क्रिसमस से जुड़े आयोजन पर्व नहीं गंभीर वैश्विक प्रदूषक मानवीय क्रियाकलाप है*”

IMG-20221225-WA0004

लेखक आर्य सागर खारी🖋️

दुनिया की 240 करोड ईसाई आबादी 50 से अधिक क्रिस्चियन कंट्री अर्थात जो संवैधानिक तौर पर ईसाई स्टेट घोषित हैं में दिसंबर का महीना आते आते वर्ष के सबसे बड़े प्रदूषक सामूहिक क्रियाकलाप प्रकृति पर्यावरण इकोलॉजी के लिए दूरस्थ क्षति क्रिसमस फेस्टिवल कृत्रिम क्रिसमस ट्री को तैयार करने मैं जुट जाते हैं |

क्रिसमस ट्री को सजाना क्रिसमस पर्व का एक अभिन्न अंग है जिसकी environmental cost बहुत भारी पड़ती है| नामी विश्वविद्यालय के प्रोफेसर पश्चिम के पर्यावरण विशेषज्ञ एक स्वर में अब कहने लगे हैं क्रिसमस टू बी द वर्ल्ड ग्रेटेस्ट एनुअल एनवायरमेंटल डिजास्टर अर्थात क्रिसमस का पर्व विश्व के लिए सालाना सबसे बड़ी प्राकृतिक त्रासदी है | यह ऐसा पर्व है इसे सही मूल स्वरूप में मनाए या आज के प्रचलित स्वरूप में दोनों ही स्थितियों में यह पर्यावरण के लिए हानिकारक है|

अकेले अमेरिका में ही 3 मिलियन से अधिक हरे-भरे चीड़ के पेड़ों को काट दिया जाता है यदि प्राकृतिक क्रिसमस ट्री को सजाया जाए उसके लिए…. 1 वर्ष में चीड़ के पेड़ को तैयार करने के लिए अंधाधुंध जल खतरनाक glyphosphate केमिकल्स का इस्तेमाल किया जाता है जो कैंसर कारक है| अब कृत्रिम क्रिसमस ट्री की बात करें तो यह पूरी तरह प्लास्टिक एलमुनियम से तैयार किया जाता है| अकेले ब्रिटेन में ही 125000 टन प्लास्टिक कचरा इससे उत्पन्न होता है अब 50 देशों कि आप गणना कर लीजिए सबसे बड़ी ईसाई आबादी संयुक्त राज्य अमेरिका में है वहां यह आंकड़ा 1 मिलीयन से ऊपर पहुंच जाता है| क्रिसमस ट्री के साथ-साथ रैपिंग पेपर खतरनाक प्लास्टिक एलुमिनियम के सूक्ष्म कण Glitter डेकोरेटिव टूल प्लास्टिक टॉयज का भी इस्तेमाल होता है जो global environment climate के लिए भयंकर चुनौती बनता है…. दुनिया में एकाएक दिसंबर के महीने में खाद्यान्न की बर्बादी बढ़ जाती है अकेले ब्रिटेन में ही 10 अरब पाउंड का खाना बर्बाद होता है… इस को उगाने में बेशकीमती प्रकृतिक संसाधन खर्च होते हैं |

ऋतु चक्र कृषि विशेषज्ञ इसे सीजन ऑफ वेस्ट कहते हैं|
दुनिया की लगभग 32 फ़ीसदी ईसाई आबादी इस पर्व को बनाती है महामूड कथित सेकुलर जमात को जोड़ ले तो 40 फ़ीसदी से अधिक यह आंकड़ा पहुंच जाता है…. दिसंबर के महीने में प्रकृति पृथ्वी का संतुलन नकारात्मक तौर पर प्रभावित होता है| नासा के मुताबिक दिसंबर के महीने में जबरदस्त प्रकाश प्रदूषण होता है लाइटनिंग से ऊर्जा की अनावश्यक खपत होती है इससे अन्य रात्रि जीवों व मनुष्य को बहुत दिक्कत होती है | किसी भी दृष्टिकोण से किसमस पर्व नहीं केवल और केवल प्रदूषण कारक क्रियाकलाप है इसका ना ही भौगोलिक ऐतिहासिक सांस्कृतिक पर्यावरण महत्व है …….|

पर्यावरण की चिंता के साथ साथ से नो टू क्रैकर्स से बहुत पहले “से नो टू क्रिसमस” पूरे जैव जगत के हित के लिए जरूरी है… क्योंकि ईद की तरह ही क्रिसमस पर भी बड़े पैमाने पर जीवो का शिकार क़त्ल खानों में उनका वध किया जाता है….|

सोशल इंजीनियरिंग का फार्मूला जिसकी जितनी संख्या भारी उसकी उतनी हिस्सेदारी की तर्ज पर प्रकृति पर्यावरण पृथ्वी को बचाने के लिए यह फार्मूला व्यवहारिक तौर पर लागू होना चाहिए जिसकी जितनी संख्या भारी उतनी उसकी जिम्मेदारी जवाबदेही तय होनी चाहिए…. ईसाई संस्थाओं ईसाई मत के मानने वालों को खुले हृदय से क्रिसमस फेस्टिवल जैसे फिजूल प्रदूषण कारक क्रियाकलाप का त्याग करना चाहिए….|

आर्य सागर खारी✍✍✍

Comment:

betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
kolaybet giriş
betpark giriş
betpark giriş
kolaybet giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
meritking giriş
meritking giriş
meritking giriş
meritking giriş
meritking giriş
meritking giriş
meritking giriş
meritking giriş
meritking güncel giriş
betnano güncel giriş
betnano güncel giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
meybet giriş
meybet giriş
betnano giriş
meritking giriş
meritking giriş
hititbet giriş
meybet
meybet
orisbet giriş
orisbet giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
vdcasino giriş
bettilt giriş
vdcasino giriş
bettilt giriş
hititbet giriş
bettilt giriş
bettilt giriş
vdcasino giriş
vdcasino giriş
vdcasino giriş
parobet giriş
parobet giriş