आम आदमी पार्टी के तीन नेता जेल के भीतर, चौथे केजरीवाल की जाने की तैयारी

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दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को 2 नवंबर 2023 को शराब घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) के समक्ष पूछताछ के लिए पेश होना था। लेकिन उन्होंने ED को चिट्ठी लिखकर पेशी से बचने की चाल चली। लेकिन सवालों का सामना करने में देरी क्यों ? केजरीवाल को यह समझना चाहिए कि वे जितना लंबा इंतजार करेंगे, उतना ही उनकी विश्वसनीयता को नुकसान पहुंचेगा। जनता सच जानना चाहती है और केजरीवाल को सच्चाई सामने लानी चाहिए। उन्हें ईडी के सामने पेश होकर अपना पक्ष रखना चाहिए। इसी मामले में जिस तरह उन्होंने अप्रैल 2023 में सीबीआई के सामने पेश होकर अपनी बात रखी थी। उस दौरान सीबीआई ने उनसे नौ घंटे पूछताछ की थी और लगभग 56 सवाल पूछे थे। दरअसल कट्टर ईमानदार का ढोल पीटने वाले केजरीवाल की सच्चाई अब लोगों के सामने आ चुकी है। उनके तीन करीबी नेता जेल में हैं, एक दर्जन नेताओं को सजा हो चुकी है और 2 नवंबर को ही मंत्री राजकुमार आनंद के ठिकानों पर छापे मारे गए। वहीं शराब घोटाले की छींटे पंजाब तक पहुंच गई है। अब भ्रष्टाचार के दाग केजरीवाल पर भी लग चुके हैं। ऐसे में उन्हें दाग छुपाने की जगह उसे कबूल कर लेना चाहिए। अब देखना यह होगा कि भ्रष्टाचार के सरदार न्याय के कटघरे में कब आते हैं।
सूत्रों के अनुसार, भाजपा विरोधियों के अनुसार केजरीवाल के विरुद्ध कार्यवाही कम से कम दो साल देरी से हो रही है। क्योकि जिसके आदेश के बिना पार्टी में पत्ता न हिलता हो, वहां घोटालों का होना क्या सिद्ध करता है? क्या केजरीवाल को घोटालों की जानकारी नहीं? फिर किस आधार पर अपने आपको और अपनी पार्टी को ईमानदार कहते फिर रहे हैं?
केजरीवाल की भविष्यवाणी सच साबित हो रही
केजरीवाल ने कहा था- ”कल को अगर मनीष सिसोदिया चोरी करेंगे तो मनीष सिसोदिया केजरीवाल का कुछ नहीं लगता, उसको जेल जाना पड़ेगा। कल अगर कोई और मंत्री चोरी करेगा, ये मेरे कोई सगे नहीं लगते, इनको जेल जाना पड़ेगा। कल को कोई हमारा विधायक चोरी करेगा, कोई हमारा सगा नहीं लगता, जेल जाना पड़ेगा। और मनीष कल को अगर मैं चोरी करूंगा तो मैं भी तुम्हारा सगा नहीं लगता, मेरे को भी जेल जाना पड़ेगा।”

गिरफ्तारी के डर से केजरीवाल ईडी के सामने पेश नहीं हुए
पूछताछ के समय गिरफ्तारी के डर से केजरीवाल ईडी के सामने पेश नहीं हुए। आप नेताओं के पूछताछ के दौरान गिरफ्तारी का इतिहास रहा है। शराब घोटाले व मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आप के तीन नेता गिरफ्तार होने के बाद जेल में हैं। दिल्ली के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन, पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और आप सांसद संजय सिंह को पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया गया था। यही वजह है कि आम आदमी पार्टी लगातार मुख्यमंत्री के गिरफ्तार होने की आशंका जाहिर कर रही थी।

पूछताछ से बचने के लिए केजरीवाल ने समन को ही बता दिया गैरकानूनी
केजरीवाल को 2 नवंबर को ईडी के सामने पेश होना था। लेकिन पेशी से पहले उन्होंने ईडी को चिट्ठी लिखकर समन को गैरकानूनी करार दे दिया। ईडी के असिस्टेंट डायरेक्टर जोगेंदर को लिखे पत्र में कहा गया है कि ”समन स्पष्ट नहीं है। मुझे गवाह या संदिग्ध के तौर पर समन किया गया है, ये साफ नहीं है। समन में स्पष्ट कारण नहीं दिया गया है कि मुझे क्यों बुलाया गया है। समन में यह नहीं बताया गया है कि मुझे व्यक्तिगत हैसियत से या दिल्ली के मुख्यमंत्री के रूप में या आम आदमी पार्टी के संयोजक के रूप में बुलाया गया है। ईडी का राजनीति से प्रेरित है, जो केंद्र की सत्ताधारी पार्टी के इशारे पर भेजा गया है। नोटिस यह सुनिश्चित करने के लिए भेजा गया है कि मैं पांच राज्यों में चुनाव प्रचार के लिए न जा पाऊं। ईडी को तुरंत नोटिस वापस लेना चाहिए।” यानि ईडी की पूछताछ से बचने के लिए उन्होंने तरह-तरह के कुतर्क दिए।

क्या केजरीवाल शराब घोटाले में गवाह बनेंगे?
केजरीवाल ने जो ईडी को चिट्ठी लिखी है उसमें सबसे पहला प्वाइंट है- मैं गवाह हूं या संदिग्ध। इसके मायने यह निकाला जा रहा है कि क्या केजरीवाल गवाह बनना चाहते हैं? चूंकि सुप्रीम कोर्ट ने कहा था इस मामले में आम आदमी पार्टी को भी आरोपी बनाया जाना चाहिए। और ईडी ने आरोपी बना दिया है। अब ऐसे में यह तो साफ है कि पार्टी के संयोजक होने के नाते केजरीवाल को संदिग्ध के तौर पर ही ईडी का समन भेजा गया था। इस बात केजरीवाल भी भलीभांति परिचित हैं। ऐसे में कयास यह लगाए जा रहे हैं कि केजरीवाल इस मुद्दे पर मंथन के लिए कुछ समय चाहते हैं इसीलिए 2 नवंबर को वह ईडी के सामने पेश नहीं हुए। लेकिन सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या केजरीवाल शराब घोटाले में गवाह बनेंगे?

सुप्रीम कोर्ट ने पूछा था- आखिर AAP को आरोपी क्यों नहीं बनाया गया
शराब घोटाला केस में आम आदमी पार्टी पर संकट के बादल आ गए हैं। सुप्रीम कोर्ट ने मनीष सिसोदिया की जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान ईडी से पूछा था कि आखिर AAP को आरोपी क्यों नहीं बनाया गया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि शराब नीति का सीधे तौर पर लाभ आम आदमी पार्टी को मिला है। ऐसे में एजेंसी ने अभी तक पार्टी को आरोपी क्यों नहीं बनाया है?

CBI ने केजरीवाल से पूछे थे 56 सवाल
सीबीआई ने इस मामले में अप्रैल 2023 में अरविंद केजरीवाल से नौ घंटे से ज्यादा देर तक पूछताछ की थी। उस दौरान सीबीआई ने शराब घोटाले से संबंधित लगभग 56 सवाल पूछे थे। पूछताछ के बाद अरविंद केजरीवाल ने पूरे मामले को ‘मनगढ़ंत’और आप को खत्म करने का प्रयास करार दिया था।

शराब घोटाले में एक और मंत्री राजकुमार आनंद पर शिकंजा कसा
दिल्ली शराब घोटाले में आम आदमी पार्टी (आप) सरकार के एक और मंत्री पर शिकंजा कस गया है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने राज कुमार आनंद के सिविल लाइंस स्थित ठिकानों की तलाशी के लिए छापा मारा है। दिल्ली के पटेल नगर से विधायक और श्रम एवं समाज कल्याण मंत्री राज कुमार आनंद शराब घोटाले में जांच एजेंसी के निशाने पर आने वाले लेटेस्ट लीडर हैं। उनके आवास समेत कुल नौ ठिकानों पर छापेमारी की गई।

दिल्ली शराब घोटाले में आ चुका राघव चड्ढा का नाम
दिल्ली शराब घोटाले में आम आदमी पार्टी (AAP) नेता राघव चड्ढा का नाम भी आरोपी के रूप में सामने आ चुका है। ईडी की सप्लीमेंट्री चार्जशीट में आप सांसद का नाम शामिल किया गया है। पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया के पीए ने राघव चड्ढा का नाम लिया था। अब सांसद का नाम आना पार्टी के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।

केजरीवाल के बाद भगवंत मान भी आएंगे जांच के घेरे में
शराब घोटाले में दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार बुरी तरह फंस चुकी है। आबकारी मंत्री मनीष सिसोदिया और आम आदमी पार्टी सांसद संजय सिंह पहले ही इस मामले में जेल में हैं, अब मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर भी जांच एजेंसियों का शिकंजा कसता हुआ दिखाई पड़ रहा है। लेकिन शराब घोटाले का मामला केवल दिल्ली तक ही नहीं रुकेगा। माना जा रहा है कि इसकी जांच की आंच में पंजाब सरकार भी झुलस सकती है। इसका सबसे बड़ा कारण यह है कि आम आदमी पार्टी के मोहाली से विधायक कुलवंत सिंह के घर और कार्यालय पर भी छापेमारी हो चुकी है। हालांकि, कुलवंत सिंह ने इसे सामान्य जांच का हिस्सा बताया है, लेकिन जानकारों की मानें, तो इसकी आंच में कुलवंत सिंह के साथ-साथ पंजाब सरकार के कुछ अन्य रसूखदार लोग भी सामने आ सकते हैं।

AAP के किन मंत्रियों और विधायकों को गिरफ्तार किया गया और भ्रष्टाचार के आरोप लगे

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शराब घोटाले आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह गिरफ्तार
शराब घोटाला मामले में आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह को 4 अक्टूबर 2023 को गिरफ्तार कर लिया गया। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने लंबी पूछताछ के बाद संजय सिंह को गिरफ्तार किया। शराब घोटाला मामले में जुलाई 2023 में गिरफ्तार हो चुके दिनेश अरोड़ा ने ईडी के सामने कई खुलासे किए हैं। जमानत पर जेल से बाहर आ चुके दिनेश अरोड़ा अब सरकारी गवाह बन गए हैं। अरोड़ा ने ईडी को जानकारी दी है कि साल 2020 में उनके पास संजय सिंह का फोन आया था। अरोड़ा ने बताया कि संजय सिंह ने उनसे कहा था कि विधानसभा चुनाव आ रहे हैं और पार्टी को अब पैसे की जरूरत है। संजय सिंह ने कहा था कि रेस्तरां मालिक से पैसे मांगने चाहिए। अरोड़ा ने बताया कि एक रेस्तरां में पार्टी के दौरान ही वो दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के संपर्क में आए थे। चार्जशीट के मुताबिक संजय सिंह के कहने पर दिनेश अरोड़ा ने कई रेस्तरां और बार के मालिकों से बात भी की थी। आरोड़ा ने बताया कि इस दौरान 82 लाख रुपए पार्टी फंड के तौर पर इकट्ठा हुए थे, जिसे मनीष सिसोदिया को सौंप दिया गया था। जिस पार्टी में ये पैसे सिसोदिया को दिए गए थे उसमें संजय सिंह और आप के कोषाध्याक्ष राजेंद्र गुप्ता मौजूद थे।

दिल्ली के 18 मंत्रालय संभालने वाले मनीष सिसोदिया शराब घोटाले में गिरफ्तार
दिल्ली के शिक्षा और आबाकारी मंत्री रहे मनीष सिसोदिया को शराब घोटाले में सीबीआई ने 26 फरवरी, 2023 को गिरफ्तार किया। सीबीआई ने कहा कि सिसोदिया ने शराब घोटाले में आपराधिक साजिश रची और सबूतों को मिटाने की भी कोशिश की। दिल्ली सरकार में मनीष सिसोदिया सबसे प्रभावशाली मंत्री थे। AAP के नेता और उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के पास 18 मंत्रालय थे। सत्येंद्र जैन की गिरफ्तारी के बाद उनके मंत्रालय भी सिसोदिया के पास ही थे। दरअसल मनीष सिसोदिया जिस मामले में जेल में बंद है वो दिल्ली सरकार की नई शराब नीति से जुड़ा हुआ है। दिल्ली सरकार ने साल 2021 में नई एक्साइज पॉलिसी लागू की थी। केजरीवाल सरकार ने नई आबकारी नीति को लेकर दावा किया था कि इससे सरकार के राजस्व में बढ़ोतरी होगी और माफिया राज खत्म होगा। हालांकि नई शराब नीति आने के बाद इसका उल्टा हुआ। दिल्ली के तत्कालीन मुख्य सचिव ने जुलाई 2022 में दिल्ली के उपराज्यपाल को एक रिपोर्ट सौंपी जिसमें राजस्व को नुकसान होने और शराब कारोबारियों को फायदा पहुंचाए जाने का जिक्र था।

दिल्ली स्वास्थ्य मंत्री रहे सत्येंद्र जैन मनी लॉन्ड्रिंग केस में गिरफ्तार
दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन को 30 मई 2022 को प्रवर्तन निदेशालय ने मनी लॉन्ड्रिंग केस में गिरफ्तार किया था। सत्येंद्र जैन के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में मुकदमा दर्ज है। आय से अधिक संपत्ति और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जैन, उनकी पत्नी पूनम और अन्य पर केस दर्ज किया गया। सत्येंद्र जैन पर आरोप है कि उन्होंने दिल्ली ने कई शेल कंपनियां बनाई और खरीदी थी। कोलकाता के तीन हवाला ऑपरेटर्स से 54 शेल कंपनियों के जरिए 16.39 करोड़ रुपए का काला धन भी ट्रांसफर किया। ईडी जैन की 4.81 करोड़ की संपत्ति जब्त कर चुकी है।

AAP के विधायक अमानतुल्लाह खान गिरफ्तार
आम आदमी पार्टी के विधायक और दिल्ली वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष अमानतुल्लाह खान को दिल्ली एंटी करप्शन ब्यूरो ने 16 सितंबर 2022 को दिल्ली वक्फ बोर्ड में भ्रष्टाचार के आरोप में गिरफ्तार किया था। दिल्ली सरकार की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा ने आप विधायक के छह से अधिक ठिकानों पर छापेमारी की थी। छापेमारी के दौरान एक पिस्टल, कई कारतूस और 24 लाख से अधिक नगद समेत कई आपत्तिजनक दस्तावेज मिले। अमानतुल्लाह खान के जामिया के गफूर नगर में रहने वाले सबसे करीबी हामिद अली खान के यहां से अवैध पिस्टल, कारतूस और 12 लाख रुपये बरामद हुए। एक अन्य जगह से भी 12 लाख रुपये नकद मिला।

पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री विजय सिंगला भ्रष्टाचार में गिरफ्तार
मार्च 2022 में पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार बनी और दो महीने बाद ही मुख्यमंत्री भगवंत मान ने स्वास्थ्य मंत्री डॉ. विजय सिंगला को अपनी कैबिनेट से हटा दिया। उन पर रिश्वत लेने के आरोप लगे, जिसके बाद उन्हें मंत्रिमंडल से बाहर का रास्ता दिखाया गया। इसके बाद पंजाब पुलिस की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा ने 24 मई 2022 को उन्हें गिरफ्तार कर लिया। मुख्यमंत्री भगवंत मान के निर्देश पर डॉ. विजय सिंगला के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। करीब 10 वर्ष पहले विजय सिंगला आम आदमी पार्टी में शामिल हुए थे। इस बार के पंजाब विधानसभा चुनाव में डॉ. विजय सिंगला ने मानसा से प्रसिद्ध गायक और कांग्रेस उम्मीदवार सिद्धू मूसेवाला को 60,000 से अधिक वोटों से हराया था। सिंगला की गिरफ्तारी के बाद भगवंत मान ने अपने को पाक-साफ और ईमानदार बताते हुए कहा कि मेरे ध्यान में एक केस आया। इस केस में मेरी सरकार का मंत्री शामिल था। एक ठेके में मेरी सरकार का मंत्री 1 फीसदी कमीशन मांग रहा था। इस केस का सिर्फ मुझे पता था। इस केस को दबाया जा सकता था। लेकिन ऐसा करना पंजाब की जनता के साथ धोखा होता। इसलिए तुरंत एक्शन लिया गया।

आप विधायक बलबीर सिंह को पत्नी, बेटी और बेटे समेत 3 साल की जेल
पंजाब में आम आदमी पार्टी के विधायक बलबीर सिंह, उनकी पत्नी, बेटी और बेटे को 23 मई 2022 को कोर्ट ने तीन साल जेल की सजा सुनाई है। मामला 11 साल पुराना है। पंजाब के पटियाला (ग्रामीण) से विधायक बलबीर सिंह और अन्य पर उनकी एक रिश्तेदार पर हमला करने का आरोप है। हालांकि, अदालत ने बलबीर सिंह, उनकी पत्नी रुपिंदर कौर, बेटे राहुल और एक अन्य व्यक्ति को सजा सुनाने के बाद जमानत दे दी। आप विधायक के खिलाफ मामला 2011 में उनके परिवार और उनकी पत्नी की बहन परमजीत कौर के बीच झगड़े से संबंधित है, जिनका विधायक के परिवार के साथ भूमि विवाद था। चारों को आईपीसी की धारा 323 (स्वेच्छा से चोट पहुंचाने), धारा 324 (स्वेच्छा से खतरनाक हथियार से चोट पहुंचाने), धारा 325 (स्वेच्छा से गंभीर चोट पहुंचाने) और आईपीसी की धारा 506 (आपराधिक धमकी) के अपराध के लिये सजा सुनाई गई।

रिश्वत लेने के मामले में AAP की निगम पार्षद को CBI ने किया गिरफ्तार
मकान की छत बनाने देने के बदले ₹20000 की रिश्वत ले रही पूर्वी दिल्ली से आम आदमी पार्टी की निगम पार्षद गीता रावत को केंद्रीय जांच ब्यूरो ने उसके एक सहयोगी समेत फरवरी 2022 को गिरफ्तार किया। सीबीआई के मुताबिक उसका सहयोगी उसके ऑफिस के पास ही मूंगफली बेचने का काम करता है। सीबीआई प्रवक्ता आरसी जोशी के मुताबिक जिन लोगों को गिरफ्तार किया गया है, उसमें पूर्वी दिल्ली की वार्ड संख्या दस ई की निगम पार्षद गीता रावत और उसका सहयोगी बिलाल शामिल है। सीबीआई के मुताबिक शिकायतकर्ता ने भ्रष्टाचार निरोधक शाखा को शिकायत की थी कि उसे अपने मकान के ऊपर छत बनवानी थी। आरोप है कि इस छत को डालने देने के बदले निगम पार्षद गीता रावत ने 20000 रुपए की रिश्वत मांगी। यह भी आरोप है कि शिकायतकर्ता द्वारा रिश्वत की रकम न दिए जाने पर उसे गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी गई। शिकायतकर्ता को कहा गया कि वह यह रकम उसके ऑफिस के पास मूंगफली आदि बेचने वाले बिलाल को दे दे। सूचना के आधार पर सीबीआई ने मामले की आरंभिक जांच की। इस जांच के दौरान जब आरंभिक तौर पर यह पाया गया कि वास्तव में रिश्वत की मांग की गई है तो सीबीआई ने रंग लगे नोट देकर शिकायतकर्ता को रिश्वत देने भेजा। इसके बाद रिश्वत ले रहे बिलाल और निगम पार्षद गीता रावत को गिरफ्तार कर लिया गया।

AAP की पूर्व पार्षद निशा सिंह को 7 साल की जेल
आम आदमी पार्टी से जुड़ी गुरुग्राम की पूर्व पार्षद निशा सिंह को एक अदालत ने 7 साल की सजा सुनाई। दरअसल निशा सिंह पर 2015 में एक भीड़ को भड़काने का आरोप है, जिसने पुलिस टीम पर पेट्रोल बम और पत्थरों से हमला कर दिया था। यह पुसिल टीम अतिक्रमण हटाओ अभियान के तहत शहर के सेक्टर-47 स्थित झीमर बस्ती गई हुई थी। 7 साल पहले हुई इस घटना में 17 लोगों को सजा सुनाई गई है, जिसमें 10 महिलाएं शामिल हैं। पार्षद निशा सिंह के अलावा बाकी सभी ग्रामीण महिलाएं हैं। पूर्व पार्षद निशा सिंह ने राजनीति में कदम रखने के लिए प्राइवेट नौकरी छोड़ दी थी। 2011 में उन्होंने गुरुग्राम नगर निगम का चुनाव निर्दलीय लड़ा और वार्ड नंबर 30 से पार्षद चुनी गईं। बाद में उन्होंने आम आदमी पार्टी जॉइन कर लिया और 2016 तक पार्षद रहीं। 15 मई 2015 को हुई इस झड़प के बाद पार्षद सिंह को 18 अन्य लोगों के साथ गिरफ्तार कर लिया गया था। उसके बाद से ये लोग बेल पर बाहर थे, लेकिन अदालत के आदेश के बाद घटना के सभी आरोपियों को भोंडसी जेल भेज दिया गया।

पुलिसकर्मी को कार की बोनट पर घसीटने वाला AAP नेता युवराज सिंह जडेजा गिरफ्तार
ऑन ड्यूटी पुलिसकर्मी को कार की बोनट पर बिठाकर घसीटने के आरोप में गुजरात में आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता युवराज सिंह जडेजा को अप्रैल 2022 में गिरफ्तार किया गया। जडेजा आप पार्टी के यूथ विंग के नेता हैं। हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कर उन्हें साबरमती जेल भेज दिया गया है। गिरफ्तारी 5 अप्रैल 2022 को हुई। जडेजा की गिरफ्तारी गांधी नगर पुलिस ने की। पुलिस ने कोर्ट से आरोपित आप नेता का रिमांड नहीं मांगा। इसके बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में साबरमती जेल भेज दिया गया। जडेजा के साथ उनका एक साथी भी जेल भेजा गया। जडेजा पर IPC की धारा 332 (ऑन ड्यूटी स्टॉफ पर हमला करने) और 307 (जान से मारने के प्रयास) के तहत केस दर्ज किया गया।

सोमनाथ भारती यूपी में गिरफ्तार, कहा था- यूपी के अस्पतालों में कुत्ते पैदा हो रहे
आप सरकार में मंत्री रहे सोमनाथ भारती को भी कई तरह के विवादों में फंसने के कारण इस्तीफा देना पड़ा था। जनवरी 2021 में उत्तर प्रदेश के दौरे पर उन्हें गिरफ्तार भी किया गया। उनका घरेलू विवाद भी मीडिया की सुर्खियां बना रहा। उत्तर प्रदेश के सरकारी अस्पतालों पर विवादियत बयान देने वाले आम आदमी पार्टी के विधायक सोमनाथ भारती को अमेठी पुलिस ने 11 जनवरी 2021 को गिरफ्तार कर लिया। आप विधायक ने जगदीशपुर में कहा था कि यूपी के अस्पतालों में बच्चे तो पैदा हो रहे हैं, लेकिन कुत्ते के बच्चे पैदा हो रहे हैं। इसके अलावा अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) के सुरक्षा कर्मचारियों पर हमला करने और सार्वजनिक संपत्ति को नष्ट करने के लिए AAP विधायक सोमनाथ भारती को 2016 के एक मामले में दोषी करार दिया गया था। उन्हें जो 2 साल जेल की सजा सुनाई गई थी।

फर्जी डिग्री के मामले में जेल गए केजरीवाल के मंत्री जितेंद्र सिंह तोमर
2015 में आम आदमी पार्टी (आप) से जीत हासिल करने वाले जितेंद्र सिंह तोमर को अरविंद केजरीवाल ने अपनी कैबिनेट में कानून मंत्री बनाया था। इसके बाद तोमर पर अपनी शिक्षा को लेकर गलत जानकारी देने का आरोप लग गया। जांच के बाद पुलिस ने तोमर को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद 2020 में दिल्ली हाईकोर्ट ने जितेंद्र सिंह तोमर के 2015 के चुनाव को रद्द कर दिया। तोमर दिल्ली की त्रिनगर विधानसभा से चुनाव जीतकर विधायक बने थे।

आप के मंत्री संदीप कुमार सीडी कांड में फंसे, गिरफ्तार
आप सरकार के एक अन्य मंत्री संदीप कुमार भी सीडी कांड में फंस गए थे। उनके पास महिला एवं बाल कल्याण मंत्रालय था। इस मामले में सितंबर 2016 में उन्हें जेल की सलाखों के पीछे जाना पड़ा था। आप नेता को नवंबर 2016 में जमानत दे दी गई थी। उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया गया था।

आरबीएल निगम वरिष्ठ पत्रकार

( फोटो नवभारत टाइम्स के साभार)

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