कांग्रेस की इन दोगली नीतियों को जरा गौर से समझिए- ‘लल्लू साहब’

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🙏बुरा मानो या भला🙏

 

—मनोज चतुर्वेदी “शास्त्री”

उत्तरप्रदेश कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष अजय कुमार “लल्लू” ने कहा है कि- “35,716 चयनित पुलिस सिपाही भर्ती के लिए दर-दर की ठोकरें खा रहे हैं और प्रदेश सरकार को इसकी कोई चिंता नहीं है। उन्होंने कहा कि पुलिस भर्ती में चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति दिलाने के लिए कांग्रेस सदन से सड़कों तक संघर्ष करेगी। उन्होंने आगे कहा कि भाजपा बेरोजगार युवाओं का दर्द नहीं सुनना चाहती है, क्योंकि भाजपा सरकार को बेरोजगारों की चिंता नहीं है। उन्होंने कहा कि अहंकार में भाजपा सरकार डूबी हुई है। उसे बेरोजगार नौजवानों की चिंता नहीं है। कांग्रेस पार्टी बेरोजगारों के साथ हमेशा खड़ी है।”

कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष के इस बयान को सुनकर वास्तव में ऐसा लगता है कि कांग्रेस पार्टी बेरोजगार युवाओं की समस्याओं को लेकर बेहद चिंतित और गम्भीर है। इस बयान से यह स्पष्ट नज़र आ रहा है कि कांग्रेस पार्टी को युवाओं के भविष्य की बहुत अधिक चिंता है और वह उनके अधिकारों के लिए धरातल पर लड़ाई लड़ रही है। लेकिन यह तस्वीर का केवल एक रुख़ है। अब ज़रा तस्वीर के दूसरे रुख़ पर नज़र डालते हैं।

Care Of India नामक एक मीडिया वेबसाइट के अनुसार राजस्थान की कांग्रेस सरकार ने बजट के दौरान साल 2020-21 में कंप्यूटर शिक्षकों का कैडर बनाने की घोषणा की थी। जिसके बाद बेरोजगार बैठे कंप्यूटर डिग्रीधारकों को नौकरी की एक आस जगी थी। लेकिन राजस्थान सरकार द्वारा जारी एक नोटिस के कारण डिग्रीधारकों में मायूसी छा गई है। क्योंकी सरकार अब भर्ती नियमित नहीं बल्कि संविदा तौर पर करेगी।
कंप्यूटर के अध्यापकों की भर्ती को लेकर निराशा हाथ लगने पर युवाओं ने विरोध शुरू कर दिया है। कंप्यूटर में डिग्री करने वाले युवा नई दिल्ली में कांग्रेस मुख्यालय के बाहर मुर्गा बनकर संविदा भर्ती का विरोध करने में लगे हुए हैं। क्योंकि राजस्थान सरकार पर युवा आरोप लगा रहे हैं कि गहलोत सरकार स्थाई भर्ती की जगह अनुबंध पर भर्ती कर रही है।

इन युवाओं ने आरोप लगाया है कि कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी ने उत्तर प्रदेश की इसी प्रक्रिया को लेकर विरोध जताया था। लेकिन राजस्थान में आकर कांग्रेस चुप्पी साध लेती है। यहां यह उल्लेखनीय है कि श्रीमती प्रियंका गांधी वाड्रा कांग्रेस पार्टी की प्रदेश प्रभारी हैं।
युवाओं का कहना है कि वह बीते सात दिन से दंडवत कर मुर्गा बनकर कांग्रेस का विरोध कर रहे हैं। पूरे मामले को लेकर उन्होंने पवन बंसल से लेकर केसी वेणुगोपाल और राहुल गांधी के दफ्तर तक ज्ञापने दे चुके हैं। लेकिन कहीं कोई सुनवाई नहीं हो रही है। अगर उनकी मांगें नहीं मानी गई तो आंदोलन को तेज कर दिया जाएगा।

अब ज़रा गौर कीजिए कि कांग्रेस के दांत दिखाने वाले कौन से हैं, और खाने वाले कौन से हैं। कांग्रेस हर मोर्चे पर विफल है और अपनी इन्हीं दोगली नीतियों के चलते जनता ने उसे सिरे से नकार दिया है।

“लल्लू” जी कुछ भी कहें लेकिन यह पब्लिक है, यह सबकुछ जान चुकी है। अंदर क्या है, बाहर क्या है, ख़ूब पहचानती है।

🖋️ मनोज चतुर्वेदी “शास्त्री”
समाचार सम्पादक- उगता भारत हिंदी समाचार-
(नोएडा से प्रकाशित एक राष्ट्रवादी समाचार-पत्र)

*विशेष नोट- उपरोक्त विचार लेखक के व्यक्तिगत विचार हैं। हमारा उद्देश्य जानबूझकर किसी की धार्मिक-जातिगत अथवा व्यक्तिगत आस्था एवं विश्वास को ठेस पहुंचाने नहीं है। यदि जाने-अनजाने ऐसा होता है तो उसके लिए हम करबद्ध होकर क्षमा प्रार्थी हैं।

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