कांगियों, वामियों और पापियों के पाप धोते योगी आदित्यनाथ

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हत्यारों, बलात्कारियों ,अपराधियों और डकैतों को इतिहास नायक बनाकर पेश करना भारत के दरबारी इतिहासकारों की देशघाती प्रवृत्ति रही है। इसी के चलते इतिहास के खलनायक देश की युवा पीढ़ी के आदर्श बना दिए गए। आज जिन युवाओं को ‘भटका हुआ नौजवान’ कहा जाता है, उन सबकी सोच इन्हीं खलनायकों की सोच में जाकर अटक गई है। फलस्वरुप सचमुच ये युवा जीवन के उस उद्देश्य से भटक गए हैं जो उन्हें मानव जीवन में आकर प्राप्त करना चाहिए था । औरंगजेब जैसे इतिहास के खलनायकों को इस प्रकार महिमामंडित करने का परिणाम यह हुआ कि जिस देश में नारी की सर्वत्र पूजा होती थी, उसमें लव जिहाद के नाम पर नारी का शारीरिक शोषण दिन प्रतिदिन बढ़ने लगा । भारत में गंगा जमुनी संस्कृति की बात करने वालों को यह बात समझ लेनी चाहिए कि लव जिहाद जैसी नीच परंपराएं इसी गंगा जमुनी संस्कृति की देन हैं। इसी गंगा जमुनी संस्कृति की मूर्खतापूर्ण सोच ने अकबर को आज भी मीना बाजार लगाने के लिए खुली छूट दे रखी है और हमारी अनेकों हिंदू ललनाएं उसके मीना बाजार की शिकार हो रही हैं।

 

आज भी मीना बाजार लगाकर ना तो अकबर अपनी हरकतों से बाज आ रहा है और ना ही गुरु तेग बहादुर का हत्यारा औरंगजेब संतों की हत्या करने के अपने पारंपरिक हत्या के कार्य से बाज आ रहा है। लेकिन कांगियों, वामियों और पापी आपियों की पापी नजरें ऐसे नीच और हत्यारे अकबरों और औरंगजेबों को अपना पाप करके भागने देने का अवसर देकर उन्हें देश की नजरों से ओझल करने के घृणित कार्य में लगी हुई हैं। इतिहास के इन खलनायकों के बचाव में धर्मनिरपेक्ष राजनीति के बड़े-बड़े धुरंधर पहले दिन से लगे रहे हैं । यह वही पापी धुरंधर हैं जिन्होंने इस देश को केवल चाचा बापू के प्रयासों से आजाद हुआ माना और इस देश में यह भ्रम पैदा करने का प्रयास किया कि इस देश का सफर 1947 की 15 अगस्त से आरंभ होता है। उन्होंने इस सत्य को स्थापित नहीं होने दिया कि भारत संसार का प्राचीनतम देश है और यह लाखों-करोड़ों नहीं बल्कि लगभग दो अरब वर्ष पुरानी संस्कृति को लेकर चलने वाला देश है । जिस पर जितना अनुसंधान किया जाए उतना कम है। इस मूर्खता का परिणाम यह निकला कि भारत अपने आपको भूलने लगा । यहाँ इंडिया की और लव जिहाद की बातें होने लगी। जिससे सामाजिक रिश्ते तार तार होते चले गए। जिस देश में सब की बेटियों को अपनी बेटी माना जाता था , उस देश में सबकी बेटियों को अपनी बहू बनाने की योजना पर काम होने लगा । बस ,इसी सोच ने हमारे देश की फिजाओं को बिगाड़ कर रख दिया है ।
इसी सोच ने लव में जिहाद पैदा किया है।
अब स्थिति यह है कि नारियों का अपमान दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है । लव जिहाद के नाम पर लोग क्या क्या कर रहे हैं ? – जब उनकी सच्चाई को जाना जाता है तो रोंगटे खड़े हो जाते हैं। ऐसी परिस्थितियों में उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने लव जिहाद के विरुद्ध कानून लाकर न केवल देश के अन्य राज्यों के लिए एक अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया है बल्कि नारी सम्मान के लिए उठाया गया एक ऐतिहासिक कदम उठाकर एक साहसिक कार्य भी कर दिखाया है। इसके लिए योगी जी निश्चय ही अभिनंदन के पात्र हैं।


उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने लव जिहाद की अपराधिक मनोवृति को रोकने की दिशा में जिस अध्यादेश को बनाया है उसका नाम ‘उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म समपरिवर्तन प्रतिषेध अध्यादेश 2020′ (Love jihad’ Ordinance News in UP) दिया है। इस अध्यादेश के कानून का रूप लेने के बाद गैरकानूनी धर्म परिवर्तन के साथ-साथ कथित लव जिहाद पर भी रोक लग जाएगी। योगी सरकार के इस अध्यादेश में क्या खास बातें हैं, जरा आसान भाषा में समझने की कोशिश करते हैं।
‘उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म समपरिवर्तन प्रतिषेध अध्यादेश 2020’ का उद्देश्य है कि जबरन, दबाव डालकर, लालच देकर या किसी तरह के छल कपट से होने वाले धर्म परिवर्तनों को रोका जा सके। इसके साथ ही इस अध्यादेश के माध्यम से दूसरे धर्म में शादी करके किए जाने वाले धर्म परिवर्तन को भी रोका जा सकेगा। नाबालिग महिला, अनुसूचित जाति-जनजाति के लोगों का धर्म परिवर्तन कराने पर भी इसके तहत कड़ी कार्रवाई की जा सकेगी।
धर्म परिवर्तन के लिए जिलाधिकारी से अनुमति लेनी होगी और यह बताना होगा कि धर्म परिवर्तन जबरन, दबाव डालकर, लालच देकर या किसी तरह के छल कपट से नहीं किया जा रहा है। अनुमति से पहले 2 महीने का नोटिस देना होगा। ऐसा न करने पर 6 महीने से 3 साल तक की सजा होगी, वहीं कम से कम 10 हजार का जुर्माना भी देना होगा।
अगर कोई सिर्फ लड़की के धर्म परिवर्तन के लिए उससे शादी करेगा तो वह शादी शून्य मानी जाएगी, यानी उसे अमान्य माना जाएगा।
नियमों का उल्लंघन करने पर कम से कम 1 वर्ष और अधिक से अधिक 5 वर्ष तक की सजा हो सकती है। साथ ही कम से कम 15 हजार का जुर्मान भी देना पड़ेगा। वहीं अगर लड़की नाबालिग या अनुसूचित जाति-जनजाति से हुई तो 3 से 10 साल तक की सजा के साथ कम से कम 25,000 का जुर्माना देना होगा।
हमारा मानना है कि इस कानून की जद में ऐसे संगठनों को भी लाने का प्रयास किया जाए जो लव माफिया के रूप में काम कर रहे हैं और हिंदू समाज की बेटियों को मुसलमानों की हवस का शिकार बनाने के कार्यों में किसी न किसी प्रकार संलिप्त हैं। निश्चय ही ऐसे लोगों को लव माफिया का नाम दिया जाए और इनके विरुद्ध भू माफियाओं से भी कहीं अधिक कठोर कानूनी कार्यवाही करने का प्रावधान किया जाए। इस प्रकार की खबरें अक्सर सुनने को मिलती रहती हैं कि जो मुसलमान लड़का हिंदू लड़कियों के साथ लव जिहाद के माध्यम से शादी करेगा उसके लिए कुछ मुस्लिम सामाजिक संगठन ऐसे हैं जो धन भी मुहैया कराते हैं। ऐसे में सरकार को ऐसे लव माफिया गिरोहों के आर्थिक स्रोतों की जानकारी भी लेनी चाहिए और उन स्रोतों को बंद करने की दिशा में भी कदम उठाने चाहिए। इसके लिए यह प्रावधान किया जाना चाहिए कि जो सामाजिक संगठन या राजनीतिक दल ऐसी गतिविधियों में संलिप्त मिलेगा उसकी मान्यता निरस्त कर उन्हें लव जिहादी / आतंकवादी के रूप में समझा जाएगा और कानून उनसे इसी प्रकार निपटेगा।
जो लोग लव जिहाद को देश के सामाजिक ताने-बाने को समरस बनाने हेतु देश के लिए आवश्यक मानते हैं उन्हें यह समझ लेना चाहिए कि लव जिहाद के माध्यम से हिंदू बेटियों को बहला-फुसलाकर या नाम छुपा कर या कोई भी गलत जानकारी देकर किया जाने वाला विवाह पूर्णतया अनैतिक, अवैधानिक और असामाजिक है। इस प्रकार की नीच प्रवृति की हमारा संविधान भी कहीं अनुमति देता हुआ दिखाई नहीं देता। अतः असामाजिक, अनैतिक और असंवैधानिक हरकतों को नैतिक ,सामाजिक और संविधानिक कहने की इस प्रकार की पैरोकारी छोड़नी चाहिए और देश के लोगों को मूर्ख बनाने की प्रवृत्ति से दूर रहकर देश के सामाजिक परिवेश को समरस बनाए रखने के लिए भारतीय संस्कृति के अनुरूप नारी समाज को सम्मान देकर और उसे पूजनीय समझ कर अपना व्यवहार करना चाहिए।
आज जब योगी सरकार इस प्रकार का अध्यादेश ले आई है तो उनके इस ऐतिहासिक निर्णय के लिए देश के लोगों को खुले दिल से उन्हें बधाई देनी चाहिए और उनका अभिनंदन करना चाहिए। यह इसलिए भी आवश्यक है कि योगी आदित्यनाथ ऐसे पहले राजनेता सिद्ध हुए हैं जिन्होंने कांगियों ,वामियों और पापी आपियों के पापों से मैली हुई भारत की राजनीति की गंगा को धोने का साहसिक कार्य किया है। निश्चय ही इतिहास उनका अभिनंदन करने के लिए आज थाली लिए खड़ा है। आइए ! अभिनंदन के लिए सजायी गयी इस थाली में एक दीप आप और हम भी जलाएं।

डॉ राकेश कुमार आर्य
संपादक : उगता भारत

 

 

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