कोरोना से लड़ने के साथ शत्रु देशों से सावधान रहने का भी समय

ओ३म्

=========
न केवल भारत अपितु विश्व के अधिकांश देशों में कोरोना वायरस से उत्पन्न माहामारी रोग अपने अप्रत्याशित हानिकारक रूप में सामने आया है। देश में पिछले 72 वर्षों की योग्यतम केन्द्रीय सरकार है। इस कारण कुछ लोगों के संक्रमित होने और लगभग 10 लोगों की मृत्यु होने पर भी रोग पर भी रोग वा वायरस पर विजय पाने के सभी सम्भव उपाय किये जा रहे हैं। हमारे रक्षक चिकित्सक, उनके सहयोगी, पुलिस व स्वच्छता कर्मचारियों सहित बैंक, जल, विद्युत, मीडिया आदि अनिवार्य सेवाओं में लगे लोग भी अपने जीवन का रिस्क लेकर काम कर रहे हैं। देश सभी सद्विचारों व सद्कार्यों को करने वाले देशवासियों का ऋणी है। ऐसे समय में भी कुछ स्थानों पर कुछ लोगों की देश विरोधी बातें सामने आयी हैं। उत्तर प्रदेश में भी हमारे पास एक योग्यतम मुख्यमंत्री श्री आदित्यनाथ योगी जी हंै जिनसे वहां कुछ लोगों के सीएए व एनआरसी के नाम पर किये जाने वाले षडयन्त्र सफल नहीं हो सके हैं। हमें ऐसी मानसिकता एवं लोगों से सावधान रहना है। हमारे देश के प्रमुख नेता इन बातों को अच्छी प्रकार से समझते हैं। इसी कारण उग्रता व असामाजिक घटनायें रुकी हुई हैं। अमेरिका के राष्ट्रपति श्री ट्रम्प महोदय के आने पर दिल्ली में देश व समाज विरोधी लोगों ने अपने आकाओं के संरक्षण में हिंसा व आगजनी की जिन घटनाओं को योजनाबद्ध तरीकों से अंजाम दिया वह घोर निन्दनीय हैं। हमारे देश के योग्य गृहमंत्री श्री अमित शाह जी संसद के दोनों सदनों में देशवासियों को आश्वासन दे चुके हैं कि किसी भी अपराधी व समाज के शत्रु को छोड़ा नहीं जायेगा। श्री अमित शाह जो कहते हैं वह करते हैं। देश की जनता को देश के प्रधानमंत्री एवं गृहमंत्री पर विश्वास है कि उन्होंने जो आश्वासन दिया है उसे वह अवश्य पूरा करेंगे। कठोरता के साथ हिंसा करने वाले तत्वों का दमन किये जाने पर ही भविष्य में हिंसा व आगजनी को रोका जा सकता है, लोगों के जीवन बचाये जा सकते हैं और देश को भी भावी विपत्तियों से बचाया जा सकता है। हम कोरोना रोग की बात कर रहे थे। ऐसे समय में पूरा देश मोदी जी के नेतृत्व में इस रोग को नष्ट करने के लिये उनके साथ खड़ा है। सभी देशवासियों को सरकार तथा प्रचार मीडिया पर प्रसारित रोग से बचने व उसे पराजित करने के सभी उपायों व सावधानियों को व्यवहार में लाना चाहिये। हमारे सामने चीन, इटली, अमेरिका तथा स्पेन आदि देशों के उदाहरण हैं जहां इस रोग से भारी क्षति हुई है। हमें वह गलतियां नहीं करनी हैं जो पहले इन देशों ने की। इन देशों में अब जो प्रयास किये जा रहे हैं उनसे भी हमें शिक्षा लेनी है।

हमारे देश के कुछ बाह्य व कुछ आन्तरिक शत्रु भी हैं। इन शत्रु देशों ने अतीत में हमारे देश पर अकारण स्वार्थ से प्रेरित होकर आक्रमण किये हैं। इनका द्वेष कभी समाप्त नहीं होगा। इस मानसिकता ने ही कश्मीर में हमारे पण्डितों की हत्यायें की तथा वहां से सभी तीन लाख से भी अधिक पण्डितों को पलायन व विस्थापित होने के मजबूर किया। कोई शान्ति दूत इन बेगुनाह हिन्दु पण्डितयों की रक्षा के लिये नहीं आया। इसी मानसिकता के लोगों ने देश भर में आतंकवाद की घटनाओं को अंजाम दिया और सैकड़ों व हजारों लोगों को उनके जीवन से वंचित किया। ऐसा लगता है कि यह सब हमारे कुछ नेताओं के देश की आजादी के समय अदूरदर्शितापूर्ण निर्णयों के कारण से हो रहा है। देश में वोट बैंक की राजनीति तथा नास्तिकों की विचारणारा ने भी देश में हिंसा व अलगाववाद को बढ़ाया है। यह आतंकवादी विचारधारा व मानसिकता तथा उसके गुप्त सहयोगी हमारे स्थाई शत्रु हैं। देश के अन्दर हमारे शत्रु देशों के समर्थकों की एक बड़ी संख्या है। कुछ बडे़ लोग आर्थिक लाभों सहित लोभ, भय एवं अपनी कुछ विवशताओं के कारण देश के साथ द्रोह करते हैं। ऐसे सभी देशों व आन्तरिक द्रोहियों से देश के सभी देशभक्त व मानवता प्रेमी लोगों को सावधान रहना है। हमें इस लोकोक्ति से भी शिक्षा लेनी है कि एक मछली सारे तलाब को गंदा कर देती है। जिन लोगों का स्वभाव ही अकारण द्वेष करना होता है उनका सुधार नहीं किया जा सकता। इसी कारण वेदों की शिक्षाओं पर आधारित ऋषि दयानन्द ने नियम बनाया है कि सबसे प्रीतिपूर्वक धर्मानुसार यथायोग्य वर्तना है। हमें इस सिद्धान्त की मूल भावना को ग्रहण कर अपने जीवन में व्यवहार करना है। हमें सात्विक शक्तियों की उन्नति तथा तामसिक एवं राजसिक शक्तियों को परास्त व उन्हें अपने देश व समाज से दूर रखने का प्रयास करना है। इस सिद्धान्त पर जब देश चलेगा और देशवासी अच्छे-बुरे लोगों व नेताओं में भेद करना सीखेंगे, अच्छे व देशहितैषी लोगों का ही सहयोग करेंगे तभी देश व समाज सुरक्षित रहेंगे। हमें इतिहास से भी शिक्षा लेनी है। हम परमात्मा के बनाये हुए मनुष्य है। हमें जीने का अधिकार है। यदि कोई इस अधिकार को नहीं मानता और इसके विपरीत व्यवहार करता है तो वह गलत विचारधारा का व्यक्ति ही कहा जायेगा। अतः हमें ऐसे लोगों व विचारधारा से भी सदा सावधान रहना है और अपने लोगों को सुसंगठित करने का प्रयास करना है जिससे कोई द्वेषी व देश विरोधी व्यक्ति हमें व हमारे समाज के लोगों को हानि न पहुंचा सके।

कोरोना रोग का प्रकोप अग्निहोत्र करके भी समाप्त नहीं तो कुछ कम तो अवश्य ही किया जा सकता है। परीक्षण करने पर ही पता चल सकता है कि इसका कोरोना वायरस पर क्या व कितना असर पड़ता है। इस पर वैज्ञानिक शोध व अध्ययन किया जाना चाहिये। देशवासियों को सरकार व चिकित्सकों के सभी परामर्शों पर ध्यान देना चाहिये। सरकार व चिकित्सीय निर्देशों के अनुसार ही हमें अपना जीवन व व्यवहार बनाना चाहिये। ईश्वर से भी हम सब प्रार्थना करें कि वह हमारे देश को इस महामारी से बचाये और हम न केवल अपना अपितु विश्व के सज्जन लोगों को भी इस रोग से बचाने में सहायक हो सके। यह हमारी सृष्टि के रचयिता व सर्वशक्तिमान ईश्वर से सात्विक प्रार्थना है। भारत की धरती ऋषि-मुनियों की धरती है। उनके तप व त्याग का आज भी देश में प्रभाव है। यही कारण है कि अनेक वैश्विक शक्तियों ने हमारे धर्म व संस्कृति को नष्ट करने के कुत्सित व संगठित प्रयत्न किये परन्तु वह इसमें सफल नहीं हो पाये। दुर्भाय से हम आज भी संगठित नहीं है जैसा कि हमें होना चाहिये। हमें वेद के मनुर्भव और संगच्छवधम् शब्दों से शिक्षा लेकर अन्याय का विरोध करने के साथ संगठित होना है। तभी हम सभी क्षेत्रों में सफल होंगे। ओ३म् शम्।

-मनमोहन कुमार आर्य

Comment:

vaycasino giriş
betpark giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
betgaranti giriş
betgaranti giriş
betgaranti giriş
betgaranti giriş
vaycasino giriş
betpark giriş
vaycasino giriş
betgaranti giriş
betgaranti giriş
vdcasino giriş
hiltonbet giriş
grandpashabet giriş
betpark giriş
vaycasino giriş
grandpashabet giriş
betnano giriş
betnano giriş
hiltonbet giriş
betnano giriş
betnano giriş
milosbet giriş
milosbet giriş
milosbet giriş
milosbet giriş
hiltonbet giriş
hiltonbet giriş
hiltonbet
betpark giriş
betpark giriş
betgaranti giriş
royalbet giriş
royalbet giriş
royalbet giriş
royalbet giriş
betpark giriş
vaycasino giriş
betpark giriş
vaycasino giriş
galabet giriş
betnano giriş
royalbet giriş
royalbet giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
betnano giriş
betgaranti giriş
betgaranti giriş
betgaranti giriş
betgaranti giriş
betgaranti giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betgaranti giriş
betgaranti giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
betgaranti giriş
betgaranti giriş
betgaranti giriş
vdcasino giriş
vaycasino
vaycasino giriş
vaycasino giriş
norabahis giriş
norabahis giriş
norabahis giriş
roketbet
norabahis giriş
norabahis giriş
betasus giriş