भारत में विपक्ष की भूमिका विनाशकारी हो चुकी है ?

विपक्ष बढ़त ले चुका है, और अपने एजेंडे में 100% सफल भी हो चुका है। अब तैयार रहो, बस पंद्रह दिन। बस पंद्रह दिनों में कोरोना ग्रामीण क्षेत्रों में विकराल परिस्थिति उत्पन्न कर देगा जिन क्षेत्रों को वर्तमान मोदी सरकार ने कोरोना वायरस के चपेट में आने से बचा कर रखा था।

आप इस बात को समझने की कोशिश करो कि दिल्ली, महाराष्ट्र, पंजाब और राजस्थान ने इतनी बड़ी चाल चली है जो आपकी समझ से बाहर है। यह चारों राज्य अच्छी तरह से जानते थे कि अगर भारत देश ने कोरोना को फैलने से रोक लिया तो सारा श्रेय वर्तमान की मोदी सरकार को मिलेगा और पूरे विश्व में मोदी की जय जय कार होगी और फिर उसके बाद मोदी या बीजेपी को आने वाले 50 सालों तक सत्ता से हटाना असंभव हो जाएगा। तो ये इनकी रणनीति का एक हिस्सा था कि अपने यहां जो उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और मध्य प्रदेश के मजदूर हैं इनका दाना पानी बंद करो, मकान मालिकों से कह कर इन्हें घर से बाहर निकलवाओ फिर ये भूखे लोग अपने आप इस राज्य को छोड़कर अपने अपने गांव भागेंगे और तब लॉक डाउन तथा सोशल डिस्टेंसिंग का उल्लंघन होगा और भारत में कोरोनावायरस का तेजी से प्रसार होगा जिससे मोदी और भारतीय जनता पार्टी की छवि को बिगाड़ने में सफलता मिलेगी और हो सकता है की अगली बार चुनाव भी जीत जाए।

अभी अभी मैंने ऊपर जो कहा अगर यह सच नहीं है तो आपलोग मुझे इस बात का जवाब दीजिए कि जितने भी बांग्लादेशी और रोहिंग्या हैं क्या आपने उनमें से किसी एक को भी देखा जो वापस बांग्लादेश या वर्मा जाने की कोशिश करते हुए पैदल निकल गया हो????

मुझे पता है इसका जवाब आपलोग जानते हैं लेकिन मुझे नहीं बताएंगे क्योंकि इससे आपका एजेंडा फेल हो सकता है।

विपक्ष को इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि कोरोना से बीजेपी शासित राज्य के लोग पीड़ित हो रहे हैं या कांग्रेस शासित राज्य के लोग। उसे तो बस कोरोना से देश में एक विकराल स्थिति को पैदा करना है जिससे कि वह वर्तमान सरकार के खिलाफ माहौल बना सकें और लोगों में यह संदेश पहुंचा सके कि वर्तमान सरकार असफल है और फेल है।

आने वाले दिन बहुत भयानक होने वाले हैं इसके लिए तैयार रहें जब कोरोना का प्रकोप इन बड़े क्षेत्रफल और जनसंख्या घनत्व वाले राज्यों के गांवों तक पहुंच जायेगा, और हमारी स्थिति आज के अमेरिका स्पेन और इटली जैसी होगी और फिर आप लोगों में से ही कई मित्र मोदी सरकार को गाली देते मिलेंगे।

फिर एक खेल और होगा जब विपक्ष के मुख्यमंत्री इसके बहाने राज्य के खाते में सीधा धन मांगेंगे और फिर शुरू होगा मोदी फेल है, मोदी इस्तीफा दो, बीजेपी हाय हाय, का आलाप-प्रलाप।

ऐसा मेरा मानना है।

1 thought on “भारत में विपक्ष की भूमिका विनाशकारी हो चुकी है ?

  1. हाँ हाँ हाँ हाँ दुनिया का पहला लोकतंत्र जहाँ विपक्ष की आलोचना लोकतांत्रिक होशियार करते हैं। जबकि दुनिया सरकार की आलोचना करती है। सामंतियों की मानसिकता क्या होती है,!इसे सरकार के प्रशंसक कभी नहीं समझ पाएँगे।

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