उत्तर प्रदेश : हिंदुत्व विरोधी है मेरी पार्टी, कांग्रेस मुझे पूजा पाठ से रोकती है : राकेश सिंह रायबरेली के कांग्रेस विधायक

कांग्रेस में जबसे सोनिया गाँधी का रंग चढ़ा है, कांग्रेस में हिंदुत्व पर प्रहार तेज हो गए हैं। चुनावों में मंदिरों में जाकर माथा टेकना ठीक उसी तरह है, जैसे आँखों देखी मक्खी खा जाना। आखिर फिरोज जहांगीर का वंश हिन्दू कैसे? दूसरे, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रहे भूतपूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुख़र्जी ने अपनी पुस्तक में सोनिया गाँधी के हिंदुत्व विरोधी होने की बात कही है।
उत्तर प्रदेश के जिस रायबरेली से कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी लगातार 5 बार से सांसद हैं, ब्लॉक चुनावों में कॉन्ग्रेस को वहाँ भी निराशा हाथ लगी। राज्य भर में 852 में से ब्लॉक प्रमुख के 600 से भी अधिक सीटें जीतने वाली भाजपा ने रायबरेली में भी 18 में से 11 सीटें अपने नाम की, जबकि कांग्रेस का खाता तक न खुला। इस हार पर रायबरेली के हरचंदपुर से विधायक राकेश सिंह ने कहा कि पंचवटी परिवार के कांग्रेस से दूर होने के कारण ये सब हो रहा है। 

उन्होंने कहा कि पहले यहाँ जीत होती थी तो कांग्रेस को लगता था कि ये सब उसके कारण हो रहा है, लेकिन उसकी ये ग़लतफ़हमी दूर हो गई होगी क्योंकि पंचवटी परिवार के बिना कांग्रेस  यहाँ नहीं जीत सकती। बता दें कि पंचवटी परिवार में दिनेश प्रताप सिंह, उनके भाई राकेश प्रताप सिंह और अन्य नेता शामिल हैं। राकेश और अदिति कॉन्ग्रेस के बागी विधायक हैं। दिनेश ने सोनिया गाँधी के खिलाफ 2019 लोकसभा का चुनाव लड़ा था।

राज्य में गाँधी परिवार के खासमखास रहे अखिलेश सिंह भी अपने निधन से पहले एक दशक से भी अधिक समय तक बागी हो गए थे और आज उनकी बेटी अदिति सिंह कांग्रेस की बागी विधायक है। राकेश सिंह ने कहा कि रायबरेली में पंचवटी परिवार की बदौलत कांग्रेस है, ये परिवार कांग्रेस की बदौलत नहीं है। उन्होंने कहा कि वो कांग्रेस में हैं, लेकिन उसकी नीतियों के खिलाफ हैं, उसके प्रभारी किशोरी लाल शर्मा के खिलाफ हैं।

राकेश सिंह ने कहा कि कांग्रेस सिर्फ मुस्लिम परस्त राजनीति करती है, जो उन्हें पसंद नहीं है। उन्होंने भाजपा की तारीफ़ करते हुए कहा कि इसमें अच्छे-अच्छे नेता हैं। उदाहरण देते हुए राकेश सिंह ने कहा कि कांग्रेस विधायक होने के बावजूद वो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से क्षेत्र के लिए जो भी काम कराने को कहते हैं, वो पूरा कर देते हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस विधायक होने के बावजूद कोई अच्छा काम करने पर उनकी ही पार्टी उनसे नाराज़ हो जाती है। 

उन्होंने बताया, “जब भी मैं कोई पूजा-पाठ कराता हूँ या अखंड रामायण का पाठ कराता हूँ तो कांग्रेस मुझे ये सब करने से रोकती है। कांग्रेस की ये नीति ही रही है कि कोई अच्छा काम न हो। ये पार्टी शत प्रतिशत हिंदुत्व की विरोधी है। मैं पार्टी छोड़ नहीं रहा, बस कांग्रेस को आगाह करना चाह रहा हूँ कि अगर वो 85% को छोड़ कर केवल 15% को लेकर चलती रही तो कई नेता कांग्रेस छोड़ेंगे।”

उन्होंने कहा कि अगर उन्हें 2022 में कांग्रेस टिकट नहीं देती है तो वो निर्दलीय भी जीत सकते हैं। भाजपा में शामिल होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि ये सब भविष्य के गर्भ में है। बता दें कि राकेश सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर यज्ञ का आयोजन भी करवाया था। साथ ही उनके परिवार ने राम मंदिर के लिए 11 किलो चाँदी की शिलाएँ भी दान में दी थी। राकेश सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश के 75 जिलों में कोई पार्टी के जिलाध्यक्षों का नाम तक नहीं जानता है।

इस चुनाव में अमावा से दिवंगत विधायक अखिलेश कुमार सिंह की पत्नी ब्लॉक प्रमुख के रूप में चुनी गईं। जबकि हरचंदपुर से दिनेश प्रताप सिंह के बेटे पीयूष प्रताप ब्लॉक प्रमुख बने। ये क्षेत्र राकेश सिंह का ही है। शिवगढ़ ब्लॉक में भाजपा के प्रत्याशी पूर्व एमएलसी राकेश प्रताप सिंह के बेटे हनुमंत सिंह की जीत हुई। रायबरेली में दो सीटें समाजवादी पार्टी और 5 सीटें निर्दलीय के खाते में गई, लेकिन कांग्रेस शून्य पर अटकी रही।

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