‘उगता भारत’ का दर्शन विचारधारा को पोषित करता है : गजराजसिंह यादव

वरिष्ठ भाजपा नेता चौधरी गजराज सिंह यादव ने कहा है कि देश में इस समय सामाजिक समरसता को उत्पन्न करने वाली पत्रकारिता की आवश्यकता है। जिससे कि हमारा सामाजिक ताना-बाना सुदृढ़ हो और हम कहीं अधिक मजबूत भारत का निर्माण करने में सक्षम हों। श्री यादव ने ‘उगता भारत’ के साथ यहां एक विशेष बातचीत में कहा कि भारत में पंथनिरपेक्ष और समतामूलक समाज की संरचना करने का राजनीतिक संकल्प अतिप्राचीनकाल से है। रामराज्य की जब बात की जाती है तो उसका अभिप्राय यही होता है कि हम भारत के लोग सम्प्रदाय निरपेक्ष भारत की राजनीति के समर्थक हैं।
श्री यादव ने कहा कि समाजवाद का भी यही अभिप्राय है कि लोगों के मध्य शासक वर्ग किसी भी प्रकार का विभेद उनके जाति पंथ को लेकर नहीं करेगा। यही भारत की राजनीति का मूल प्रेरणा स्रोत है। उन्होंने कहा किमुझे खुशी है कि ‘उगता भारत’ का दर्शन भी समाजवादी विचारधारा को पोषित करना है जिसे हम हिन्दुत्व कहते हैं वह वास्तव में किसी प्रकार की साम्प्रदायिकता न होकर भारत की सनातन संस्कृति के सनातन समाजवादी दर्शन के प्रति समर्पण का नाम है। जो लोग हिन्दुत्व को किसी प्रकार की साम्प्रदायिकता से जोड़ कर देखने के आदी हो गये हैं उन्हें भारत के राजनीतिक दर्शन का ज्ञान नहीं है जो कि पूर्णत: लोककल्याण पर आधारित है। अत: वे लोग ऐसा कहकर अपनी बौद्घिक सीमाओं का ही परिचय देते हैं कि जिन्हें एक दीवार के परे कुछ भी दिखायी नहीं देता है।
श्री यादव ने कहा कि भारत को इस समय मोदी जैसे प्रधानमंत्री के प्रगतिशील और सक्षम नेतृत्व की आवश्यकता है। जिनके रहते देश को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिल रहा है। उन्होंने कहा कि भारत को इस समय हर देश सम्मान की नजर से देख रहा है। इसका कारण यही है कि भारत का नेतृत्व इस समय मजबूत हाथों में है।
श्री यादव ने कहा कि देश और प्रदेश को मोदी और योगी की जोड़ी सही दिशा में आगे लेकर बढ़ती है। हमें इस समय अपनी राष्ट्रीय एकता और सामाजिक भाईचारे को बनाये रखकर देश को आगे बढ़ाने में सहयोग करना चाहिए। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि भारत का गौरवपूर्ण अतीत ही उसके स्वर्णिम भविष्य की आधारशिला है। जिसे सभी को स्वीकार आगे बढऩे का संकल्प लेना चाहिए।

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