बांग्लादेश से भागकर दिल्ली आए रोहिंग्या बना रहे हैं अपना ठिकाना

 

सुरक्षा एजेंसियों ने गणतंत्र दिवस को देखते हुए घुसपैठियों के खिलाफ बड़ा अभियान छेड़ा है। इसके तहत दिल्ली में छुपकर रह रहे रोहिंग्या घुसपैठियों के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। 

आनंद विहार रेलवे स्टेशन के बाहर रविवार (जनवरी 17, 2021) को 6 संदिग्ध रोहिंग्या को हिरासत में लिया गया। दिल्ली पुलिस ने बताया कि उनके खिलाफ पटपड़गंज औद्योगिक क्षेत्र थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है। ये ट्रेन से 6 जनवरी को दिल्ली पहुँचे थे। इन सभी को लामपुर डिटेंशन सेंटर भेज दिया गया है।

दिल्ली पुलिस और केंद्र सरकार को  ट्विटर पर उठायी संभावनाओं पर विचार करते हुए आप विधायक अमानतुल्ला से भी पूछताछ करने के साथ-साथ उत्तम नगर, लक्ष्मी नगर, सीलमपुर, सीमापुरी और विकासपुरी आदि क्षेत्रों में सघन जाँच करनी चाहिए। जहाँ चर्चा है कि हिन्दू नाम से आधार कार्ड बनवाकर बांग्लादेश और रोहिंग्या घरों में काम कर रहे/रही हैं। इसके साथ-साथ जामा मस्जिद क्षेत्र में भिखारियों की भी जाँच अनिवार्य है।

 

इन रोहिंग्या शरणार्थियों को वापस भेजने के लिए FRRO को जानकारी दे दी गई है। पुलिस के मुताबिक, ये सभी ट्रेन के जरिए त्रिपुरा से दिल्ली आए थे। इनके पास भारतीय होने का कोई दस्तावेज नहीं था। विदेश मंत्रालय के जरिए इन्हें वापस भेजा जाएगा।

इससे पहले उत्तम नगर थाना पुलिस ने हस्तसाल इलाके में पिछले करीब ढाई महीने से रह रहे म्यांमार के दो नागरिकों को गिरफ्तार किया। दोनों रोहिंग्या हैं। दोनों आरोपितों की पहचान हामिद हुसैन और नबी हुसैन के रूप में हुई। दाेनों म्यांमार के बुथीडोंग इलाके के रहने वाले हैं। नवंबर महीने में ये बांग्लादेश की सीमा पार करने के बाद भारत में दाखिल हुए और फिर दिल्ली पहुँचे। ये किस मकसद से यहाँ रह रहे थे, पुलिस अभी इसकी तहकीकात कर रही है।

पुलिस को इनके इलाके में होने की सूचना सूत्रों से प्राप्त हुई। इसके बाद पुलिस ने दोनों के बारे में पता किया, जिसके बाद इन्हें पकड़ा। दोनों एक ही कमरे में रह रहे थे। पुलिस ने जब इनसे पूछताछ शुरू की तो ये कुछ स्पष्ट तौर पर नहीं बोल रहे थे। इनसे जब कागजात की माँग की गई तो ये पुलिस के समक्ष प्रस्तुत नहीं कर पाए। पकड़े गए दोनों लोगों को जेल भेज दिया गया है।

पुलिस के बयान के मुताबिक, “15 जनवरी को फॉरेनर्स एक्ट की धारा 14 के तहत एक केस दर्ज किया गया था, जिसके बाद जाँच शुरू की गई थी। जाँच के दौरान पता चला कि दोनों आरोपी म्यांमार के स्थायी निवासी हैं और एक नवंबर, 2020 को बांग्लादेश बॉर्डर के जरिए अवैध तरीके से भारत में घुस आए थे।”

पिछले दिनों रेलवे पुलिस ने बिहार के किशनगंज से लगभग 90 किलोमीटर की दूरी पर स्थित न्यू जलपाईगुड़ी स्टेशन पर 10 रोहिंग्या मुस्लिमों को गिरफ्तार किया था। ये सभी बुधवार (13 जनवरी 2021) की दोपहर 02501 अगरतला-नई दिल्ली राजधानी स्पेशल ट्रेन से गिरफ्तार किए गए। इसमें 3 पुरुष, 2 महिला और 5 बच्चे शामिल थे। गिरफ्तार किए गए सारे रोहिंग्या मुस्लिम बांग्लादेश के कॉक्स बाज़ार स्थित कुटूपालंग शिविर से फरार हुए थे।

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