माता सत्यवती आर्या की मनाई गई 15वीं पुण्यतिथि : दी गई भावपूर्ण श्रद्धांजलि

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दादरी । ( संवाददाता) यहां अंसल गोल्फ लिंक सेकंड में माता सत्यवती आर्या को उनकी 15वीं पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस अवसर पर आयोजित किए गए यज्ञ में उपस्थित रहे यज्ञ के ब्रह्मा देव मुनि जी महाराज ने कहा कि माता का हमारे जीवन में विशेष महत्व है ।माता के दिए गए संस्कारों से ही उत्तम संतान और उत्तम राष्ट्र का निर्माण होता है। माताओं की आज के समय में हो रही उपेक्षा पर अपने विचार रखते हुए उन्होंने कहा कि हमें आज के दौर में माताओं के प्रति सम्मान के भाव को बढ़ाने की आवश्यकता है। साथ ही उन्होंने कहा कि माताओं को भी संस्कारशील संतान बनाने के अपने महान दायित्व के प्रति सजग और सावधान रहना होगा। उन्होंने कहा कि माता सत्यवती आर्य जी सरस्वती की खान थीं जिनका जीवन भी वैसा ही पवित्र रहा।


कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में अपने विचार व्यक्त करते हुए प्रोफेसर विजेंद्र सिंह आर्य ने कहा कि मां एक ऐसा पवित्र शब्द है जो सृष्टि में अन्यत्र मिलना दुर्लभ है। उन्होंने कहा कि मां हमारे जीवन का आधार है। मां के कारण ही हम संसार में अपनी पहचान बनाने में सफल होते हैं और मां के दिए संस्कार हमारे जीवन भर काम आते हैं। उन्होंने माता श्रीमती सत्यवती आर्य के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वह एक यज्ञ प्रेमी महिला थीं। जो वैदिक संस्कृति के प्रति समर्पित जीवन जीती रहीं और वही संस्कार हमें देकर गईं।


कार्यक्रम में अपने विचार व्यक्त करते हुए गुरुकुल सिकंदराबाद के अध्यक्ष प्रताप सिंह आर्य ने कहा कि यज्ञ हमारे जीवन का आधार है और यज्ञ जैसा पवित्र जीवन ही मां का होता है। जैसे यज्ञ सारे संसार को उज्जवल चरित्र वाला बनाता है वैसे ही माता का उज्ज्वल चरित्र भी समाज और राष्ट्र का कल्याण करता है। इस अवसर पर आर्य समाज सूरजपुर के मंत्री मूलचंद शर्मा ने कहा कि यज्ञ करने वाले परिवारों में जो सुख और शांति देखी जाती है वह अन्य परिवारों में नहीं देखी जाती। इसका मतलब है कि यज्ञशील संस्कृति ही राष्ट्र और समाज का भला कर सकती है। जिन माताओं के विचार यज्ञशील संस्कृति को बढ़ावा देने वाले होते हैं वे माताएं सचमुच महान होती हैं। उन्होंने कहा कि श्रीमती सत्यवती आर्या जी का जीवन ऐसे ही माता का जीवन था।
सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त करते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता देवेंद्र सिंह आर्य ने कहा कि आज के समय में हमें संस्कृति पर हो रहे खतरनाक आक्रमण का सामना करने की आवश्यकता है । यदि हम अपने सांस्कृतिक मूल्यों को बचाना चाहते हैं तो हमें निश्चय ही यज्ञ आदि को अपनाना पड़ेगा।
कार्यक्रम में समाजसेवी और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सन्तसिंह बंसल, रहीसराम भाटी, ओमवीर सिंह भाटी , सरपंच रामेश्वर सिंह , चाहत राम , रामकुमार वर्मा ने भी अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम में इंद्रसिंह , जितेंद्र विकल, अमरजीत आर्य, वरुण आर्य, अमृत सिंह आर्य , अजय आर्य , सचिन कौशिक ,मनोज नागर एडवोकेट, अमन आर्य, विपिन गुर्जर, विपिन आर्य, रामजस आर्य सहित सैकड़ों लोगों ने माता जी को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम का संचालन डॉ राकेश आर्य द्वारा किया गया ,जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता देवमुनि जी महाराज द्वारा की गई।

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