भारतीय राष्ट्रीय इतिहास पुनर्लेखन समिति ने भारत के इतिहास के दोबारा लिखे जाने पर दिया बल

जमशेदपुर । ( संवाददाता ) जमशेदपुर के सर्किट हाउस एरिया स्थित श्री राजेंद्र कुमार अग्रवाल के कार्यालय में भारतीय राष्ट्रीय इतिहास पुनर्लेखन समिति के जमशेदपुर स्थित पदाधिकारियों की एक बैठक हुई जिसकी अध्यक्षता श्री गिरधारी लाल देबूका ने की ।
बैठक में उपस्थित राष्ट्रीय संयोजक धर्म चंद्र पोद्दार ने 29 फरवरी 2020 को श्री विश्वकर्मा मंदिर भवन नई दिल्ली में हुई आम सभा पर समीक्षा हेतु अपने विचार प्रकट करने के लिए कहा ।
उन्होंने आगामी कार्यक्रमों पर भी चर्चा हेतु आमंत्रित किया । श्री राजेंद्र कुमार अग्रवाल ने 29 फरवरी 2020 को हुई आमसभा पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि आम सभा बहुत ही अच्छी रही ।
यह पहली आमसभा थी और इसमें भारत के अनेक क्षेत्रों से आए हुए लोगों की अच्छी संख्या थी । इस आम सभा में कार्यकारिणी समिति का भी गठन किया गया था । सबसे बड़ी बात कि इस प्रथम बैठक सह आम सभा में जो निर्णय लिए गए उससे प्रधानमंत्री को अवगत कराने का काम भी किया गया । इस आमसभा में मांग की गई कि अभी के समय में भारत में नए इतिहास को पढ़ाए जाने की नितांत आवश्यकता है ।

इसे लेकर बाद में एक ज्ञापन भी प्रधानमंत्री जी को भेजा गया था यह सारा कुछ अच्छा रहा
श्री पोद्दार ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा की इन सारी चीजों को तो भाई राजेंद्र जी ने बहुत अच्छी प्रकार रखा है और अब आने वाले समय में जैसे ही यह कोरोना का मामला खत्म होता है और सोशल डिस्टेंसिंग खत्म कर दी जाती है तब जमशेदपुर में भारतीय इतिहास पुनर्लेखन समिति के सभी लोगों की एक बैठक आयोजित कर हम लोग इस में अन्यान्य कार्यक्रम लेने पर भी विचार विमर्श कर सकेंगे । इतिहास अब नया क्यों लिखा जाना चाहिए इस पर भी चर्चा की जा सकेगी ।
आज की बैठक की अध्यक्षता करते हुए श्री गिरधारी लाल देबूका ने कहा कि भारतीय इतिहास पुनर्लेखन समिति के द्वारा किए जा रहे कार्यों को सभी जगह सराहना मिल रही है । इस चीज को हमने नई दिल्ली में भी देखा था और यहां भी लोगों में काफी उत्साह है । कोरोना काल समाप्त होने के पश्चात हम लोग एक बड़ी बैठक का आयोजन जमशेदपुर के लोगों के लिए करेंगे और इसमें नए इतिहास से संबंधित चर्चा भी होगी और नए इतिहास को पढ़ाने की आवश्यकता पर भी बातचीत हो सकेगी । नया इतिहास लिखने का काम अपने कुछ लोग कर रहे हैं , इस पर भी बातें होगी । आने वाले समय में भारतीय इतिहास पुनर्लेखन समिति के लोग माननीय प्रधानमंत्री जी से भी मिलेंगे और मांग रखेंगे कि नए इतिहास को भारत के सारे विद्यालयों महाविद्यालयों में पढ़ाया जाना नितांत आवश्यक है ।
आज जो विद्यार्थियों को शिक्षा दी जाती है उससे लोग नौकरीपेशा बन रहे हैं । इस प्रकार की शिक्षा की आवश्यकता है कि लोग मनुष्य बने । धन्यवाद ज्ञापन श्री राजेंद्र कुमार अग्रवाल ने किया ।
यह जानकारी समिति द्वारा जारी एक विज्ञप्ति के माध्यम से दी गई है ।

Comment: