जिस लुटेरे ने मठ मंदिर तोड़े उसके नाम से नगर का नाम स्वीकार नहीं, होशंगाबाद हुआ अब ‘नर्मदापुरम’ : शिवराज सिंह चौहान

शिवराज सिंह चौहान ने बदला होशंगाबाद शहर का नाम
उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अन्य मुख्यमंत्रियों के लिए एक Icon बन रहे हैं। जिस तरह दंगे में हुए नुकसान की भरपाई दंगाइयों से करने, माफिया की संपत्ति जब्त करना और मुग़ल एवं ब्रिटिश काल में हिन्दू नामों को बदल हिन्दुओं पर अत्याचार करने वालों के रखे नामों को वास्तविक नाम देकर भारतीय संस्कृति और इतिहास को उजागर कर जनता को देश को अवगत कराना आदि। उसी राह पर अन्य मुख्यमंत्री भी चलने का प्रयास कर रहे हैं।

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार की तर्ज पर शहर का नाम बदले जाने की राह पर अब मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह भी चल पड़े हैं। शिवराज सिंह चौहान ने सबसे पहले होशंगाबाद का नाम बदलकर ‘नर्मदापुरम’ किए जाने की घोषणा की है। माँ नर्मदा की जयंती के एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री शिवराज अपनी पत्नी संग शामिल हुए और मंच से उन्होंने होशंगाबाद का नाम बदलकर नर्मदापुरम रखने की बात भी कह दी।

नेता कर रहे थे मांग

उन्होंने कहा कि जल्द ही केंद्र को होशंगाबाद का नाम बदलने के लिए प्रस्ताव भेजा जाएगा। सीएम की इस घोषणा के बाद बीजेपी नेताओं में खुशी की लहर है। बता दें कि साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर और प्रोटेम स्पीकर रामेश्वर शर्मा ने होशंगाबाद का नाम नर्मदापुरम किए जाने की माँग की थी। दोनों बीजेपी नेताओं ने कहा था कि कब तक लुटेरे हुशंगशाह के नाम से होशंगाबाद को पहचाना जाए? जिस लुटेरे ने हमारे मठ-मंदिर तोड़े, भगवान भोले के मंदिर भोजपुर का शिखर तोड़ा उसके नाम से नगर का नाम मंजूर नहीं? मोक्ष दायिनी पुण्य सलिला माँ नर्मदा जिनके दर्शन मात्र से पुण्य मिलता हो, जिनके आशीर्वाद से मध्य प्रदेश के खेत लहलहाते हों उनके नाम से नगर पहचाना जाना चाहिए। शिवराज सरकार ने पहले ही संभाग का नाम नर्मदापुरम संभाग रखा है। अब नगर का नाम भी नर्मदापुरम रखा जाए।

नए नाम का ऐलान करते हुए सीएम ने कहा कि होशंगाबाद के अस्पताल को सभी सुविधा युक्त अस्पताल बनाया जाएगा। साथ ही ऑडिटोरियम, दशहरा मैदान का उन्नयन किया जाएगा। नर्मदा के तट पर एक सभा को संबोधित करते हुए चौहान ने लोगों से पूछा कि क्या सरकार को होशंगाबाद का नाम बदलना चाहिए। इस पर लोगों ने उनको हाँ में जवाब दिया।

चौहान ने इसके आगे लोगों से से पूछा, ‘‘नया नाम क्या होना चाहिए? इस पर लोगों ने उत्तर दिया– ‘‘नर्मदापुरम’’। इसके बाद चौहान ने कहा कि अब हम केन्द्र को होशंगाबाद का नाम बदलकर नर्मदापुरम करने का प्रस्ताव भेज रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार नर्मदा नदी के किनारे सीमेंट कंक्रीट का जंगल बनाने की अनुमति नहीं देगी। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि नर्मदा किनारे पर बसे शहरों में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट भी बनाए जा रहे हैं।

मध्य प्रदेश विधानसभा के अस्थायी अध्यक्ष रामेश्वर शर्मा के नेतृत्व में मुख्यमंत्री की इस घोषणा पर खुशी जताते हुए भाजपा कार्यकर्ताओं ने शनिवार (फरवरी 20, 2021) सुबह को फटाखे फोड़े। शर्मा ने कहा, ‘‘यह एक ऐतिहासिक क्षण है। नर्मदा नदी मध्य प्रदेश की जीवन रेखा है। होशंगाबाद अब तक एक हमलावर होशांगशाह के नाम से जाना जाता था लेकिन अब मध्य प्रदेश की जीवन रेखा माँ नर्मदा के नाम से जाना जाएगा। ये खुशी की बात है। मैं जन भावनाओं का सम्मान करते हुए यह घोषणा करने के लिए मुख्यमंत्री को धन्यवाद देता हूँ।’’

अब होशंगाबाद शहर का नाम बदलने पर कैबिनेट मंत्री विश्वास सारंग ने इसका स्वागत किया है। उन्होंने कहा, “मैं सीएम शिवराज को बधाई देता हूँ। उन्होंने होशंगाबाद का नाम बदलने की बात कही है। मैं भी समर्थन करता हूँ। चाहे हलाली डैम हो या कोई और… ऐसे स्थानों का नाम बदला जाना चाहिए, जो गुलामी के नाम के परिचायक हैं।”

सरकार को इन स्थानों का पुनःनामकरण करना चाहिए-

01-इंडिया, हिन्दुस्तान [भारत-आर्यावर्त्त]

02-दिल्ली [ इन्द्रप्रस्थ ]

03-फरीदाबाद [ तिलप्रस्थ ]

04-सोनीपत [ स्वर्णप्रस्थ ]

05-पानीपत [ पर्णप्रस्थ ]

06-बागपत [ बागप्रस्थ ]

07-कानपुर [ कान्हापुर ]

08-हैदराबाद [ भाग्यनगर ]

09-औरंगाबाद [ संभाजी नगर ]

10-भोपाल [ भोजपाल ]

11-लखनऊ [ लक्ष्मणपुरी ]

12-अहमदाबाद [ कर्णावती ]

13-अलीगढ़ [ हरिगढ़ ]

14-मिराज [ शिव प्रदेश ]

15-मुजफ्फरनगर [ लक्ष्मी नगर ]

16-शामली [ श्यामली ]

17-रोहतक [ रोहितासपुर ]

18-पोरबंदर [ सुदामापुरी ]

19-पटना [ पाटलीपुत्र ]

20-नांदेड [ नंदीग्राम ]

21-आजमगढ [ आर्यगढ़ ]

22-अजमेर [ अजयमेरु ]

23-उज्जैन [ अवंतिका ]

24-जमशेदपुर [ काली माटी ]

25-विशाखापट्टनम [ विजात्रापश्म ]

26-गुवाहटी [ गौहाटी ]

27-सुल्तानगँज [ चम्पानगरी ]

28-बुरहानपुर [ ब्रह्मपुर ]

29-इंदौर [ इंदुर ]

30-नशरुलागंज [ भीरुंदा ]

31-उसामानाबाद [ धाराशिव] महाराष्ट्र

32-देवरिया [ देवपुरी ] उत्तर प्रदेश

33-सुल्तानपुर [ कुशभवनपुर ]

34-लखीमपुर [ लक्ष्मीपुर ] उत्तर प्रदेश

35-मुरैना [ मयुरवन ]

यह सभी नाम मुगलों व अंग्रेजों द्वारा बदले गये हैं !

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