20210518_194401

“तिल्ली से सीखे दिल्ली”


कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर भारत में अपने चरम पर है। संक्रमण का वक्र इस बार कितना ऊपर उठेगा इसके केवल अनुमान ही लगाए जा रहे हैं। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में जरूरी दवाइयों ऑक्सीजन की भारी किल्लत है ऐसे में संक्रमित व उनके तीमारदारों की चिंता रोष वाजिब है दिल्ली के प्रशासकों की कार्यशैली प्रबंधन को लेकर। संक्रमण की प्रथम लहर के पश्चात दिल्ली निश्चिंता की चादर ओढ़ कर बैठ गई मानो महामारी पर विजय प्राप्त कर ली लेकिन महामारी का जब तक उन्मूलन नहीं हो जाता तब तक संक्रामक रोगों पर विजय प्राप्ति की घोषणा जल्दबाजी दूसाहसिक मूर्खता का ही नितांत परिचायक होता है। अपनी नागरिक जिम्मेदारियों कर्तव्य से पीछा छुड़ाकर लोकतंत्र में व्यक्ति सरकारों को अनहोनी प्रतिकूलता लिए जिम्मेदार ठहराते हैं। यह स्वाभाविक जन प्रवृत्ति है।

जो हुआ सो हुआ अब धैर्य से इस महामारी का सामना करना होगा । लोहे को जंग लगता है लकड़ी को दीमक को क्षति पहुंचाती है ऐसे ही अनादिकाल से बैक्टीरिया वायरस मानव शरीर के दुश्मन हैं यही कारण भगवान ने प्रत्येक शरीर में विशेष संक्रमण रोधी अंग बनाए हैं। हम सब के शरीर में पेट अथवा आमाशय के ठीक पीछे बाई और लेफ्ट अप्पर एब्डोमेन में 9 वी 10 वी पसलियों के पीछे एक शानदार अंग ईश्वर ने स्थापित किया है, जिसे तिल्ली कहते हैं । औसत 5 इंच लंबे 2 इंच चौड़े 150 से 200 ग्राम वजनी इस अंग को प्लीहा भी कहते हैं अंग्रेजी में Spleen कहते हैं। पिछले 1 साल में क्या छोटा क्या बड़ा सभी व्यक्तियों की जुबान पर दो शब्द बहुत सुनाई देते हैं इम्यूनिटी और एंटीबॉडी। इन दोनों का ही पावर हाउस जनरेटर है तिल्ली अंग। खून की सफाई से लेकर खून की गुणवत्ता खून की प्रभावशीलता तिल्ली पर ही टिकी हुई है। हमारे रक्त में दो समूह विशेष कोशिकाएं हैं प्रथम समूह में लाल रक्त कणिकाएं हैं जिनके केंद्र में ऑक्सीजन भंडारित होती है सभी अंगों को मिलती है। तिल्ली लाल रक्त कणिकाओं( रेड ब्लड सेल्स) को जब यह बूढ़ी हो जाती है तोड़कर नई रक्त कोशिकाओं के निर्माण में मदद करती है खराब लाल रक्त कणिकाओं की मरम्मत करती है । मरम्मत के इस काम में जो आयरन बचता है प्रत्येक कोशिका के केंद्र में आयरन होता है तिल्ली आयरन को स्टोर करके रखती है यह शरीर की रक्त सप्लाई के 10 से 15 प्रतिशत रक्त को इमरजेंसी इस्तेमाल के लिए स्टोर करके रखती है जैसे ही किसी सड़क हादसे ट्रॉमा में रक्त स्त्राव होता है तिल्ली अपने रक्त को रिलीज कर देती है। दिल्ली को भी 10 से 20 फ़ीसदी वैक्सीन मेडिसिन ऑक्सीजन आदि को स्टोर करके रखना चाहिए था बैकअप के लिए तिल्ली से यह सबक अब सीखना होगा। अब तिल्ली के मुख्य दूसरी जरूरी काम की चर्चा करते हैं जो शरीर की इम्युनिटी का आधार है। लाल रक्त कणिकाओं का इम्युनिटी से कोई प्रत्यक्ष संबंध नहीं है इम्यूनिटी के लिए जिम्मेदार होती है खून में ही पाए जाने वाली श्वेत रक्त कणिकाएं जो महज 5 फ़ीसदी ही खून में होती है । यह श्वेत रक्त कणिकाएं ही खतरनाक परजीवी बैक्टीरिया वायरस जो शरीर में घुसते हैं शरीर को संक्रमित करते हैं उनका खात्मा करती हैं। श्वेत रक्त कणिकाओं का निर्माण हमारी बोन मैरो अर्थात अस्थि मज्जा रीड की हड्डी के अंदरूनी भाग तथा जांग की हड्डी femur के अंदरूनी भाग में होता है लेकिन इनका पालन-पोषण विकास लाजवाब अंग तिल्ली में ही होता है। हमारे शरीर का सारा प्रतिरक्षा तंत्र श्वेत रक्त कणिकाओं पर टिका हुआ है जो अपने काम के हिसाब से अलग-अलग टाइप आकार में बनी हुई होती है। तिल्ली इन सभी सहित रक्त कणिकाओं का आश्रय स्थल है। जहां यह संक्रामक वायरस बैक्टीरिया से जनित रोगों से लड़ने का प्रशिक्षण निर्देश प्राप्त करती हैं। बी लिंफोसाइट जो की एक विशेष श्वेत रक्त कणिका है वह प्रत्येक वायरस बैक्टीरिया को शरीर में घुसते ही उसे कंट्रोल न्यूट्रलाइज करने के लिए एंटीबॉडी का निर्माण करती है। बड़े आश्चर्य की बात है आंखों से ना दिखाई देने वाली यह छोटी सी श्वेत कणिका लाखों एंटीबॉडी का निर्माण कुछ ही घंटों में कर देती है। एंटीबॉडी खास तरह की प्रोटीन होती है जो प्रत्येक हानिकारक बैक्टीरिया वायरस की सतह पर पाए जाने वाले अणु प्रोटीन antigen के साथ जुड़कर उन्हें न्यूट्रलाइज कर देती हैं उन्हें नष्ट कर देती है। जैसे ही बैक्टीरिया वायरस हमारे शरीर से पूरी तरह नष्ट हो जाता है एंटीबॉडी भी धीरे-धीरे नष्ट होने लगती है स्वभाविक सी बात है जब खतरा टल गया तो फिर खतरे से लड़ने वाली एंटीबॉडी का क्या काम लेकिन भगवान ने अनूठी व्यवस्था की है कुछ सैकड़ों हजारों एंटीबॉडीज भविष्य के संकट से निपटने के लिए हमारे शरीर में शेष रह जाती हैं जो तिल्ली में ही आराम फरमाती रहती है आसरा पाती हैं जैसे ही भविष्य में हम किसी ऐसे बैक्टीरिया या वायरस से संक्रमित होते हैं जिसके खिलाफ हमारा प्रतिरक्षा तंत्र पहले लड़कर उन्हें पराजित कर चुका है वही प्रति रक्षक एंटीबॉडी तेजी से फिर दोबारा निर्मित होने लगती है। अर्थात हमारा शरीर अपने शत्रु को कभी भी नहीं भूलता चाहे वह बैक्टीरिया वायरस हो या कोई विजातीय अन्य पदार्थ। लेकिन महामारी को लेकर दिल्ली निश्चिंत हो गई हमारी तिल्ली भी यदि ऐसे ही निश्चित होकर बैठ जाए तो सारे शरीर का प्रतिरक्षा तंत्र अपंग हो जाएगा। रोगों को पराजित हमारे शरीर का प्रत्यक्ष तंत्र ही करता है प्रतिरक्षण की रीढ़ है तिल्ली इसके जैसे ही अन्य कुछ जरूरी अंग। तिल्ली रक्त की सफाई करती है साथ ही तिल्ली भी शुद्ध रक्त की आपूर्ति के सहारे ही जीवित है ऐसे में हमारा खान-पान जितना पोस्टिक सात्विक होगा हमारे तिल्ली जैसे अंदरूनी अंग उतने ही स्वस्थ प्रभावी होंगे तिल्ली के स्वास्थ्य क्रियाशीलता में सर्वांगासन चक्रासन बहुत लाभकारी है । सर्व शक्तिमान सर्व अंतर्यामी परमात्मा हमारी प्रतिक्षण रक्षा कर रहा है तिल्ली जैसे अंगों के माध्यम से। हमारा यह प्रश्न तो वाजिब है सरकारी क्या कर रही है लेकिन जब हम यह पूछते हैं कि महामारी के दौर में ईश्वर क्या कर रहा है ईश्वर हमारी रक्षा क्यों नहीं कर रहा तो यह नास्तिकता के साथ-साथ मूर्खता का ही द्योतक है। ईश्वर की रक्षा करने की भी कुछ सीमाएं हैं वह भी अपने बनाए नियमों से बंधा हुआ है हमारी अच्छे या बुरे कर्म करने की स्वतंत्रता से गलत दिनचर्या आदतो के कारण हमारे तिल्ली लीवर किडनी हृदय मस्तिष्क जैसे अंग छतिग्रस्त खून जहरीला हो जाता हैं उस स्थिति में पहुंच जाते हैं कि वह काम करने के लायक नहीं होते तो फिर हमारी मदद ईश्वर कैसे कर सकता है ईश्वर शरीर बनाकर हमें देता है माता के गर्भ में ।वह अपनी ओर से कोई कोर कसर नहीं छोड़ता इन अंगों को स्वस्थ रखना हमारी जिम्मेदारी है ईश्वर रक्षक है ना कि हत्यारा। इम्यूनिटी 1 दिन में नहीं बनती यह माता के गर्भ से हमें मिलती है जीवन भर इसे सात्विक दिनचर्या संयम से बना कर रखना पड़ता है।

तिल्ली से दिल्ली को बहुत कुछ सीखना चाहिए आपातकाल में चुनौतियों से निपटने जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति के संबंध मैं। ईश्वर से कामना है हमारे देश में शीघ्र अति शीघ्र अधिकांश आबादी को वैक्सीनेशन मिले। इसी के साथ ही पूरी दुनिया को कोरोना वायरस से जनित डिजीज के खिलाफ दवाई के रूप में एंटीवायरल औषधि भी जरूर मिले। सावधान रहिए सुरक्षित रहिए धैर्यवान रहिए आस्तिक रहिए|

नोटः उपरोक्त लेख में दिल्ली से अर्थ केंद्र व राज्य सरकारें राज्यों की राजधानियां है।

आर्य सागर खारी ✍✍✍

Comment:

Latest Posts

kolaybet giriş
betgaranti giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark güncel giriş
betgaranti giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark güncel giriş
jojobet güncel
betgaranti giriş
betgaranti güncel giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
meritbet giriş
meritbet giriş
jojobet
jojobet
betgaranti giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betgaranti giriş
betpark giriş
betpark giriş
hititbet giriş
favorisen
betpark giriş
hitbet giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betgaranti giriş
betgaranti giriş
kolaybet giriş
betgaranti giriş
betgaranti giriş
betpas giriş
bettilt giriş
hitbet giriş
hitbet
interbahis giriş
hitbet giriş
betpark
hititbet
hititbet
betpark
betpark
grandpashabet
betgaranti giriş