जम्मू कश्मीर के लिए खास संदेश देने वाली रही है प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा

images (23)

 ललित गर्ग

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कश्मीर यात्रा इसलिये महत्वपूर्ण मानी जा रही है कि वहां के लोगों ने साम्प्रदायिकता, राष्ट्रीय-विखण्डन, आतंकवाद तथा घोटालों के जंगल में एक लम्बा सफर तय करने के बाद अमन-शांति एवं विकास को साकार होते हुए देखा है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की हाल ही में की गयी जम्मू-कश्मीर यात्रा पर इसलिए देश की निगाहें थीं, क्योंकि अनुच्छेद 370 हटने के बाद वह पहली बार जम्मू-कश्मीर की धरती पर पहुंचे। उनकी इस यात्रा ने अनेक सकारात्मक संदेश दिये, शांति एवं विकास का माध्यम बना है। निश्चित ही उनकी यह यात्रा इस प्रांत में एक नई फिजां का सबब बनी है। जम्मू-कश्मीर हमारे देश का वो गहना है जिसे जब तक सम्पूर्ण भारत के साथ जोड़ा नहीं जाता, वहां शांति, आतंकमुक्ति एवं विकास की गंगा प्रवहमान नहीं होती, अधूरापन-सा नजर आता रहा है। इसलिए इसे शेष भारत के साथ हर दृष्टि से जोड़ा जाना महत्वपूर्ण है और यह कार्य मोदी एवं उनकी सरकार ने किया है। निश्चित रूप से वहां एक नया दौर शुरू किया है। इसके लिये जम्मू में मोदी ने पंचायत दिवस के अवसर पर केवल देश भर के पंचायत अधिकारियों को ही संबोधित नहीं किया, बल्कि इस केंद्र शासित प्रदेश की विभिन्न योजनाओं-परियोजनाओं का शिलान्यास एवं उद्घाटन करने के साथ कश्मीर एवं लद्दाख की जनता को भी यह संदेश दिया कि भारत सरकार उनके हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।

अतीत की भूलों को सुधारना और भविष्य के निर्माण में सावधानी से आगे कदमों को बढ़ाना, हमारा संकल्प होना चाहिए। इसी संकल्प को मोदी ने सांबा के अपने उद्बोधन में व्यक्त किया है। नरेन्द्र मोदी ने जम्मू-कश्मीर में किए गए कार्यों का विवरण देकर यह भी रेखांकित किया कि अब कैसे विकास एवं जनकल्याण के काम तेजी से हो रहे हैं? न केवल विकास योजनाएं आकार ले रही हैं, बल्कि वहां शांति एवं सौहार्द का वातावरण बना है, आतंकवादी घटनाओं पर भी नियंत्रण किया जा सका है। मोदी की सरकार आने के बाद से जम्मू-कश्मीर के विकास को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जा सका है। सही समय पर केंद्र सरकार ने आतंकवाद पर अंकुश लगाने के साथ शेष वांछित कार्यों को पूरा करने के लिए वैसी ही दृढ़ता दिखाई है जैसी अनुच्छेद 370 हटाते समय दिखाई थी और देश के साथ दुनिया को यह संदेश दिया था कि कश्मीर में किसी का हस्तक्षेप स्वीकार्य नहीं, कश्मीर भारत का ताज है और हमेशा रहेगा।
मोदी की कश्मीर यात्रा इसलिये महत्वपूर्ण मानी जा रही है कि वहां के लोगों ने साम्प्रदायिकता, राष्ट्रीय-विखण्डन, आतंकवाद तथा घोटालों के जंगल में एक लम्बा सफर तय करने के बाद अमन-शांति एवं विकास को साकार होते हुए देखा है। उनकी मानसिकता घायल थी तथा जिस विश्वास के धरातल पर उसकी सोच ठहरी हुई थी, वह भी हिली है। इन स्थितियों के बीच मोदी ने वहां के लोगों का विशेषतकर युवाओं का इन शब्दों के साथ ध्यान विशेष रूप से आकर्षित किया कि आपके माता-पिता, दादा-दादी को जिन मुसीबतों का सामना करना पड़ा, उनका आपको कभी सामना नहीं करना पड़ेगा। उन्होंने साफ कहा कि वह अपने इस वचन को पूरा करके दिखाएंगे। आशा की जाती है कि उनकी इन बातों का सकारात्मक असर पड़ेगा। वैसे भी बीते कुछ समय में वहां अनेक ऐसे विकासमूलक काम हुए हैं, जो पहले नहीं हुए। विकास की योजनाएं तीव्रता से आकार ले रही है, इनमें विदेश से निवेश भी शामिल है।
गौर करने लायक बात यह भी रही कि प्रधानमंत्री के साथ वहां गए प्रतिनिधिमंडल में मुस्लिम ब्लॉक के एक महत्वपूर्ण सदस्य देश संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के टॉप बिजनेस लीडर्स भी शामिल थे, जो जम्मू-कश्मीर में निवेश में खास रुचि ले रहे हैं। कहा जा रहा है कि यूएई की कंपनियां वहां 3000 करोड़ रुपये से ज्यादा का निवेश करने वाली हैं। जम्मू-कश्मीर के लिए यह निश्चित ही नई बात होगी। इन सबके माध्यम से सरकार ने यह संदेश देने की कोशिश की है कि जम्मू-कश्मीर में शांति और सौहार्द के साथ लोकतंत्र और विकास की नई इबारत लिखी जा रही है। जम्मू-कश्मीर को अशांत और संवेदनशील क्षेत्र बनाए रखने की कोशिश में लगे तत्वों को सबसे ज्यादा परेशानी ऐसे ही संदेशों से होती है।

जम्मू के सांबा क्षेत्र के एक छोटे से गांव पल्ली में प्रधानमंत्री मोदी का संबोधन एक उजाला है। शांति की स्थापना का संकल्प है। जनता को आश्वासन है विकास एवं आतंकमुक्त जीवन की ओर अग्रसर करने का। वहां की आम जनता की मानसिकता में जो बदलाव अनुभव किया जा रहा है उसमें सूझबूझ एवं सौहार्द की परिपक्वता दिखाई दे रही है। मोदी की यह यात्रा ऐसे मौके पर हुई है जब यह प्रांत विभिन्न चुनौतियों से जूझकर बाहर आ रहा है। वहां की राजनीति के मंच पर ऐसा कोई महान व्यक्तित्व नहीं है जो भ्रम-विभ्रम से प्रांत को उबार सके। वहां के तथाकथित संकीर्ण एवं पूर्वाग्रहग्रस्त नेतृत्व पर विश्वास टूट रहा है, कैसे ईमानदार, आधुनिक एवं राष्ट्रवादी सोच और कल्याणकारी दृष्टिकोण वाले प्रतिनिधियों का उदय हो सके, इस ओर ध्यान देना होगा। इस दिशा में मोदी की इस यात्रा की निर्णायक भूमिका बनेगी। निःसंदेह अनुच्छेद 370 हटने के बाद से जम्मू-कश्मीर में बहुत कुछ बदला है और यह बदलाव दिखने भी लगा है, लेकिन अभी बहुत कुछ होना शेष है। जो घटनाएं हो रही हैं वे शुभ का संकेत नहीं दे रही हैं। घाटी में अशांति, आतंकवादियों की हताशापूर्ण गतिविधियां, सीमापार से छेड़खानी- ये काफी कुछ बोल रही हैं। वहां देर-सबेर और संभवतः परिसीमन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद विधानसभा चुनाव तो होंगे ही, लेकिन चुनाव कराने के पहले आतंकवाद पर पूरी तरह लगाम लगाने की जो चुनौती है, उससे भी पार पाना होगा। तमाम आतंकियों के सफाये के बाद भी कश्मीर में जिस तरह रह-रह कर आतंकी घटनाएं हो रही हैं, उनके चलते कश्मीरी हिंदुओं की वापसी फिलहाल संभव नहीं दिख रही। भले ही कुछ भी करना पड़े, इस काम को संभव बनाना होगा, क्योंकि तभी आतंकियों और उनके समर्थकों को यह संदेश जाएगा कि उनकी दाल गलने वाली नहीं है। यह भी सर्वथा उचित होगा कि जम्मू-कश्मीर विधानसभा में कश्मीरी हिंदुओं और सिखों के लिए कुछ सीटें आरक्षित की जाएं।
मोदी की जम्मू यात्रा से कई उजाले हुए हैं। इस यात्रा से जम्मू-कश्मीर के निवासियों के साथ यहां की स्थिति पर चिंता जाहिर करने वाले बाहर के लोगों को भी रोशनी की किरणें दिखाई दी है, यह शुभ एवं श्रेयस्कर है। यह तथ्य भी सामने आया कि राज्य में लोकतंत्र को जीवंत करने का एक बड़ा काम इस बीच बगैर शोर-शराबे के पूरा कर लिया गया। प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर 20000 करोड़ रुपये से ऊपर की विकास परियोजनाओं की शुरुआत की। जम्मू-कश्मीर के लेफ्टिनेंट गवर्नर मनोज सिन्हा का दिया यह तथ्य इस मामले में ज्यादा प्रासंगिक है कि पिछले छह महीने में राज्य में 80 लाख पर्यटक आए हैं। बहरहाल, जम्मू-कश्मीर के साथ परेशानियों का पुराना सिलसिला रहा है। खास तौर पर अनुच्छेद 370 के तहत विशेष दर्जा समाप्त किए जाने के बाद से लोगों के लोकतांत्रिक अधिकार भी सवालों के घेरे में हैं। 2018 से ही लगातार राष्ट्रपति शासन चल रहा है। ऐसे में शांति व्यवस्था और विकास संबंधी सरकार के दावों की भी असल परीक्षा इसी बात से होनी है कि वहां कितनी जल्दी विधानसभा चुनाव करवा कर निर्वाचित सरकार को शासन का जिम्मा सौंप दिया जाता है और लोगों को सामान्य लोकतांत्रिक माहौल मुहैया कराया जाता है।
भारत की महानता उसकी विविधता में है। साम्प्रदायिकता एवं दलगत राजनीति का खेल, उसकी विविधता में एकता की पीठ में छुरा भोंकता रहा है, घाटी उसकी प्रतीक बनकर लहूलुहान रहा है। जब हम नये भारत-सशक्त भारत बनने की ओर अग्रसर हैं, विश्व के बहुत बड़े आर्थिक बाजार बनने जा रहे हैं, विश्व की एक शक्ति बनने की भूमिका तैयार करने जा रहे हैं, तब हमारे जम्मू-कश्मीर को जाति, धर्म व स्वार्थी राजनीति से बाहर निकलना सबसे बड़ी जरूरत है। इसी दिशा में घाटी को अग्रसर करने में मोदी सरकार के प्रयत्न सराहनीय एवं स्वागतयोग्य है। घाटी की कमजोर राजनीति एवं साम्प्रदायिक आग्रहों का फायदा पडोसी उठा रहे हैं, जिनके खुद के पांव जमीन पर नहीं वे आंख दिखाते रहे हैं। अब ऐसा न होना, केन्द्र की कठोरता एवं सशक्तीकरण का द्योतक हैं। राष्ट्र के कर्णधारों! परस्पर लड़ना छोड़ो। अगर तेवर ही दिखाने हैं तो देश के दुश्मनों को दिखाओ।

Comment:

Kuponbet Giriş
betgaranti giriş
Teknik Seo
grandpashabet giriş
grandpashabet giriş
grandpashabet giriş
grandpashabet giriş
grandpashabet giriş
grandpashabet giriş
grandpashabet giriş
grandpashabet giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
betpark giriş
kolaybet giriş
grandpashabet giriş
grandpashabet giriş
milanobet giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
grandpashabet giriş
milanobet giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
betpark giriş
winxbet giriş
winxbet giriş
betpark giriş
betpark giriş
betgaranti giriş
safirbet giriş
ikimisli giriş
ikimisli giriş
safirbet giriş
ikimisli giriş
safirbet giriş
vaycasino giriş
betnano giriş
milanobet giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
vaycasino giriş
grandpashabet giriş
milanobet giriş
vaycasino giriş
grandpashabet giriş
betpark giriş
milanobet giriş
milanobet giriş
vaycasino giriş
safirbet giriş
safirbet giriş
betpark giriş
ikimisli giriş
betnano giriş
betpas giriş
betpas giriş
safirbet giriş
betnano giriş
betnano giriş
betnano giriş
betnano giriş
betnano giriş
betnano giriş
betasus giriş
betasus giriş
betpark giriş
betpark giriş
hitbet giriş
vaycasino giriş
betpark giriş
ikimisli giriş
savoybetting giriş
milanobet giriş
milanobet giriş
grandpashabet giriş
betorder giriş
milanobet giriş
milanobet giriş
betpas giriş
betpas giriş
betorder giriş
vaycasino giriş
betpark giriş
grandpashabet giriş
betnano giriş
betgaranti giriş
betnano giriş
betpark giriş
galabet giriş
galabet giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
betpas giriş
betpas giriş
betorder giriş
betorder giriş
betnano giriş
betnano giriş
vaycasino giriş
betpark giriş
betpark giriş
betnano giriş
vaycasino giriş
grandpashabet giriş
betpas giriş
betorder giriş
betnano giriş
betnano giriş
mariobet giriş
vaycasino giriş
betgaranti giriş
betpark giriş
milanobet giriş
vaycasino giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betnano giriş
betnano giriş
betper giriş
rekorbet giriş
betnano giriş
betticket giriş
betnano giriş
betper giriş
betpark giriş
betpark giriş
savoybetting giriş
grandpashabet giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş