पड़ गया राम के घर में भी डाका : क्लोन किया चेक देकर राम मंदिर ट्रस्ट से लाखों रुपए उड़ाने का मामला आया सामने

जब सारा देश राम मंदिर निर्माण की बाट जोह रहा है और करोड़ों श्रद्धालु इस बात की प्रतीक्षा में हैं कि कब राम जी का मंदिर बनकर पूरा हो और उन्हें कभी यहां पूजा करने का सौभाग्य प्राप्त हो , तब कुछ ऐसे गिरे हुए लोग भी हैं जो इस पवित्र स्थल पर हो रहे निर्माण कार्य में भी घपला घोटाला करने की गतिविधियों में लगे हुए हैं । सचमुच ऐसे लोगों को देख कर बहुत दुख होता है।
कहते हैं कि “गांव बसा नहीं, लुटेरे पहले आ थमके”, अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के लिए जमा हो रही रकम पर जालसाजों ने हाथ साफ कर दिया। राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के खाते से लाखों रुपए निकाल लिए गए। दो बार ऐसा हुआ। ट्रस्टवालों को इसकी भनक भी नहीं लगी। तीसरी बार में बड़ी रकम निकालने की कोशिश हुई, लेकिन पोल खुल गई। अब पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और जांच चल रही है।
बताया जा रहा है कि ये पूरी धोखाधड़ी चेक की क्लोनिंग करके की गई। मतलब ओरिजिनल चेक ट्रस्ट के ही पास थे, लेकिन उनके सीरियल नंबर दूसरे फर्जी चेक पर छाप दिए गए। दस्तखत भी जालसाजी से बना दिए गए।
‘इंडिया टुडे’ के कुमार अभिषेक की रिपोर्ट के मुताबिक, इस फर्जीवाड़े की शुरुआत हुई 1 सितंबर 2020 के दिन। जालसाज ने लखनऊ के बैंक में एक चेक लगवाया। ढाई लाख रुपए का। ये चेक श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के खाते का क्लोन्ड चेक था। बैंक से चेक पास हो गया। दो दिन बाद ही इसी बैंक में एक और चेक लगाया गया। साढे़ तीन लाख रुपए का। ये चेक क्लोन किया गया था। लेकिन बैंकवालों ने इस पर भी मुहर लगा दी। इस तरह छह लाख रुपए तीन दिन के अंदर ट्रस्ट के खाते से गायब कर दिए गए।
फिर जालसाज ट्रस्ट का एक और क्लोन चेक लेकर बैंक पहुंचा। रकम थी 9 लाख 86 हजार रुपए।अमाउंट बड़ा था, इसलिए बैंक वालों ने ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय को फोन करके कन्फर्म किया। तब उन्होंने बताया कि ऐसा तो कोई चेक जारी करने के लिए नहीं कहा गया है। फिर बैंक ने तुरंत पेमेंट रोकते हुए जांच की तो फर्जीवाड़ा पकड़ में आया। चंपत राय की शिकायत पर अयोध्या कोतवाली में धोखाधड़ी का केस दर्ज किया गया है।

डॉ॰ राकेश कुमार आर्य

डॉ॰ राकेश कुमार आर्य

मुख्य संपादक, उगता भारत

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