क्या अर्नब गोस्वामी भी जाएगा जेल : अर्नब गोस्वामी पर f.i.r. कराएगी कॉन्ग्रेस ?

 

अर्नब गोस्वामी, सोनिया गाँधी, मॉब लिंचिंग

आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार
मंगलवार(अप्रैल 21) को छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने रिपल्बिक भारत टीवी के प्रमुख एंकर अर्नब गोस्वामी के खिलाफ सिविल लाइन थाने में एक शिकायत दी है। हालांकि यह शिकायत इस बात पर आधारित है कि अर्नब गोस्वामी ने राहुल गांधी की पत्रकार वार्ता को गलत ढंग से प्रस्तुत किया। कांग्रेस का आरोप है कि अर्नब गोस्वामी ने करोना महामारी के दौरान देश के लोगों को गुमराह किया है फलस्वरूप उनके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 153 बी 188 290 500 504 और 505 के साथ-साथ डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट के तहत मामला दर्ज किया जाय। पुलिस सूत्रों का कहना है कि शिकायत को जल्द ही रोजनामचे में दर्ज कर लिया जाएगा और अर्नब गोस्वामी की गिरफ्तारी के लिए टीम दिल्ली भी रवाना होगी।
उल्लेखनीय है कि 16 अप्रैल को राहुल गांधी ने कोरोना बीमारी पर पत्रकारों के सवालों का जवाब देने के लिए एक वीडियो वार्ता आयोजित की थी। इस पत्रकार वार्ता की पूरी रिकॉर्डिंग यूट्यूब पर उपलब्ध है। उन्होंने इस पत्रकार वार्ता में कहा था कि टेस्टिंग को लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन की गाइडलाइन का अनुसरण किया जाना चाहिए और सरकार को टेस्टिंग बढ़ाना चाहिए ताकि कोरोना के फैलाव का सही आकलन कर उसे रोका जा सके। उन्होंने यह भी कहा था कि टेस्टिंग बढ़ाए बिना किसी के लिए भी यह संभव नहीं होगा कि फैलाव किस तरह से हो रहा है कहां हो रहा है और लॉक डाउन हटने के बाद यह महामारी फिर से फैलना शुरु कर देगी। उन्होंने दक्षिण कोरिया और जर्मनी जैसे देशों के मुकाबले भारत में टेस्टिंग सुविधा और टेस्टिंग करने वाले लोग बढ़ाए जाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया था।
राहुल गांधी के द्वारा कोरोना से लड़ने को लेकर जो तथ्य बताए गए थे उनकी पुष्टि प्रोफेसर स्टीव हैंग जॉन हापकिंस यूनिवर्सिटी जैसे अन्य विशेषज्ञों के द्वारा भी पूरे विश्व में की गई जो कि करोना महामारी को फैलने से रोकने के काम में लगे हुए हैं। उनकी यह राय भी थी कि बिना समुचित टेस्टिंग सुविधाओं के केवल देश को लॉक डाउन करना करोना महामारी से उत्पन्न समस्या का समाधान नहीं हो सकता। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने गरीबों के खाते में सीधे धन जमा किए जाने की जरूरत पर भी बल दिया था ताकि महामारी के कारण आ रही आर्थिक कठिनाइयों से गरीब वर्ग निपट सकें।
कांग्रेस का कहना है कि राहुल गांधी की इस खबर को सही ढंग से प्रस्तुत करने के बजाए अर्णव गोस्वामी ने जानबूझकर पूरी पत्रकार वार्ता को गलत प्रस्तुत किया और कोरोना महामारी के खिलाफ लड़ाई में देश के लोगों को गुमराह किया। अर्णव गोस्वामी ने अपने एक कार्यक्रम में यह बताया कि राहुल गांधी का टेस्ट बढ़ाने का सुझाव पूरी तरीके से गलत है। कांग्रेसजनों ने यह माना कि यदि लोग अर्नब गोस्वामी और उनके टीवी चैनलों पर भरोसा करके टेस्टिंग को अनावश्यक समझ लेंगे तो इससे देश के करोड़ों लोगों के स्वास्थ्य पर गहरा प्रभाव पड़ेगा।
साधुओं की मॉब लिंचिंग पर सोनिया गॉंधी से पूछे थे तीखे सवाल
कांग्रेस पार्टी ख़ुद को स्वतंत्र मीडिया और पत्रकारों की हितैषी बताती है। लेकिन अब उसने ‘रिपब्लिक टीवी’ के संस्थापक संपादक अर्नब गोस्वामी के ख़िलाफ़ एफआईआर दर्ज कराने का फ़ैसला लिया है। पार्टी ने उन पर सोनिया गॉंधी को लेकर गलत टिप्पणी का आरोप लगाया है।
पार्टी का आरोप है कि अर्नब गोस्वामी ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी पर आपत्तिजनक टिप्पणी की है। छत्तीसगढ़ के रायपुर में अर्नब गोस्वामी के ख़िलाफ़ एफआईआर दर्ज कराया गया है। अब पार्टी आधिकारिक रूप से ख़ुद मामला दर्ज करवाएगी। लोग अब कांग्रेस से मीडिया की स्वतंत्रता को लेकर सवाल पूछ रहे हैं।
इससे पहले कांग्रेस पार्टी मीडिया पर हमले का मुद्दा उठाती रही है। हाल ही में जब जम्मू-कश्मीर में घृणा फैलाने वाले पत्रकारों के ख़िलाफ़ एफआईआर दर्ज की गई, तब भी कांग्रेस पार्टी ने मोदी सरकार पर आरोप लगाते हुए मीडिया की आज़ादी का हवाला दिया था।
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी माँग की है कि अर्नब गोस्वामी पर कार्रवाई की जाए। उन्होंने सांसद राजीव चंद्रशेखर से अर्नब को बर्खास्त करने की माँग की। चंद्रशेखर ने उन्हें करारा जवाब देते हुए कहा कि अर्नब को कोई नहीं निकाल सकता, उन्होंने ये सब अपनी मेहनत से ख़ुद पाया है और ‘रिपब्लिक’ के ओनर वही हैं।
पालघर और सोनिया गाँधी पर पूछे सवाल 
महाराष्ट्र के पालघर में दो साधुओं सहित तीन लोगों की भीड़ ने निर्मम तरीके से हत्या कर दी थी। लेकिन कांग्रेस चुप रही। राज्य सरकार में वह शिवसेना के साथ सत्ता में साझीदार है। इस मॉब लिंंचिंग पर चुप्पी को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गॉंधी को घेरते हुए ‘रिपब्लिक टीवी’ के संस्थापक अर्नब गोस्वामी ने तीखे सवाल पूछे थे।
अर्नब ने कहा था कि इस मामले में मीडिया का रवैया काफ़ी पक्षतापूर्ण है। कोरोना वायरस पर तो सभी न्यूज़ चैनल कार्यक्रम कर रहे हैं। लेकिन साधुओं की मॉब लिंचिंग पर सारे के सारे मौन धारण किए हुए हैं। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी पर भी निशाना साधा था और उनसे सवाल पूछे।
अर्नब ने याद दिलाया कि देश की 80% जनसंख्या सनातन धर्म को मानती है। सनातनी है। वे साधुओं की क्रूरता से की गई हत्या से व्याकुल दिखे थे। अर्नब ने कहा था कि आज भारत में हिन्दू होना और भगवा वस्त्र धारण करना पाप हो गया है। अर्नब ने कहा था कि अगर किसी पादरी की हत्या होती तो कांग्रेस पार्टी और इसकी ‘रोम से आई हुई, इटली वाली’ सोनिया गाँधी बिलकुल चुप नहीं रहतीं। अर्नब ने दावा किया कि मॉब लिंचिंग पर सोनिया गाँधी आज चुप हैं तो इसका मतलब है कि वो मन ही मन में खुश भी हैं। 
पादरियों की हत्या होती तो बोलतीं… इस मॉब लिंंचिंग पर चुप्पी को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गॉंधी को घेरते हुए ‘रिपब्लिक टीवी’ के संस्थापक अर्नब गोस्वामी ने तीखे सवाल पूछे हैं। अर्नब ने कहा कि इस मामले में मीडिया का रवैया काफ़ी पक्षतापूर्ण है। कोरोना वायरस पर तो सभी न्यूज़ चैनल कार्यक्रम कर रहे हैं। लेकिन साधुओं की मॉब लिंचिंग पर सारे के सारे मौन धारण किए हुए हैं। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी पर भी निशाना साधा और उनसे सवाल पूछे। अर्नब ने याद दिलाया कि देश की 80% जनसंख्या सनातन धर्म को मानती है। सनातनी है। वे साधुओं की क्रूरता से की गई हत्या से व्याकुल दिखे। अर्नब ने कहा कि आज भारत में हिन्दू होना और भगवा वस्त्र धारण करना पाप हो गया है। मॉब लिंचिंग पर सोनिया गॉंधी को घेरते हुए उन्होंने पूछा कि अगर किसी मौलवी या किसी पादरी की इस तरह से हत्या की गई होती तो क्या मीडिया, सेक्युलर गैंग व राजनीतिक दल आज शांत होते? एक पैनलिस्ट ने जवाब दिया कि अगर ऐसा होता तो अब तक पता नहीं क्या-क्या जला दिया गया होता। इसके बाद अर्नब ने पूछा कि अगर पादरियों की हत्या होती तो क्या ‘इटली वाली एंटोनिया माइनो’ चुप रहतीं? इस दौरान पैनल में ‘तू चीज बड़ी है मस्त-मस्त’ पर ठुमके लगाने वाले और ख़ुद को संभल स्थित कल्कि धाम का पीठाधीश्वर बताने वाले आचार्य प्रमोद कृष्णन भी मौजूद थे। वे कॉन्ग्रेस नेता भी हैं। अर्नब ने उनसे कहा कि अगर किसी पादरी की हत्या होती तो आपकी पार्टी और आपकी पार्टी की ‘रोम से आई हुई, इटली वाली’ सोनिया गाँधी बिलकुल चुप नहीं रहतीं। अर्नब ने दावा किया कि मॉब लिंचिंग पर सोनिया गाँधी आज चुप हैं तो इसका मतलब है कि वो मन ही मन में खुश भी हैं। मॉब लिंचिंग पर सोनिया गॉंधी की चुप्पी को लेकर अर्नब ने कहा:
“सोनिया गाँधी तो खुश हैं। वो इटली में रिपोर्ट भेजेंगी कि देखो, जहाँ पर मैंने सरकार बनाई है, वहाँ पर हिन्दू संतों को मरवा रही हूँ। वहाँ से उन्हें वाहवाही मिलेगी। लोग कहेंगे कि वाह, सोनिया गाँधी ने अच्छा किया। इनलोगों को शर्म आनी चाहिए। क्या उन्हें लगता है कि हिन्दू चुप रहेंगे? आज प्रमोद कृष्णन को बता दिया जाना चाहिए कि क्या हिन्दू चुप रहेंगे? पूरा भारत भी यही पूछ रहा है। बोलने का समय आ गया है।”

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