नॉर्थ कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन की हालत गंभीर , जिंदगी खतरे में

 

जिंदगी भी एक अजीब दास्तान है , कभी इसमें खुशियों के पल इतने याददाश्त बन जाते हैं कि उन्हें जिंदगी भर भुलाया नहीं जा सकता तो कभी यह रेंग रेंग कर चलने लगती है और खुद पर ही बोझ बन जाती है । तब जिंदगी ही जिंदगी से कहने लगती है कि मुझे छोड़ दे। जब जिंदगी ही जिंदगी से कहने लगे कि मुझे छोड़ दे , तब इंसान जीने की नहीं मौत की दुआ करता है , और ऐसी ही स्थिति लगभग इस समय नॉर्थ कोरिया के तानाशाह की बन चुकी लगती है ।
सारी दुनिया को परमाणु हमलों की धमकी देकर कई बार दहलाने की कोशिश करने वाले नॉर्थ कोरिया के तानाशाह किम जोंग-उन गंभीर रूप से बीमार हैं और उनकी हालत बेहद नाजुक बताई जा रही है। अमेरिकी मीडिया में किम जोंग उन के ब्रेन डेड होने की भी अटकलें तेज हो गई हैं। मंगलवार को एक मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिका को खुफिया जानकारी में पता चला है कि उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग-उन सर्जरी के बाद गंभीर खतरे से गुजर रहे हैं। बताया जा रहा है कि उनका कार्डियोवस्कुलर की वजह से इलाज चल रहा था। रिपोर्ट के मुताबिक, किम जोंग उन की सर्जरी की गई थी, मगर इसके बाद उनकी हालत और भी ज्यादा बिगड़ गई है।
रिपोर्ट के मुताबिक, तानाशाह किम जोंग उन का प्योंगयांग के बाहर हयांगसान के एक विला में इलाज चल रहा है। किम जोंग उन को लेकर अटकलें और तेज उस वक्त हो गई जब वह देश के स्थापना दिवस और अपने स्वर्गीय दादा के 108वें जन्‍मदिन पर होने वाले कार्यक्रम में भी 15 अप्रैल को दिखाई नहीं दिए थे।
डेली एनके ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि तानाशाह किम जोंग की तबीयत बीते कुछ महीनों में ज्यादा खराब हुई है। इसकी वजह है कि बहुत ज्‍यादा स्‍मोकिंग, मोटापे की बीमारी और ज्यादा काम। सीएनएन के मुताबिक, नॉर्थ कोरिया के मीडिया में अब तक किम जोंग की तबीयत को लेकर अब तक कुछ भी प्रकाशित नहीं हुआ है। इसकी वजह है कि वहां मीडिया पूरी तरह से सरकार के नियंत्रण में है। यही वजह है कि यहां से सूचना का इतनी जल्दी आना मुश्किल है।
बताया जा रहा है कि किम जोंग उन को आखिरी बार सार्वजनिक तौर पर 11 अप्रैल को देखा गया था। जिसमें उन्होंने एक बैठक की अध्यक्षता की थी और कोरोना वायरस को लेकर सख्त जांच के आदेश दिए थे। इतना ही नहीं, वह 14 अप्रैल को मिसाइल के परीक्षण के कार्यक्रम से भी नदारद थे। बता दें कि अपने पिता और दिवंगत नेता किम जोंग-इल की 2011 के आखिर में मृत्यु हो जाने के बाद किम जोंग उन ने उत्तर कोरिया की सत्ता पर काबिज हुए थे।

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