मजहबी तालीम पर रोक लगाने का असम सरकार ने लिया ऐतिहासिक और अनुकरणीय फैसला

image (2)
सरकार की ओर से मजहबी तालीम दिए जाने की संविधान विरोधी भावना पर रोक लगाने का असम सरकार ने देश के अन्य राज्यों के लिए अनुकरणीय और ऐतिहासिक फैसला लिया है । ज्ञात रहे कि हमारा संविधान धर्म, जाति, लिंग और संप्रदाय के आधार पर किसी भी प्रकार के भेदभाव की मनाही करता है। परंतु इसके उपरांत भी धर्मनिरपेक्षता के नाम पर देश में  सरकारों की ओर से तुष्टीकरण का खेल खेलते हुए ऐसी व्यवस्था की गई कि अल्पसंख्यकों को अपनी शैक्षणिक संस्थाएं खड़े करने और सरकार द्वारा उन शैक्षणिक संस्थाओं के लिए धन मुहैया कराने की व्यवस्था की जाती रही। जिसका परिणाम यह हुआ कि देश में सांप्रदायिक उन्माद और उग्रवाद बढ़ता ही गया। देश की सामासिक संस्कृति को बचाने के लिए आवश्यक था कि एक जैसी शिक्षा प्रणाली पूरे देश में होती। जिससे राष्ट्रवाद को बढ़ावा मिलता। पर ऐसा न करके संविधान की आत्मा के साथ खिलवाड़ करने की कांग्रेसी परंपरा देश में विकसित होती चली गई। अब उस देश विरोधी भावना पर रोक लगाने का असम सरकार ने जो ऐतिहासिक फैसला लिया है उससे निश्चय ही अन्य राज्य सरकारों को प्रेरणा मिलेगी।

 

असम की बीजेपी सरकार नवंबर में सरकारी मदरसों को बंद करने को लेकर नोटिफिकेशन जारी करेगी। राज्य के शिक्षा मंत्री हिमांत विश्व शर्मा ने 8 अक्टूबर 2020 को यह साफ़ करते हुए कहा कि मजहबी शिक्षा का खर्च जनता के रुपए से नहीं उठाया जा सकता है। 

शर्मा ने कहा, “राज्य में कोई भी धार्मिक शैक्षणिक संस्थान सरकारी खर्च पर नहीं चलाया जा सकता है। हम इस प्रक्रिया को लागू करने के लिए आगामी नवंबर में ही एक अधिसूचना जारी करेंगे। इसके अलावा हमें निजी तौर पर चल रहे मदरसों को लेकर कुछ नहीं कहना है।” उन्होंने कहा कि संस्कृत टोल (संस्कृत विद्यालय) की बात अलग है। लोगों की आपत्ति इस बात पर है कि सरकारी खर्च पर चलने वाले संस्कृत टोल पारदर्शी नहीं हैं, हम इस मुद्दे पर भी जल्द ही निष्कर्ष निकाल लेंगे।

असम सरकार को मंदिरों में आने वाले चढ़ावे को केवल मंदिरों के सुधार, मंदिर को जाने वाले मार्गों को सुगम बनाने के लिए ही प्रयोग करना चाहिए। दूसरे, मंदिरों की भांति मस्जिदों और दरगाहों को होनी वाली कमाई का सरकार को अपने पास हिसाब रखना चाहिए, ताकि दोनों हाथों से हो रही लूट पर अंकुश लग सके। वर्तमान में सरकार के पास किसी भी दरगाह एवं मस्जिद को होने वाली कमाई की जानकारी नहीं।

वहीं एआईयूडीएफ (AIUDF) के मुखिया और सांसद बदरुद्दीन ने इस फैसले का विरोध किया है। उन्होंने कहा कि अगर भाजपा सरकार मदरसों को बंद करने का निर्णय लेती है तो उनकी पार्टी अगले साल की शुरुआत में होने वाले विधानसभा चुनाव जीत कर इन्हें दोबारा शुरू करेगी। उन्होंने कहा, “आप मदरसे नहीं बंद कर सकते हैं। यदि मौजूदा सरकार मदरसों को बंद करती है तो सत्ता में आने पर हम इन्हें नए सिरे से शुरू करेंगे।”

इससे पहल हिमांत शर्मा ने ग्रीष्मकालीन विधानसभा सत्र के दौरान मदरसों से जुड़े एक सवाल का जवाब देते हुए कहा था कि सरकारी मदरसे नवंबर से बंद हो रहे हैं। उनका कहना था कि अब से सरकार केवल धर्म निरपेक्ष और आधुनिक शिक्षा को बढ़ावा देगी। उन्होंने कहा था कि अब और अरबी शिक्षकों की नियुक्ति की कोई योजना नहीं है। मदरसा बोर्ड को भंग कर संस्थानों के शिक्षाविद माध्यमिक शिक्षा बोर्ड को सौंप दिए जाएँगे।

संस्कृत के बारे में बात करते हुए शर्मा ने कहा कि संस्कृत सभी आधुनिक भाषाओं की जननी है। असम सरकार ने सभी संस्कृत टोल्स को कुमार भास्कर वर्मा संस्कृत और प्राचीन अध्ययन विश्वविद्यालय (नलबाड़ी में) के तहत लाने का फैसला किया है। वह एक नए रूप में कार्य करेंगे। फरवरी 2020 के दौरान एक अहम निर्णय में असल सरकार ने घोषणा की थी कि सरकार सभी राज्य संचालित मदरसों और संकृत टोल्स को बंद करने वाली है। उनके मुताबिक़ धार्मिक उद्देश्यों के लिए धार्मिक शास्त्र, अरबी और अन्य भाषाओं को पढ़ाना सरकार का काम नहीं है।

असम में कुल 614 सरकारी और 900 निजी मदरसे हैं। इनमें अधिकांश जमीयत उलामा के तहत चलाए जाते हैं। दूसरी तरफ राज्य में लगभग 100 सरकारी संस्कृत टोल्स और 500 से अधिक निजी टोल्स हैं। सरकार प्रतिवर्ष मदरसों पर लगभग 3 से 4 करोड़ रुपए खर्च करती है और लगभग 1 करोड़ रुपए संस्कृत टोल्स पर खर्च करती है।

Comment:

betpark
betpark
betpark
betpark
betpark giriş
betpark giriş
vdcasino giriş
betpark giriş
betpark giriş
bepark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
nitrobahis giriş
betcup giriş
betcup giriş
betcup giriş
betcup giriş
bettilt giriş
bettilt giriş
betnano giriş
meritking giriş
vdcasino giriş
norabahis giriş
norabahis giriş
vdcasino giriş
vdcasino giriş
pokerklas giriş
pokerklas giriş
betpark giriş
vaycasino
vaycasino
norabahis giriş
norabahis giriş
betpark giriş
betpark giriş
betgaranti giriş
betpark giriş
betpark giriş
tlcasino giriş
tlcasino giriş
timebet giriş
roketbet giriş
betnano giriş
betnano giriş
roketbet giriş
yakabet giriş
meritking giriş
betorder giriş
betorder giriş
yakabet giriş
Alobet giriş
bettilt giriş
bettilt giriş
betasus giriş
betasus giriş
betorder giriş
betorder giriş
vdcasino giriş
vdcasino giriş
ngsbahis giriş
ngsbahis giriş
casinoslot giriş
casinoslot giriş
norabahis giriş
norabahis giriş
artemisbet giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
artemisbet giriş
bettilt giriş
bettilt giriş
noktabet giriş
bettilt giriş
bettilt giriş
betlike giriş
betlike giriş
hititbet giriş
hititbet giriş
meritking
mavibet giriş
norabahis giriş
norabahis giriş
betpark giriş
meritking
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş