‘मेरी माटी मेरा देश’ के अंतर्गत 1857 के शहीद को किया गया याद ,वीर सैनिकों को जिलाधिकारी ने किया सम्मानित

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ग्रेटर नोएडा। यहां स्थित ग्राम महावड़ के वासियों ने एक अनोखी और अनुकरणीय पहल करते हुए अपने गांव के 1857 की क्रांति के अमर शहीद चौधरी सुलेख सिंह के बलिदान दिवस 27 सितंबर पर एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में पूर्व माध्यमिक विद्यालय के प्रांगण में 1857 की क्रांति से लेकर अब तक के उन सभी अमर बलिदानी क्रांतिकारियों और वीर सैनिकों के नाम को समर्पित शिलापट का लोकार्पण जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार वर्मा द्वारा किया गया जिन्होंने विभिन्न अवसरों पर गांव की माटी का सम्मान बढ़ाया।


इस अवसर पर जिलाधिकारी श्री मनीष वर्मा ने कहा कि ग्राम महावड़ का शानदार इतिहास जानकर उन्हें आत्मिक प्रसन्नता हुई है। मैं चाहूंगा कि इस प्रकार के इतिहास को इस गांव के युवाओं को समझने के लिए लिखित रूप में दर्ज कराया जाए जिससे आने वाली पीढ़ी को प्रेरणा मिले। जिलाधिकारी ने इस बात पर भी प्रसन्नता व्यक्त की कि इस गांव के 3 दर्जन से अधिक लोगों ने देश सेवा में अपना नाम कमाया है। उन्होंने कहा की नई पीढ़ी को नए अवसर उपलब्ध कराने के लिए और उनके भीतर नई प्रेरणा का संचार करने के लिए इस प्रकार के कार्यक्रम बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। हमें चाहिए कि युवाओं को प्रोत्साहित करने के लिए बार-बार उन लोगों को आमंत्रित किया जाए जिन्होंने संघर्ष कर अपना कोई मुकाम हासिल किया है। उन्होंने युवाओं का आवाहन करते हुए कहा कि उन्हें अवसरों की प्रतीक्षा नहीं करनी चाहिए बल्कि यह मानना चाहिए की अवसर स्वयं उन्हें खोज रहे हैं, इसलिए भरपूर तैयारी करनी चाहिए। मेरा मानना है की अवसर स्वयं चलकर युवाओं के दरवाजे पर आएंगे। जिलाधिकारी श्री वर्मा ने इस अवसर पर गांव के शहीद चौधरी सुलेख सिंह के बलिदान दिवस पर उनका उल्लेख करते हुए कहा कि जिस गांव ने 1857 की क्रांति में सक्रिय योगदान दिया , उस गांव के पूर्वज हम सबके लिए आदर और सम्मान के पात्र हैं। उन्होंने इस अवसर पर एक पुस्तकालय का लोकार्पण भी किया। जिसके लिए उन्होंने गांव के लोगों को धन्यवाद दिया।
अवसर पर कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में बोलते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता और श्री देवेंद्र सिंह आर्य ने कहा कि इस गांव का शानदार इतिहास रहा है। उन्होंने प्रमाणिक जानकारी देते हुए बताया कि 1857 की क्रांति के समय आज के दिन ही चौधरी सुलेख सिंह को बुलंदशहर के काला आम पर फांसी लगाई गई थी। श्री आर्य ने बताया कि गांव के लोगों ने द्वितीय विश्व युद्ध के समय में भी अपना योगदान दिया था। इसके अतिरिक्त उन्होंने यह भी बताया कि इस गांव में दादरी के राव उमराव सिंह के पूर्वजों की एक गढ़ी भी हुआ करती थी । जिसके परकोटे की भूमि को खोदने पर आज भी हड्डियां मिलती हैं। जिससे पता चलता है कि गांव के लोगों ने कई संघर्ष कर इतिहास रचा है। उन्होंने कहा कि यह गांव1488 ईस्वी में लोदी वंश के शासनकाल के दौरान बसाया गया था। उन्होंने बताया कि इस गांव के लोग परमारवंशी राजा भोज के वंशज हैं। उन्होंने गांव वालों की ओर से इस समय जिलाधिकारी से मनुष्य और पशुओं की डिस्पेंसरी की मांग करने के साथ-साथ गांव में बरसाती जल के भराव की समस्या की ओर भी उनका ध्यान आकर्षित किया।
कार्यक्रम में विशिष्ट वक्ता के रूप में उपस्थित रहे सुप्रसिद्ध इतिहासकार और भारत को समझो अभियान समिति के राष्ट्रीय प्रणेता डॉ राकेश कुमार आर्य ने कहा कि स्वामी रामेश्वरानंद जी जैसी महान हस्ती ने इस गांव में अपना गुरुकुल स्थापित कर अनेक लोगों को आर्य समाज की पवित्र विचारधारा से जोड़ा था। उन्होंने 1932- 33 में गांधीजी के नमक सत्याग्रह में अपने विद्यार्थियों वह साथ लेकर भाग लिया था। डॉ आर्य ने बताया कि विदेशी तुर्कों और मुगलों से लड़ते हुए यहां पर बसा हुआ रामगढ़ नाम का गांव और इसी प्रकार जटवाड़ा नाम का गांव उजड़ हो गये थे। उन्होंने बताया कि इस गांव के प्राइमरी स्कूल को जिस स्थान पर बनाया गया है वह महाभारत कालीन महादेव का मंदिर हुआ करता था। इस अवसर पर तहसीलदार दादरी श्री ओमप्रकाश पासवान भी उपस्थित रहे और उन्होंने गांव के लोगों द्वारा आयोजित किए गए इस कार्यक्रम की मुक्त कंठ से प्रशंसा की।
इस अवसर पर कैप्टन सुरेश चंद , सूबेदार जतन सिंह, एयरफोर्स में उच्च पद पर तैनात रहे और उच्च शिक्षा प्राप्त डॉ करतार सिंह, श्री जतन सिंह, प्रताप सिंह, रज्जन सिंह, केसरी सिंह , अजय पाल सिंह, बाबूराम, चंद्रपाल सिंह, चौधरी गोपीचंद, जगबीर सिंह , अभयराम सिंह, जैसे अनेक वीर और देशभक्त सेवानिवृत्त सैनिकों / अधिकारियों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर गांव के वर्तमान प्रधान मनमोहन सिंह, पूर्व प्रधान धनपाल सिंह, चौधरी टीकम सिंह ,प्रमोद कुमार , इंदर सिंह आर्य, चौधरी अतर सिंह, चौधरी गजयसिंह,सुखबीर सिंह, मुंशी ठेकेदार, अजब सिंह चाहतराम , ज्ञानेंद्र सिंह एडवोकेट ,डॉ राजेंद्र सिंह, राजेश कुमार, राजीव विकल , नवीन कुमार विकल , अनिल विकल, सत्येंद्र सिंह, वीरेंद्र सिंह आदि गणमान्य लोग उपस्थित थे।

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