बिहार के लिए नई सोच और नया सवेरा देना समय की आवश्यकता : मनमोहन साहिब

प्रस्तुति : श्रीनिवास आर्य

देश में कबीरपंथी आंदोलन देश की सनातन मूल्यों की रक्षा के लिए पिछले कई सौ वर्षों से कार्य कर रहा है। वर्तमान में इस आंदोलन के प्रमुख कर्णधारों में से एक हैं विश्व कबीर विचार मंच के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष संत मनमोहन साहिब , जो कि वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य से भी अपने आप को आहत अनुभव करते हैं। पिछले दिनों अपने बिहार प्रवास के समय उनसे वार्तालाप करने का मुझे अवसर प्राप्त हुआ। उनका मानना है कि बिहार को इस समय नई सोच और नया सवेरा देने वाले संगठन की आवश्यकता है। ज्ञात रहे कि विश्व कबीर विचार मंच इस समय 65 देशों में कार्य कर रहा है। यहां पर उनसे हुई बातचीत के प्रमुख अंश हम प्रस्तुत कर रहे हैं : श्रीनिवास आर्य , सह संपादक ।

उगता भारत : मनमोहन साहिब ! आप वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य से किसने खुश या संतुष्ट हैं?
मनमोहन साहिब : देखिए ! बिहार प्रांत के लिए वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य बहुत ही अस्पष्ट है और भी साफ शब्दों में कहें तो बहुत ही निराशाजनक है, मेरा मानना है कि प्रदेश के लोगों को पिछले 74 वर्षों में वह सम्मान प्राप्त नहीं हो पाया है जिसके वह हकदार थे । कांग्रेस की सरकारों ने इस प्रदेश को कई दशकों तक बर्बाद करने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया है । प्रदेश की वर्तमान सरकार भी कांग्रेस की बी टीम के रूप में उभर कर सामने आई है । जिसमें भ्रष्टाचार और कुशासन का बोलबाला है ।यद्यपि वर्तमान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार प्रदेश को सुशासन देने का संकल्प लेकर सत्ता में आए थे परंतु उनके शासन के वर्षों ने स्पष्ट कर दिया है कि वह भी कुशासन का प्रतीक बनकर ही शासन कर रहे हैं।

उगता भारत : आपके पास बिहार को वर्तमान में निराशाजनक प्रशिक्षण से उबारने की क्या योजना है ?

मनमोहन साहिब : हम बिहार को विशेष राज्य का दर्जा दिलवाकर एक न्यायशील शासन देने का संकल्प व्यक्त करते हैं । हमारा मानना है कि प्रदेश के लोगों का आत्मसम्मान सुरक्षित रहे और उन्हें अन्य प्रदेशों में जाकर किसी प्रकार का रोजगार करने की आवश्यकता नहीं रहे ।हम प्रदेश की ओर से केंद्र सरकार पर इस बात के लिए दबाव बनाएंगे कि यहां पर जलभराव की स्थिति से निपटने की दिशा में ठोस कार्य किए जाएं। लोगों को स्वरोजगार की प्रेरणा देकर उन्हें पीढ़ी दर पीढ़ी के लिए आर्थिक रूप से समृद्ध बनाने की योजना पर वैसे ही कार्य किया जाए जिस प्रकार भारत में प्राचीन काल में किया जाता था। हम बड़े उद्योग धंधों के विरोधी हैं और लोगों को स्वावलंबी जीवन देने के लिए उन्हें स्वरोजगार की गारंटी देने की दिशा में कार्य करना चाहते हैं।

उगता भारत : हिंदू महासभा के साथ मिलकर आप इन मुद्दों पर कार्य करने के लिए तैयार हैं ?

मनमोहन साहिब : हिंदू महासभा का प्रखर राष्ट्रवाद और भारत को स्वावलंबी बनाने के लिए भारत के मौलिक चिंतन को प्रस्तुत करने के उसके विचार ने हमें प्रभावित किया है। हम चाहेंगे कि हिंदू महासभा के साथ मिलकर भारत को स्वरोजगार संपन्न स्वावलंबी भारत के रूप में परिवर्तित करने के लिए मिलकर उस कार्य किया जाए । हम यह भी प्रयास करेंगे कि अखिल भारत हिंदू महासभा के राजनीतिक चिंतन के आधार पर भारत की राजनीति का अनुकरण पर मानवीय दृष्टिकोण को मुख्रित कर भारत को फिर से मानवता के पुजारी राष्ट्र के रूप में स्थापित किया जाए। हम नहीं चाहते कि देश में सांप्रदायिक सोच को प्रोत्साहन मिले । हम हर स्थिति में यही चाहेंगे कि भारत में मानवता जीवित रहे और यह देश मानवता के मूल्यों के आधार पर संसार का मार्गदर्शन करने के लिए तैयार हो । इसके लिए प्रत्येक प्रकार की सांप्रदायिकता और अहिंसा की नीति को त्यागना समय की आवश्यकता है।

उगता भारत : आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर आप कितने आशान्वित हैं ?

मनमोहन साहिब : आगामी विधानसभा चुनावों में हिंदू महासभा के साथ मिलकर चुनाव में उतर रहे हैं। इसके अतिरिक्त हम अन्य ऐसे राजनीतिक दलों व सामाजिक संगठनों के साथ भी वार्ता कर रहे हैं जो समान विचारधारा के हैं और भारत को सनातन राष्ट्र के रूप में विकसित कर मानवता के पुजारी के रूप में भविष्य में प्रस्तुत करने की सोच रखते हैं। हम चाहेंगे कि भारत संपूर्ण विश्व का मार्गदर्शक देश बनकर उभरे। इसके लिए हम भारत के सनातन मूल्यों और कबीरपंथी विचारधारा को समन्वित कर प्रस्तुत करने की दिशा में हम कार्य कर रहे हैं । हमें विश्वास है कि इसके आधार पर लोगों की समस्याओं का समाधान करने की दिशा में हम मिलकर ठोस कार्य कर पाएंगे।
हम हिंदू महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बाबा पंडित नंदकिशोर मिश्रा और संगठन मंत्री योगी जय नाथ जी महाराज के साथ मिलकर एक समन्वित योजना पर काम करने का निर्णय ले चुके हैं , जिसे लागू कर प्रदेश के मतदाताओं को रिझाने और समझाने का प्रयास किया जाएगा।

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