वह नौजवान गिद्ध और भारत का हिंदू समाज

IMG-20230723-WA0020

एक बार गिद्धों का झुण्ड उड़ता-उड़ता एक टापू पर जा पहुँच। वह टापू समुद्र के बीचों-बीच स्थित था। वहाँ ढेर सारी मछलियाँ, मेंढक और समुद्री जीव थे। इस प्रकार गिद्धों को वहाँ खाने-पीने को कोई कमी नहीं थी। सबसे अच्छी बात ये थी कि वहाँ गिद्धों का शिकार करने वाला कोई जंगली जानवर नहीं था। गिद्ध वहाँ बहुत ख़ुश थे। इतना आराम का जीवन उन्होंने पहले देखा नहीं था।

उस झुण्ड में अधिकांश गिद्ध युवा थे। वे सोचने लगे कि अब जीवन भर इसी टापू पर रहना है। यहाँ से कहीं नहीं जाना, क्योंकि इतना आरामदायक जीवन कहीं नहीं मिलेगा।

लेकिन उन सबके बीच में एक बूढ़ा गिद्ध भी था। वह जब युवा गिद्धों को देखता, तो चिंता में पड़ जाता। वह सोचता कि यहाँ के आरामदायक जीवन का इन युवा गिद्धों पर क्या असर पड़ेगा? क्या ये वास्तविक जीवन का अर्थ समझ पाएंगे? यहाँ इनके सामने किसी प्रकार की चुनौती नहीं है। ऐसे में जब कभी मुसीबत इनके सामने आ गई, तो ये कैसे उसका मुकाबला करेंगे?

बहुत सोचने के बाद एक दिन बूढ़े गिद्ध ने सभी गिद्धों की सभा बुलाई। अपनी चिंता जताते हुए वह सबसे बोला, “इस टापू में रहते हुए हमें बहुत दिन हो गए हैं। मेरे विचार से अब हमें वापस उसी जंगल में चलना चाहिए, जहाँ से हम आये हैं। यहाँ हम बिना चुनौती का जीवन जी रहे हैं। ऐसे में हम कभी भी मुसीबत के लिए तैयार नहीं हो पाएंगे।”

युवा गिद्धों ने उसकी बात सुनकर भी अनसुनी कर दी। उन्हें लगा कि बढ़ती उम्र के असर से बूढ़ा गिद्ध सठिया गया है। इसलिए ऐसी बेकार की बातें कर रहा है। उन्होंने टापू की आराम की ज़िन्दगी छोड़कर जाने से मना कर दिया।

बूढ़े गिद्ध ने उन्हें समझाने की कोशिश की, “तुम सब ध्यान नहीं दे रहे कि आराम के आदी हो जाने के कारण तुम लोग उड़ना तक भूल चुके हो। ऐसे में मुसीबत आई, तो क्या करोगे? मेरे बात मानो, मेरे साथ चलो।”

लेकिन किसी ने बूढ़े गिद्ध की बात नहीं मानी। बूढ़ा गिद्ध अकेला ही वहाँ से चला गया। कुछ महीने बीते। एक दिन बूढ़े गिद्ध ने टापू पर गये गिद्धों की खोज-खबर लेने की सोची और उड़ता-उड़ता उस टापू पर पहुँचा।

टापू पर जाकर उसने देखा कि वहाँ का नज़ारा बदला हुआ था। जहाँ देखो, वहाँ गिद्धों की लाशें पड़ी थी। कई गिद्ध लहू-लुहान और घायल पड़े हुए थे। हैरान बूढ़े गिद्ध ने एक घायल गिद्ध से पूछा, “ये क्या हो गया? तुम लोगों की ये हालात कैसे हुई?”

घायल गिद्ध ने बताया, “आपके जाने के बाद हम इस टापू पर बड़े मज़े की ज़िन्दगी जी रहे थे। लेकिन एक दिन एक जहाज़ यहाँ आया। उस जहाज से यहाँ कुत्ते छोड़ दिए गए। शुरू में तो उन कुत्तों ने हमें कुछ नहीं किया। लेकिन कुछ दिनों बाद जब उन्हें आभास हुआ कि हम उड़ना भूल चुके हैं। हमारे पंजे और नाखून इतने कमज़ोर पड़ गए हैं कि हम तो किसी पर हमला भी नहीं कर सकते और न ही अपना बचाव कर सकते हैं, तो उन्होंने हमें एक-एक कर मारकर खाना शुरू कर दिया। उनके ही कारण हमारा ये हाल है। शायद आपकी बात न मानने का ये फल हमें मिला है।”

जानते है वो नौजवान गिद्ध कौन है?

वो गिद्ध आज का हिन्दू समाज है जो जातिगत राजनीति , सेकुलरिज्म की घुट्टी, भोगवाद , मौज मस्ती आदि में यह भूल गया कि उसके ऊपर पिछले 1200 वर्षों में क्या क्या अत्याचार हुए? उसे जबरदस्ती गर्दन पर तलवार रखकर पतित किया गया। राजा दाहिर का परिवार मारा गया। हजारों हिन्दू बेटियों से हरम भरे गए। लाखों हिन्दू मंदिरों को तोड़ा गया। गौओं के मांस से अपवित्र किया गया। गोवा में खम्भे से बांधकर जीवित जला दिया गया। वीर हकीकत राय, बंदा बैरागी, शंभाजी महाराज, सिख गुरुओं, वीर गोकुला, राजाराम आदि को असहनीय कष्ट देकर बलिदान होना पड़ा। पंडित लेखराम और महाशय राजपाल ने पेट में छुरा खाया। केरल के मालाबार में मार मार कर लाशों से कुएँ भर दिए गए। इससे भी पेट नहीं भरा तो 1947 में न जाने कितनी औरतों को सरेआम नंगा करके लाहौर की गलियों में उनकी ढोल नगाड़ों के साथ परेड निकाली गई। छोटे छोटे बच्चों की सुन्नत कर दी गई। नवजात बच्चों को भाले पर टांगकर मारा गया। शरणार्थियों से भरी ट्रेनों पर हमला कर लड़कियों को लूट कर ले गए। जिनकी लाश तक घरवालों को देखने को कभी नहीं मिली। धर्म और मजहब में अंतर भूल गया। यही भूल उसे फिर भारी पड़ने लगी है। कश्मीर, केरल, कैराना, बंगाल, असम ,मणिपुर आदि देखकर भी उसे याद नहीं आ रहा कि वो कभी विश्व में सर्वोपरि था। अपने ज्ञान , अपनी शिक्षा , अपने शौर्य, अपने बल से सोने की चिड़ियाँ कहलाता था। आप भी वही हिन्दू तो नहीं हैं?

source facebook

Comment:

Kuponbet Giriş
betgaranti giriş
Teknik Seo
betnano giriş
betnano giriş
vdcasino giriş
grandpashabet giriş
grandpashabet giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
grandpashabet giriş
betnano giriş
betnano giriş
grandpashabet giriş
grandpashabet giriş
grandpashabet giriş
grandpashabet giriş
vaycasino giriş
grandpashabet giriş
vaycasino giriş
betnano giriş
grandpashabet giriş
grandpashabet giriş
betebet giriş
grandpashabet giriş
vaycasino giriş
betebet giriş
betnano giriş
grandpashabet giriş
vaycasino giriş
parmabet giriş
grandpashabet giriş
betpas giriş
grandpashabet giriş
grandpashabet giriş
pusulabet giriş
parmabet giriş
parmabet giriş
betnano giriş
betparibu giriş
grandpashabet giriş
betlike giriş
safirbet giriş
safirbet giriş
betparibu giriş
betlike giriş
parmabet giriş
betpark giriş
grandpashabet giriş
betpark giriş
betpark giriş
vaycasino giriş
grandpashabet giriş
betpark giriş
parmabet giriş
betlike giriş
vaycasino giriş
betparibu giriş
klasbahis giriş
madridbet giriş
madridbet giriş
mariobet giriş
mariobet giriş
grandpashabet giriş
betlike giriş
parmabet giriş
grandpashabet giriş
betparibu giriş
grandpashabet giriş
grandpashabet giriş
grandpashabet giriş
grandpashabet giriş
grandpashabet giriş
norabahis giriş
parmabet giriş
grandpashabet giriş
grandpashabet giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
grandpashabet giriş
vaycasino giriş
betnano giriş
betebet giriş