मध्य पूर्व की अंतहीन त्रासदी

एस. निहाल सिंह

जिस तरह के पागलपन ने मध्य पूर्व के देशों को अपनी चपेट में ले लिया है, क्या वह किसी पद्धति का हिस्सा है? यह सारी दुनिया जानती है कि अमेरिका और ईरान के बीच हुए एटमी करार की वजह से उनके बीच में जो पुनर्मिलन की स्थिति पैदा हुई है, उससे सऊदी अरब और अन्य सुन्नी राजशाहियां परेशान हो उठी हैं। अटपटी स्थिति यह है कि इस संधि का कड़ा विरोध करने में वे और उनका पुराना दुश्मन इस्राइल एक ही पाले में खड़े दिखाई दे रहे हैं।

सीरिया में, जहां पर गृह युद्ध चल रहा है, वहां के राष्ट्रपति बशर अल असद को अपनी सेनाओं के सीमित सामथ्र्य का भली भांति पता है और रूस एवं अमेरिका इस समस्या का संभावित हल खोजने में लगे हैं। गठबंधन सेनाओं द्वारा जारी अभियान में तुर्की ने इस शर्त पर साथ देना माना है कि न सिर्फ इराक में रह रहे विरोधी कुर्दों पर जो कि पीकेके पार्टी से संबंध रखते हैं, भी बमबारी की जानी चाहिए बल्कि सीरिया के अंदर एक उड़ान-निषेध क्षेत्र बनाने वाला उसका प्रस्ताव भी माना जाना चाहिए।

इराक जो कि अब एक शिया-प्रशासित देश है और ईरान का सहयोगी बन गया है, उसे समझ नहीं आ रहा कि आईएस नामक उस बला को जो देश के दूसरे सबसे बड़े शहर मोसूल और अन्य क्षेत्रों में कब्जा करके राज कर रही है, उसे वहां से कैसे खदेड़ा जाए। पड़ोसी देश लेबनान, जिसकी परिस्थितियां हमेशा आसपास की घटनाओं से प्रभावित होती रही हैं, वह अब किसी तरह समय काट रहा है। शिया संप्रदाय से संबंध रखने वाले हूती समुदाय पर सऊदी अरब एवं उसके अन्य सहयोगियों द्वारा की जा रही हवाई बमबारी के चलते यमन युद्ध का मैदान बना हुआ है।

अगर इन त्रासदियों के बीच कोई साझी डोर न भी हो तो भी यह उन देशों में एकता की बजाय कई मतभेदों को दर्शाता है। एक तो यह है कि शिया-सुन्नी वाद का नेतृत्व क्रमश: ईरान और सऊदी अरब कर रहे हैं वहीं ईरान अपनी तरफ से उस बात पर जोर दे रहा है कि अगर सुन्नी देश उसकी तरफ दोस्ती का हाथ बढ़ाएं तो वह उनके साथ मिलकर दोनों के साझे दुश्मन आईएस से लडऩे में इच्छुक है। परंतु जिस तरह से ईरान और उसके पड़ोसी सुन्नी देशों के बीच आपसी अविश्वास बना हुआ है, उसमें एक-दूसरे पर भरोसा करना एक विरल संभावना है।

तुर्की जो अपने आप को इस इलाके का चौधरी मानता है, उसने यहां के माहौल को और भी ज्यादा जटिल बना दिया है क्योंकि उसके जेहन में आईएस से लडऩे से ज्यादा कुर्दों को नुकसान पंहुचाने की तरजीह घर किए हुए है। तुर्की ने पीकेके (कुर्दिश पार्टी) को गैरकानूनी घोषित करके इसके नेता अब्दुल्ला ओकालान को जेल में डाला हुआ है। यह संगठन और इसकी वह बिरादरी जो सीरिया में वाईपीजी पार्टी के झंडे तले लामबंद होकर आईएस से लडऩे में सबसे ज्यादा प्रभावशाली सिद्ध हो रही है और जिनकी मदद अमेरिका अपने हवाई हमलों से कर रहा है, इन दोनों को सबक सिखाने पर तुर्की आमादा है।

सोच-समझ कर बनाई गई इस योजना के पीछे राष्ट्रपति एर्डोगन की घरेलू मजबूरी यह है कि उनकी जस्टिस एंड डेवलेपमेंट पार्टी दस साल के शासन के बाद हाल ही में हुए आम चुनाव में बहुमत गंवा बैठी है। पूर्व में सरकार में प्रधानमंत्री रहे एर्डोगन पिछली दफा इसलिए राष्ट्रपति बने थे ताकि देश के संविधान में बदलाव लाकर इस ओहदे को एक सर्वशक्ति-संपन्न पद में बदल दिया जाए, लेकिन उनकी अपनी ही पार्टी के असंतुष्टों और कुर्दों से हमदर्दी रखने वाली पार्टियों को मिली ज्यादा वोटों की वजह से उन्हें बहुमत से हाथ धोना पड़ा। ऐसे में वे तुर्की राष्ट्रवाद का ढोल पीटकर फायदा उठाने की फिराक में हैं।

तुर्की की सरकार और पीकेके के बीच नाजुक ही सही लेकिन शांति स्थापना लगभग पिछले तीन सालों से बनी हुई है। अब जबकि तुर्की वायुसेना उत्तरी इराक स्थित पीकेके के अड्डों पर बमबारी कर रही है, इसकी प्रतिक्रिया में देश के भीतर सैनिकों पर कुर्दों द्वारा किए गए हमलों की संख्या बढ़ती जा रही है।

बड़ी तादाद में रोजाना हो रही मौतें और लाखों लोगों की हिजरत को रोकने के लिए मुख्य शक्तियों द्वारा दखल देने की कोशिशें इसलिए भी क्षीण पड़ी हुई हैं क्योंकि अमेरिका एवं उसके सहयोगी पश्चिमी जगत और रूस के बीच राजनयिक रिश्ते ठंडे पड़े हुए हैं। इस बर्फ के पिघलने के आरंभिक संकेत तब देखने को मिले जब रूस और चीन ने ईरान-अमेरिका एटमी करार सिरे चढ़ाने में मदद की थी। लहूलुहान हो रहे सीरिया के मुद्दे पर सामूहिक राजनयिक प्रयास करने के लिए रूस और अमेरिका के बीच नए सिरे से विचार करने की उम्मीद फिर बंधने लगी है।

रूस का आकलन है कि राष्ट्रपति असद के नियंत्रण वाला इलाका लगातार सिकुड़ता जा रहा है, खासकर अलेविते पट्टी में, और शायद यही समय है कि पस्त हुए इस प्रशासन को कुछ महत्वपूर्ण छूटें अपने विरोधियों को देनी चाहिए। ईरान के अलावा रूस भी असद का बड़ा समर्थक रहा है। आईएस द्वारा अपने इलाके और प्रभाव को और आगे बढ़ाने का खतरा वह साझा तंतु है जो पश्चिमी जगत, रूस और ईरान को आपस में जोड़ता है।

खासकर सीरिया में जिस बड़े पैमाने पर मारकाट मची है, उसने संसार की अंतर-आत्मा को झकझोर कर रख दिया है। सीरिया का अधिकांश हिस्सा खंडहर में तबदील हो चुका है, कई हजार लोग मारे गए हैं, लाखों लोग जान बचाने की खातिर पड़ोस के देशों में शरणार्थी बनकर रहने को मजबूर हुए हैं।

आईएस के छलकपट और प्रभावशाली प्रचार और तौर तरीकों का तोड़ अभी भी पश्चिम जगत नहीं निकाल पाया है, जबकि आईएस द्वारा अपने क्षेत्र का और आगे विस्तार किए जाने का खतरा बढ़ता ही जा रहा है। मुख्य ताकतों को चाहिए कि साझी रणनीति तैयार करें। इतिहासकार मौजूदा स्थिति की तुलना यूरोप के देशों में तीस साल तक चली आपसी लड़ाई से कर रहे हैं।

आतंकवादियों की मानें तो प्रथम विश्व युद्ध के बाद मध्य-पूर्व में ब्रिटिश और फ्रेंच शासन के प्रभाव वाले इलाकों की निशानदेही के लिए जो सीमा रेखाएं खींची गई थीं, वे उन्हें मिटाने का काम कर रहे हैं। इसलिए आईएस धार्मिक रूढि़वाद का स्वयंभू पैरोकार होने के अलावा खुद को एक औपनिवेशिक-रोधी संगठन भी दर्शा रहा है।

यह सच है कि आईएस ने इराक और सीरिया के बीच सीमा रेखा चिन्हित करने वाले खंभों को उखाड़ फेंका है।

संसार को उम्मीद है कि राजनयिक दुनिया में इस आपातकालीन स्थिति से बना एहसास हितों के टकराव का फैसला रणभूमि में करने की बजाय वार्ता की मेज पर सुलझाने का सबब बनेगा।

जहां एक ओर विश्व के देश सांस रोककर अगले घटनाक्रम का अंदाजा लगा रहे हैं और दूसरी ओर युद्धग्रस्त देशों से भागकर पश्चिमी देशों के समुद्री तटों पर हजारों-हजार शरणार्थियों की भीड़ जमा होती जा रही है।

Comment:

hititbet
betwoon giriş
betwoon giriş
betasus giriş
imajbet güncel
betpipo giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
Vdcasino
imajbet güncel giriş
vaycasino giriş
Betzula giriş
kralbet giriş
safirbet güncel
bettilt giriş
bettilt giriş
vdcasino giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
kralbet giriş
kralbet giriş
imajbet güncel
imajbet güncel
imajbet giriş
betpark
vdcasino giriş
katlabet giriş
katlabet giriş
norabahis giriş
norabahis giriş
betpark giriş
vdcasino giriş
vdcasino giriş
vdcasino giriş
vdcasino giriş
vdcasino giriş
hititbet giriş
hititbet giriş
vdcasino giriş
vdcasino
betorder
milanobet giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
milanobet giriş
milanobet giriş
meritking giriş
mrking giriş
norabahis giriş
norabahis giriş
betpark giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
milanobet
milanobet
betorder giriş
milanobet
milanobet
cratosroyalbet giriş
cratosroyalbet giriş
cratosroyalbet giriş
vaycasino
vaycasino giriş
kralbet giriş
imajbet giriş
imajbet giriş
imajbet giriş
imajbet giriş
holiganbet giriş
norabahis giriş
norabahis giriş
norabahis giriş
norabahis giriş
cratosroyalbet giriş
imajbet giriş
imajbet giriş
imajbet giriş
imajbet giriş
artemisbet giriş
artemisbet giriş
artemisbet giriş
artemisbet giriş
avvabet giriş
avvabet giriş
avvabet giriş
avvabet giriş
imajbet giriş
imajbet giriş
imajbet giriş
imajbet giriş
kolaybet
Kolaybet
betpark giriş
bettilt giriş
bettilt giriş
imajbet giriş
imajbet güncel
holiganbet giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
meritking giriş
mrking giriş
meritking giriş
mrking giriş
grandpashabet
grandpashabet
norabahis giriş
norabahis giriş
mariobet giriş
mariobet giriş
mariobet giriş
mariobet giriş
mariobet giriş
holiganbet
betpark