विशेषणों का मोह त्यागें

इंसान होना अपने आप में महान उपलब्धि  और ईश्वरीय वरदान है। जिस इंसान में इंसानियत आ गई वह मनुष्य होने का लक्ष्य भी हासिल कर लिया करता है और इंसानियत के जरिये अपने आपका ऎसा वजूद कायम कर लेता है कि उसके जाने के बाद भी अर्से तक उसे किसी न किसी रूप में याद रखा जाता है।

जिसमें इंसानियत जितनी अधिक होती है उसे उतने ही अधिक समय तक जमाना याद रखता है। इनमें भी कई ऎसी विलक्षण विभूतियां होती हैं जिन्हें सदियों तक याद करते हुए अनुकरण किया जाता है।  आज भी हम जिन महापुरुषों को सदियों से याद कर रहे हैं उन लोगों ने तत्कालीन परिस्थितियों में जिन विषमताओं, अभावों और चुनौतियों भरी कठिनाइयों के बावजूद महान काम किए, वह अपने आप में ऎतिहासिक ही हैं।

भगवान ने प्रत्येक इंसान में इतनी सारी खूबियां नवाजी हैं कि जिनका कोई पार नहीं है। लेकिन हम सभी लोगों ने अपने आपको किसी छोटी सी फ्रेम में इस कदर डिजाईन कर लिया है कि हम कुछ इंच या  फीट में समा जाने की सोच से बाहर निकल ही नहीं पाते हैं और जिंदगी भर उसी में धंसे रहते हुए अन्ततः हमारी ऊर्जाओं और क्षमताओं का उपयोग किए बिना ही लौट जाते हैं।

यह हमारे निकम्मेपन का प्रतीक तो है ही, उस ईश्वर का भी घोर अपमान है जो हमें बहुआयामी सामथ्र्य से भर कर इस मंतव्य से धरा पर भेजता है कि हम किसी के काम आएंगे, हमारी वजह से समाज, क्षेत्र और विश्व को कुछ न कुछ नया प्राप्त होता और कोई ऎसा काम कर पाएंगे कि जिससे जननी, जन्मभूमि और जगदीश्वर तीनों को किसी न किसी रूप में गौरव का अहसास हो।

लेकिन हम हैं कि सब कुछ अपार क्षमताएँ होने के बावजूद अपने आपको इतना सीमित कर लिया करते हैं कि जैसे किसी अंधेरे कूए के मेंढ़क ही होकर रह गए हों।  एक इंसान अपनी पूरी जिंदगी में बहुत कुछ होता है और उसका पूरा व्यक्तित्व जाने कितने सारे बहुआयामी कारकों का प्रतिनिधित्व करता है लेकिन इन्द्रधनुषी क्षमताओं के बावजूद वह किसी एक-दो विषयों और विशेषणों के मोह पाश में ऎसा बंध जाता है कि जिंदगी भर उसी के तानों-बानों में चक्कर काटता हुआ भटकता फिरता है।

फिर जिन मोह भरे बंधनों में वह बंधा होता है वहाँ उसी की किस्म के जाने कितने लोग साँप-बिच्छुओं और केंकड़ों के रूप में विद्यमान रहते हुए कभी टाँग खिंचने लगते हैं, कभी डंक मार देते हैं और कभी इतनी पीड़ा पहुँचाते हैं कि कुछ कहा नहीं जा सकता।

अपने स्वयं के द्वारा रचित दायरों में जो कुछ हम करना चाहते हैं उसमें संभावनाओं की क्षीणता और घोर गलाकाट प्रतिस्पर्धा हमेशा बनी रहती है। हर इंसान संबंधों के विराट समंदर में अपना स्थान नहीं बना पाता इसलिए वह कोई न कोई विषय चुन लेता है और उसी में फन आजमाता रहता है।

किसी भी व्यक्ति के लिए लक्ष्य बनाकर उसे प्राप्त करना सैद्धांतिक रूप से ठीक कहा जा सकता है लेकिन इसका यह अर्थ कदापि नहीं कि अपने विराट और  व्यापक व्यक्तित्व को किन्हीं परिधियों और दायरों में कैद कर लें और वही कहलाते रहें जो हम चाहते हैं या जमाना।

 विशेषण हमेशा इंसान को किसी न किसी दायरों में सिमटा देते हैं और इस बात का हर पल बोध कराते रहते हैं कि वे अपनी सीमाओं को जानें, सीमाओं में रहें, व्यतिक्रम न करें और एक ही एक मैदान में इधर से उधर तक चक्कर काटते रहें।

पर्याप्त अनुकूलताएं हों तब तेजी से चक्कर काटें, दौड़ लगाएं और जब कहीं से कोई सुकून पाने की उम्मीद न हो तब चहलकदमी में ही संतोष कर लें या फिर थक-हार कर किसी कोने में दुबक कर बैठ जाएं। चाहे कुछ भी करें मगर मैदान से बाहर न निकलें।

हमारी मनःस्थिति और हालात ये हो गए हैं कि हमें बार-बार हमारे बंधे-बंधाये दायरों और कैद को बोध कराया जाता है और हम भी ऎसे हो गए हैं कि खुद भी कैद से बाहर निकलना नहीं चाहते। दूसरे लोग भी यही चाहते हैं कि हम संबंधों या विशेषणों के दायरे में बंधे रहें और बिना कुछ किए लौट पड़ें, ताकि हमारे प्रतिस्पर्धी और अधिक सुकून के साथ अपने-अपने क्षेत्रों में धमाचौकड़ी मचाकर अपने नाम करते रहें और उन्हें हमें पछाड़ने या पीछे धकेल रखने के लिए किसी प्रकार की अतिरिक्त ऊर्जा की कोई जरूरत महसूस न हो।

हममें से कोई राजनेता, शिक्षाविद, साहित्यकार, मीडियाकर्मी, दुकानदार, समाजसेवी, संत-महात्मा, नेता, महंत, चित्रकार, कलाकार, संगीतकार कहलाया जाता है और कोई दूसरे खूब सारे विशेषणों से। कई विशेषण सरकारी हैं, कई असरकारी और कई सारे अ-सरकारी।

विशेषणों के मायाजगत में हर कोई किसी न किसी विशेषण विशेष से बंधना चाहता है। यहीं से उसके विराट व्यक्तित्व की क्रमिक हत्या आरंभ हो जाती है। इंसान को अपने आप सीमित दायरों में नज़रबंद करना हो तो उसे किसी न किसी विशेषण से बांध दो।

यह इंसान के दिमाग में डाला गया ऎसा पट्टा है जिससे वह किसी पालतु पशु की तरह अपने आपको किसी न किसी किस्म के एक बाड़े में बंधे होने का प्रमाण देता रहता है।

हर इंसान अपने आप में खूब सारा सामथ्र्य रखता है लेकिन वह खुद अपनी सीमाएं तय लेता है अथवा दूसरे जब उसके दायराेंं का निर्धारण कर उसे किसी विशेषण से जोड़ देते हैं तब यही लगता है कि आसमान की ऊँचाइयों को छूने की क्षमता रखने वाले किसी परिंदे के पैर में नाइलोन की कोई मजबूत रस्सी बांध दी गई है और पर काट कर उसे स्पष्ट कर दिया गया है कि अब उड़ान भरना तुम्हारा काम नहीं है, जहां बंधे हो, वहीं आस-पास चक्कर काटते रहो।

यह ठीक वैसे ही है जैसे कि किसी व्यक्ति के विशेषण के साथ संबोधन में वयोवृद्ध शब्द जोड़ दिया जाए  जिससे कि जिसके बारे में कहा जा रहा है उसे अच्छी तरह अहसास हो जाए कि अब संसार में उसका कोई काम नहीं रह गया है, जितने दिन जीना है, किसी खास विशेषण के साथ समय काटते रहें और विदा हो लें।

आजकल हर इंसान को किसी न किसी विशेषण से बांध कर उसके व्यक्तित्व की हत्या का दौर जारी है। विशेषणों के मायाजाल और मोहपाशों से बचें और अपने विराट व्यक्तित्व की गंध बिखेरते हुए बहुआयामी कर्मयोग को आकार दें।

Comment:

Kuponbet Giriş
betgaranti giriş
Teknik Seo
betnano giriş
betnano giriş
vaycasino giriş
betpark giriş
betpark giriş
betnano giriş
vaycasino giriş
grandpashabet giriş
betpas giriş
betorder giriş
betnano giriş
betnano giriş
mariobet giriş
vaycasino giriş
betgaranti giriş
betpark giriş
milanobet giriş
vaycasino giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betnano giriş
betnano giriş
betper giriş
rekorbet giriş
betnano giriş
betticket giriş
betnano giriş
betper giriş
savoybetting giriş
grandpashabet giriş
jojobet giriş
betgaranti giriş
vaycasino giriş
vaycasino
vaycasino giriş
vaycasino giriş
milanobet giriş
betpark giriş
vaycasino giriş
milanobet giriş
vaycasino giriş
betpark giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
betpas giriş
betpas giriş
betorder giriş
betorder giriş
betpas giriş
betpas giriş
betorder giriş
betorder giriş
milanobet giriş
milanobet giriş
betgaranti giriş
betgaranti giriş
grandpashabet giriş
grandpashabet giriş
milanobet giriş
milanobet giriş
betgaranti giriş
betgaranti giriş
betnano giriş
betnano giriş
restbet giriş
safirbet giriş
betnano giriş
restbet giriş
vaycasino giriş
betnano giriş
betnano giriş
betpark giriş
betpark giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş