पंचवार्षिक योजनाएं एवं ग्रामीण विकास

डाँ. रमेश प्रसाद द्विवेदी

भारत आजादी के समय से ही कल्याणकारी देश रहा है और सभी सरकारी प्रयासों का मूलभूत उद्देश्य देश की जनता का कल्याण करना रहा है। स्वतंत्रता के पश्चात् ग्रामीण विकास के लिए विविध कार्यक्रमों, योजनाओं, पंचावार्षिक योजनाओं के माध्यम से किये गये विकास कार्यों का मूल्यांकन से स्पष्ट होता है कि विभिन्न योजनागत कार्यक्रमों के अंतर्गत, अपेक्षित रूप से अधिक विकसित जनसंख्या समूह और अधिक विकसित हुआ है, जबकि विस्तृत ग्रामीण क्षेत्र का संरचनात्मक परिवर्तन तो हुआ है, किन्तु पर्याप्त नहीं हैं, क्योंकि विभिन्न विकास कार्यक्रमों के तहत प्रदत्त सुविधायों का लाभ देश में व्याप्त सामाजिक, आर्थिक विषमता, सामन्तवाद और जमींदारी के अवशेषों का होना, राजनीतिज्ञ, अफसरशाही एवं प्रजातांत्रिक संस्थाओं में अवैधानिक प्रतिनिधित्व, जाति, धर्म, परिवारवाद, माफिया इत्यादि का प्रभाव होने के कारण लगभग 80 प्रतिशत तक का लाभ कुलीन वर्ग को ही मिला है। यह हमारा दुर्भाग्य या विडम्बना ही है कि हमें इन योजनाओं से आशातीत सफलता उपलब्ध नहीं हो सकी है। हम अभी भी देश के ग्रामीण को वे मूलभूत सुविधा? सडक़, बिजली, समुचित शिक्षा, चिकित्सा, सडक़ एवं शुद्वपेयजल, वैज्ञानिक, तकनीकी एवं औद्योगिक समृद्धि का समुचित लाभ, उन्हें आजादी के 67 वर्ष बाद भी उपलब्ध नहीं करा पाये हैं, जो उन्हें हरहाल में मिलना ही चाहिए।

प्रस्तुत शोध आलेख ‘‘पंचवार्षिक योजनाएं एवं ग्रामीण विकास’’ के संदर्भ में प्रस्तुत करने का पूर्णत: प्रयास किया गया है, क्योंकि मानव सभ्यता के इतिहास पर प्रकाश डालने से साफ जाहिर होता है कि ग्रामीण विकास एवं शासन की योजनाएं व नीतियों के बीच संबंध मजबूत सूत्रों के माध्यम से जुड़ा हुआ है। सर्व विदित हो कि भारत आजादी के समय से ही कल्याणकारी देश रहा है और सभी सरकारी प्रयासों का मूलभूत उद्देश्य देश की जनता का कल्याण करना रहा है। ग्रामीण गरीबी उन्मूलन के लक्ष्य को लेकर ही नीतियां और कार्यक्रम बनाएं जाते रहे है और भारत में योजनाब विकास को प्राथमिक उद्द्देश्यों में से एक रहा है। ऐसा महसूस किया गया कि गरीबी उन्मूलन की दीर्घकालीन कार्यनीति, प्रगति की प्रक्रिया में रोजगार के सार्थक अवसर बढ़ाने के सिंद्धांत पर आधारित होनी चाहिए। विकास की सभी योजनाएं एवं रूपरेखा गरीबी उन्मूलन, अज्ञानता मिटाने, रोगों से मुक्ति एवं अवसरों की असमानता को दूर करने और देशवासियों को बेहतर तथा उच्च स्तरीय जीवन प्रदान करने के मूलभूत आधार पर ही निरूपित की गई है।

भारत में ग्रामीण विकास हेतु मुगल काल से लेकर आज तक विकास कार्यों के लिए योजनाओं के माध्यम से पहल होती रही है। भारत में विविध प्रस्तावों, संशोधनों, कार्यक्रमों, अधिनियमों योजनाओं व नीतियों आदि के माध्यम से ग्रामीण विकास किया जा रहा है। केंन्द्र व राज्य प्रयोजित योजनाएं ग्रामीण विकास के लिए बनाई जाती है। लेकिन आजादी के 68 वर्ष पूरे होने जा रहे है और गांवों की तस्वीर बहुत कुछ बदल सी गई है। यदि गांवों के विकास की गति इसी तरह चलती रही तो 2030 तक भारत दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के बीच होगा।

विकास शब्द की उत्पत्ति ही गरीब, उपेक्षित व पिछड़े सन्दर्भ में हुई। अत: विकास को इन्हीं की दृष्टि से देखना जरुरी है। विकास को साधारणतया ढाँचागत विकास को ही विकास के रूप में ही देखा जाता है, जबकि यह विकास का एक पहलू मात्र है। विकास को समग्रता में देखना जरूरी है, जिसमें मानव संसाधन, प्राकृतिक संसाधन, सामाजिक, आर्थिक राजनैतिक, सांस्कृतिक व नैतिक व ढाँचागत विकास शामिल हो। विकास के इन विभिन्न आयामों में गरीब, उपेक्षित व पिछडे वर्ग व संसाधन हीन की आवश्यकताओं एवं समस्याओं के समाधान प्रमुख रूप से परिलक्षित हों। वास्तव में विकास एक निरन्तर चलने वाली प्रक्रिया है जो सकारात्मक बदलाव की ओर इषारा करती हैं। एक ऐसा बदलाव जो मानव, समाज, देश व प्रकृति को बेहतरी की ओर ले जाता है।

अत: आदिम युग से अंतरिक्ष युग की यात्रा, विकास का शुभ परिणाम है, विकास के विविध कारण रहे हैं, कभी भी मानव की सहज प्रविृत ने विकास का मार्ग प्रसस्त किया तो कभी परिस्थितियों व आवश्यकताओं ने मानव को विकसित होने के लिए बाध्य किया है। मानव ने अपने अस्तित्व के परीक्षण के लिए भी विकास को अंगीकृत किया, अर्थात परिवर्तन प्रकृति का नियम है। परिवर्तन सकारात्मक व नकारात्मक दोनों ही हो सकते हैं। किसी भी  समाज, देश व विश्व में कोई भी सकारात्मक परिवर्तन जो प्रकृति और मानव दोनों को बेहतरी की ओर ले जाता है वही वास्तव में विकास है।

अगर हम विश्व के इतिहास में नजर डालें तो पता चलता है कि विकास शब्द का बोलबाला विशेष रूप से द्वितीय विश्व यु के बाद सुनाई दिया जाने लगा। इसी समय से विकसित व विकासशील देशों के बीच के अन्तर भी उजागर हुए और शुरू हुई विकास की अन्धाधुन्ध दौड़। सामाजिक वैज्ञानिकों, अर्थशास्त्रियों, नीति नियोजकों द्वारा विकास शब्द का प्रयोग किया जाने लगा। मानव विकास, सतत् विकास, चिरन्तर विकास, सामुदायिक विकास, सामाजिक विकास, आर्थिक विकास, राजनैतिक विकास ग्रामीण विकास जैसे अलग-अलग शब्दों का प्रयोग कर विकास की विभिन्न परिभाषाएं दी गई। संयुक्त राष्ट्र संघ के अनुसार विकास का तात्पर्य है सामाजिक व्यवस्था, सामाजिक संरचना, संस्थाओं, सेवाओं की बढ़ती क्षमता जो संसाधनों का उपयोग इस प्रकार से कर सके ताकि जीवन स्तर में अनुकूल परिवर्तन आये।

ग्रामीण विकास से आशय ग्रामीण क्षेत्रों के समग्र विकास से है। हमारे देश की विशाल जनसंख्या सदियों से शोषित होकर शिकार हुई है अत: उनको औपनिवेशिक सत्ता से मुक्ति मिलने के बाद उनका प्रथम उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में निवास कर रही जनता का सामाजिक, आर्थिक एवं सांस्कृतिक उत्थान करना रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में व्याप्त निर्धनता, बेरोजगारी, निरक्षरता एवं प्राकृतिक संसाधनों के लक्षण देखने को मिलते है।

अत: ग्रामीण क्षेत्रों से आशय ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों का जीवन स्तर में सुधार लाना है। हम सभी जानते है कि ग्रामीण विकास की अवधारण में वैचारिक एवं सैद्यांतिक मतभेद देखने को मिलता है, लेकिन व्यवहारिक रूप से ग्रामीण विकास की संकल्पना स्पष्ट है, जिसमें ग्रामीण जीवन में सुधार व परिवर्तन लाने से है। संक्षेप में ग्रामीण विकास से तात्पर्य यह है कि ग्रामीण क्षेत्रों में निवासरत व्यक्तियों के जीवन स्तर में सुधार कर उन्हें आर्थिक विकास की धारा में प्रवाहित करना है, जिसके लिए इनकी मूल जरूरतों को पूरा करने के साथ साथ उन्हें पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध करना होगा।

Comment:

kolaybet giriş
kolaybet giriş
hellocasino giriş
bettilt giriş
bettilt giriş
kolaybet giriş
betpark giriş
betgaranti giriş
betpark giriş
betgaranti giriş
kolaybet giriş
kolaybet giriş
betpark giriş
betpark giriş
betgaranti giriş
betgaranti giriş
betgaranti 2026
Kolaybet Giriş
bettilt giriş
betpark giriş
betpark giriş
Kolaybet Giriş
Kolaybet
Kolaybet Giriş
betpark giriş
betpark giriş
kolaybet giriş
betpark giriş
betgaranti giriş
Kolaybet Giriş
Kolaybet
Kolaybet Giriş
Kolaybet
Kolaybet Giriş
Kolaybet Telegram
betpark giriş
betpark giriş
Kolaybet Giriş
Kolaybet Giriş
Betgaranti Giriş
matbet giriş
matbet giriş
matbet giriş
matbet giriş
betgaranti giriş
betgaranti giriş
betgaranti giriş
sahabet giriş
sahabet giriş
kolaybet giriş
kolaybet giriş
sahabet güncel giriş
sahabet güncel giriş
Hititbet Giriş
Hititbet
Hititbet Güncel Giriş
vdcasino giriş
onwin giriş
onwin giriş
hititbet giriş
betgaranti giriş
Hititbet Giriş
Hititbet
Hititbet 2026
Hititbet Giriş
Hititbet Güncel Giriş
hititbet
vdcasino giriş
vdcasino güncel giriş
onwin giriş
onwin giriş
grandpashabet giriş
betpark giriş
betgaranti giriş
hititbet