनुकरण करना ही चाहिए। यह कितने दुर्भाग्य की बात है कि जब म.प्र. के मुख्यमंत्री को यह कहना पड़ता है कि कलेक्टरों के पास सप्ताह में दो घण्टे भी आम जनता से मिलकर उनकी समस्याएॅ सुनने का समय नहीं है। इतना ही नहीं उन्होंने यह भी कहा कि पटवारी अपने हल्का में लोगों को उपलब्ध नहीं मिलते। यह अच्छी बात है कि प्रदेश के मुखिया को जमीनी हकीकत का पता है, पर इससे यह तो पता चलता है कि प्रशासन में जवाबदेही का अभाव है, जिसके चलते सुशासन दूर की बात दिखती है। दूसरी तरफ दागी और सजायाफ्ता अफसर महत्वपूर्ण जगहों पर जमे हैं, जिस पर लोकायुक्त ने सख्त नाराजगी जाहिर की है। निस्संदेह इससे ऐसा प्रतीत होता है कि प्रदेश में कहीं कुछ गड़बड़ जरूर है और इन सबका एकमात्र निदान मोदी के रास्ते में ही दिखता है।

Comment:Cancel reply

Exit mobile version
Kuponbet Giriş
betgaranti giriş
Teknik Seo
grandpashabet giriş
grandpashabet giriş
grandpashabet giriş
grandpashabet giriş
grandpashabet giriş
grandpashabet giriş
grandpashabet giriş
grandpashabet giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
betpark giriş
kolaybet giriş
grandpashabet giriş
grandpashabet giriş
deneme bonusu
vaycasino giriş
betpark giriş
milanobet giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
grandpashabet giriş
milanobet giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
betpark giriş
winxbet giriş
winxbet giriş
betpark giriş
betpark giriş
betgaranti giriş
safirbet giriş
ikimisli giriş
ikimisli giriş
safirbet giriş
ikimisli giriş
safirbet giriş
vaycasino giriş
betnano giriş
milanobet giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
vaycasino giriş
grandpashabet giriş
milanobet giriş
vaycasino giriş
grandpashabet giriş
betpark giriş
milanobet giriş
milanobet giriş
vaycasino giriş
safirbet giriş
safirbet giriş
betpark giriş
ikimisli giriş
betnano giriş
betpas giriş
betpas giriş
safirbet giriş
betnano giriş
betnano giriş
betnano giriş
betnano giriş
betnano giriş
betnano giriş
betasus giriş
betasus giriş
betpark giriş
betpark giriş
hitbet giriş
vaycasino giriş
betpark giriş
ikimisli giriş
savoybetting giriş
milanobet giriş
milanobet giriş
grandpashabet giriş
betorder giriş
milanobet giriş
milanobet giriş
betpas giriş
betpas giriş
betorder giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
betpark giriş
grandpashabet giriş
betnano giriş
betgaranti giriş
betnano giriş
betpark giriş
galabet giriş
galabet giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
betpas giriş
betpas giriş
betorder giriş
betorder giriş
betnano giriş
betnano giriş