घुसपैठ करने वाले और जिहादी हैं देश के दुश्मन

9739

 

 

पिछले दिनों समाचार पत्रों से पुनः यह ज्ञात हुआ है कि रोहिंग्या मुस्लिम घुसपैठियों को जम्मू में बसा कर वहां के जनसंख्या संतुलन (डेमोग्राफी) को बिगाड़ कर देश को निरंतर आहत किया जा रहा है। वर्षों से बंग्लादेशी व अब म्यांमार के घुसपैठियों ने हमारे देश में अपराध व आतंक को बढ़ाने में अपनी जिहादी मानसिकता का ही परिचय दिया है। बार-बार वर्षों से ऐसे समाचार पढ़ कर ह्रदय अत्यंत आक्रोशित हो उठता है। चिंतन करना होगा कि दशकों से बंग्ला देश के करोड़ों घुसपैठिये (अवैध नागरिक) हमारी भूमि पर बसने के उपरांत भी उनका घुसपैठ करने का सिलसिला अभी भी जारी होने से उत्साहित होकरकुछ वर्षों से म्यांमार के रोहिंग्या मुसलमान भी भारत में ही घुसपैठ करके अपने को सुरक्षित समझने लगे हैं, क्यों? ऐसे घुसपैठियों को शत्रु व उनके सहयोगियों को देशद्रोही घोषित किया जाना अब आवश्यक हो गया है। यह भी ध्यान देना होगा कि सर्वोच्च न्यायालय वर्षो पूर्व इन घुसपैठियों के प्रति आवश्यक कार्यवाही करने का भी निर्देश दे चुका है। पिछले दिनों सीमा सुरक्षा बल के एक उच्च अधिकारी की संदिग्ध गतिविधियों व अरबों रूपयों की सम्पत्ति के स्वामी होने का भी समाचार आया था। वैसे भी वर्षों से पुष्ट व अपुष्ट सुचनाओं द्वारा यह ज्ञात होता रहा था कि सीमा सुरक्षा बलों व घुसपैठ कराने वाले एजेंटों की मिलीभगत से घुसपैठ निरंतर होती आ रही है। इसी भ्रष्टाचारी व्यवस्था का अनुचित लाभ उठा कर म्यांमार के विस्थापित रोहिंग्या शरणार्थियों को भारत की सीमाओं में प्रवेश कराने में अनेक जिहादी एजेंट सक्रिय हो तो कोई आश्चर्य नहीं।
लेकिन यह चिंता का विषय है कि इन मुस्लिम रोहिंग्याओं को बंगाल से जम्मू भेजने के लिए चल रहे षड़यन्त्रों में अनेक भारत विरोधी तत्व सक्रिय हैं। क्या ऐसे तत्वों को शासन व प्रशासन आदि के बराबर सहयोग मिलने की संभावना को नकारा जा सकता है? ताजा समाचारों से यह भी पता चला है कि इन घुसपैठियों को जम्मू में बसाने के लिए कुछ गैर सरकारी संगठनों (एन. जी. ओ.) का सहारा भी लिया जा रहा है। यह भी ज्ञात हुआ है कि इन संगठनों के संबंध नेशनल कांफ्रेंस व पीडीपी के नेताओं से है और इनको यूएई व पाकिस्तान से हवाला के माध्यम से अवैध आर्थिक सहयोग भी मिल रहा है। इन संगठनों के प्रतिनिधियों ने बंगाल स्थित शिविरों में रहने वाले इन शरणार्थियों को जम्मू भेजने व वहां बसा कर उनके रहने की भी पूरी व्यवस्था की है। ऐसे घुसपैठियों की बढ़ती संख्या के कारण वर्षों से रहने वालों ने वहां से अपने निवास स्थानों को बेचकर अन्य स्थानों पर रहना सुरक्षित समझा। यह भी जांच से पता चला कि रोहिंग्याओं को रहने के लिए इन घरों को खरीदने में भी ये ही गैर सरकारी संगठन सक्रिय थे।अपुष्ट समाचारों के आधार पर सन् 2000  से अब तक लगभग 25000 रोहिंग्याओं को जम्मू के संवेदनशील क्षेत्रों में बसाया जा चुका है। जबकि कश्मीर घाटी में ऐसा एक भी घुसपैठियां  नहीं मिलेगा।
म्यांमार के रोहिंग्या मुसलमानों के घुसपैठ करके जम्मू तक पहुँचने के दो विवरण प्रमाण स्वरूप देश के प्रमुख समाचार पत्र दैनिक जागरण के 2 दिसंबर के अंक में प्रकाशित हुए जो निम्न प्रकार हैं_
1_ हम 2008 में बांग्लादेश सीमा पार कर बंगाल में घुसे।हमें एक व्यक्ति मिला और सियालदाह (बंगाल) से ट्रेन में बैठाया। टिकट देकर कहा कि ट्रेन सीधी जाएगी, आखिरी स्टेशन पर उतर जाना। आखिरी स्टेशन पर जब ट्रेन पहुंची तो मालूम पड़ा यह जम्मू है। यहां किसी ने बताया कि कुछ रोहिंग्या सुंजवां-बठिडी में रह रहे हैं, वहां चले जाओ। -जम्मू के बठिंडी क्षेत्र में रोहिंग्या बस्ती में रहने वाले मोहम्मद कासिम।
2_ 2008 में बंग्ला देश से सीमा पार कर परिवार के साथ किसी तरह दिल्ली पहुंच गया। यहां परिवार पालने को भीख मांगनी शुरू करदी। कश्मीर के कुछ लोगों के सम्पर्क में आया। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर चले जाओ। जम्मू में अपने लोग हैं, सरकार अपनी है। उन्होनें हमारा टिकट बुक  करवा दिया और हम जम्मू पहुँच गए। – जम्मू के बठिंडी में रहने वाले मुहम्मद अब्दुल्ला।
तत्कालीन सत्ताधारी कश्मीरी नेताओं ने इन रोहिंग्या मुसलमानों को हिन्दू बहुल क्षेत्र जम्मू के विभिन्न स्थानों पर बसा कर अपनी जिहादी सोच का ही परिचय दिया है। जब से अनुच्छेद 370 व 35 ए में आवश्यक संशोधन हुआ है तब से ऐसे अलगाववादी कश्मीरी नेताओं के लिए राजनीति में बने रहना कठिन हो रहा है। ऐसे भारत विरोधी नेताओं को गुपकार गैंग की संज्ञा दी जाने लगी है। इनका कोई नेता चीन की सहायता से कश्मीर हड़पना चाहता हैं तो कोई भारत के झंडे का खुला विरोध करके आग उगल कर वातावरण को भारत विरोधी बनाने के लिए जूझ रहा हैं।पिछले माह एक बड़ा खुलासा यह भी हुआ कि जम्मू में ऐसे शरणार्थियों व गरीबों को बसाने के लिए बने रोशनी एक्ट के बहाने हज़ारों-लाखों कनाल भूमि घोटाले में लिप्त इस गुपकर गैंग के द्वारा हज़ारों करोड़ों रूपयों का गोलमाल किया गया। ऐसे नेताओं की जिहादी सोच के साथ-साथ सत्तालोलुपता के कारण भी मुस्लिम जनसंख्या को बढ़ा कर चुनावों में विजयी होना भी एक लक्ष्य रहता है। लेकिन हमें यह भी स्मरण रखना होगा कि इन्हीं नेताओं के रहते 90 के दशक में कश्मीर घाटी को मुस्लिम बहुल बना कर वहां से हिंदुओं को बड़ी यातनाएं देकर खदेड़ा गया था। अतः यह विचारणीय बिंदु है कि कहीं उन्ही अत्याचारों की पुनःरावृत्ती करके इन रोहिंग्या मुसलमानों को जम्मू में बसा इन क्षेत्रों को भी हिन्दू विहीन करने का षडयन्त्र रचा जा रहा हो।
प्रायः समाचारों में इन घुसपैठियों के विषय में इतना स्पष्ट विवरण होता है जो सोचने को विवश करता है कि क्या हमारा सुरक्षा व गुप्तचर तन्त्र इतना अधिक सुस्त है या उसकी कोई विवशता है? देश की सुरक्षा की शपथ लेने वाले अधिकारियों व नेताओं को ऐसे राष्ट्रघाती षड़यन्त्रों के प्रति कोई सजगता व सक्रियता न होना क्या देशवासियों के साथ विश्वासघात नहीं होगा?क्यों नही इन घुसपैठियों को बसाने व पालने में लिप्त नेताओं व अधिकारियों पर अभी तक कोई वैधानिक कार्यवाही की गयी? जब तक देश को दीमक के समान अंदर ही अंदर खोखला करने वाले ऐसे नेताओं व सामाजिक संगठनों को प्रतिबंधित नहीं किया जाएगा तो देश की संप्रभुता व अखण्डता कैसे सुरक्षित रह पाएगी ?
इसीलिए भारत सरकार ने पिछले वर्ष नागरिकता कानून में आवश्यक संशोधन करके नागरिक संशोधन अधिनियम (2019) का प्रावधान किया जिसमें घुसपैठियों की पहचान करके उनको बाहर निकालने का भी प्रावधान किया गया है। लेकिन यह दुःखद है कि इसका विरोध करने में अनेक भारत विरोधी शक्तियां एकजुट हो गयी।क्या इस कानून का विरोध करने वालों को घुसपैठियों के बढते नेटवर्क से होने वाले देशविरोधी कार्यों का कोई ज्ञान नहीं है? देश में लाखों-करोड़ों घुसपैठियों के अवैध व अनैतिक धंधों से हमारा समाज दूषित होता और संसाधनों के अभावों में उनका जन-जीवन भी प्रभावित होता है। ऐसे घुसपैठियों के आतंक से देश व देशवासियों को सुरक्षित रखने के लिए शासन को कठोर निर्णय लेने के लिए आवश्यक कानून तो बनाने ही होंगे। अतः देश में बसने वाले घुसपैठियों को शत्रु व इनको लाकर बसाने वालों को देशद्रोही घोषित किया जाना चाहिये।

Comment:

vaycasino giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
betpark giriş
betpark giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
betpark giriş
betpark giriş
grandpashabet giriş
betpark giriş
betnano giriş
betnano giriş
betnano giriş
betnano giriş
betnano giriş
betnano giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark
vaycasino giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
vdcasino giriş
vdcasino giriş
betnano giriş
vdcasino
Vdcasino giriş
vdcasino giriş
ngsbahis
ngsbahis
betnano giriş
betnano giriş
betnano giriş
betpark giriş
milanobet giriş
vdcasino giriş
vaycasino giriş
vdcasino giriş
betpark giriş
vaycasino giriş
kolaybet giriş
kolaybet
vaycasino giriş
vaycasino giriş
vdcasino giriş
betgaranti giriş
casibom giriş
casibom giriş
vdcasino giriş
betpark giriş
vaycasino giriş
runtobet giriş
runtobet giriş
runtobet giriş
betnano giriş
betnano giriş
betnano giriş
damabet
casinofast
betpark giriş
vdcasino giriş
milanobet giriş
betpark giriş
vdcasino
vaycasino giriş
milanobet giriş
betpark giriş
vdcasino giriş
vdcasino giriş
vaycasino giriş
betgaranti giriş
betgaranti giriş
betgaranti giriş
truvabet giriş
betgaranti giriş
betgaranti giriş
venusbet giriş
venüsbet giriş
venusbet giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
betnano giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
betgaranti giriş
betgaranti giriş
betnano giriş
betgaranti giriş
ultrabet giriş
ultrabet giriş
betnano giriş