बेहतर स्वास्थ्य और दिनचर्या के लिए हड्डियों का मजबूत होना बहुत जरूरी

bone-health-हड्डी-मज़बूती
उमेश कुमार सिंह
आज के समय में कम उम्र के लोगों में भी कमजोर हड्डी व जोड़ों की समस्या होने लगी है। कमजोर हड्डियों के कारण लोग समय से पहले बूढ़े होने लगे हैं। बदलती लाइफस्टाइल के साथ हम अपने स्वास्थ्य को खुद बिगाड़ रहे हैं। इसके कुछ खास कारणों में धूम्रपान, शराब का अत्यधिक सेवन, नमक का अत्यधिक सेवन, अस्वस्थ आहार आदि शामिल हैं। हड्डियां हमारे शरीर और मांसपेशियों का आधार हैं। बेहतर स्वास्थ्य और दिनचर्या के लिए हड्डियों का मजबूत होना बहुत जरूरी है। मुबंई स्थित पी.डी.हिंदुजा नेशनल अस्पताल के आर्थोपेडिक्स विभाग हेड डा.संजय अग्रवाला का कहना है कि हड्डियों को मजबूत बनाने के लिए पहले इसके कारणों को जानना जरूरी है। कम उम्र में क्यों कमजोर हो रही हड्डियां? गतिहीन जीवनशैली आरामदेह जीवनशैली कमजोर हड्डियों का कारण बनती है। दरअसल हड्डियों को स्वस्थ और मजबूत बनाए रखने के लिए सक्रिय रहना बहुत जरूरी है। अगर आप आराम ज्यादा करते हैं, तो आपको हड्डी संबंधी समस्या, खासतौर से ऑस्टियोपोरोसिस होने की संभावना बढ़ जाती है। कैल्शियम की कमी आजकल देखा जाता है कि हल्की सी चोट लगने या झटका लगने पर ही हड्डी टूट जाती है। हड्डियों के कमजोर होने का मुख्य कारण शरीर में कैल्शियम की कमी है। कैल्शियम की कमी के कारण ऑस्टियोपेनिया और ऑस्टियोपोरोसिस हो सकता है। ऐसे में शरीर में शरीर में कैल्शियम की कमी को पूरा करना जरूरी है।
विटामिन डी की कमी हड्डियां कैल्शियम से बनी होती हैं, लेकिन हड्डियों को स्वस्थ रखने के लिए सिर्फ  कैल्शियम का सेवन ही काफी नहीं है, बल्कि विटामिन डी का सेवन भी आवश्यक है। विटामिन डी की कमी से हड्डियों में अकडन आने लगती है और मांसपेशियों में कमजोरी आती है। डा.संजय अग्रवाला के अनुसार आपकी हड्डियां इतनी कमजोर पड़ सकती हैं कि आपको चलने-फिरने में भी समस्या हो सकती है। धूम्रपान और शराब का सेवन घूम्रपान और शराब के अत्यधिक सेवन से विटामिन डी और कैल्शियम शरीर में ठीक से एब्जॉर्ब होना बंद कर देते हैं, जिसके कारण हड्डियां कमजोर होने लगती हैं। डब्ल्यूएचओ की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, आठ में से एक हिप फ्रैक्चर सिगरेट पीने से होता है। इसके अलावा बोन इंजरी के मामले में जो व्यक्ति धूम्रपान करता है, उसे रिकवर होने में ज्यादा समय लगता है और परेशानियां बढने का अधिक खतरा बना रहता है। डेयरी उत्पाद और कई अनाज, सोया दूध और बादाम के दूध में विटामिन डी प्रचुर मात्रा में होता है। विटामिन डी का सबसे अच्छा स्रोत सूरज की रोशनी है। हर दिन 15 मिनट के लिए धूप में बैठने से हड्डियों की कमजोरी दूर होती है। इसलिए सर्दी हो गर्मी सुबह की गुनगुनी धूप का अनंद लेना कभी न भूलें हड्डियों को मजबूत बनाना है तो धूम्रपान का सेवन बंद कर दें और शराब का कम से कम सेवन करें। नमक का अत्यधिक सेवन हड्डियों को गलाता है और साथ ही खून को भी प्रभावित करता है, जिससे हड्डियां खोखली होने लगती हैं और आपका जीवन मुश्किल हो जाता है। पानी का ज्यादा से ज्यादा सेवन करें क्योंकि पानी कई बीमारियों का रामबाण इलाज होने के साथ यह हड्डियों को भी मजबूत व लचीला बनाता है। पानी की पार्याप्त मात्रा के सेवन से हड्डियों में जकडन की समस्या भी दूर होती है। इसलिए दिनभर में कम से कम 3 लीटर पानी पीना जरूरी है।
धूम्रपान और अत्यधिक शराब का सेवन हड्डियों को खोखला कर देता है। अस्वस्थ आहार इसमें कोई शक नहीं कि हड्डियों की मजबूती के लिए शरीर को पोषण मिलना जरूरी है। इस भाग-दौड़ भरी जिंदगी में अधिकतर लोग बाहर का जंक फूड खाना पसंद करते हैं। पिज्जा, बर्गर, मैगी, चाट-पकौड़े आदि जैसी चीजों से लोगों के शरीर को पर्याप्त पोषण नहीं मिल पाता है, जिससे हड्डियां इतनी कमजोर हो जाती हैं कि कम उम्र में ही लोगों को हड्डियों का दर्द, छोटी सी चोट से फ्रै क्चर आदि की समस्याएं हो जाती हैं। इसलिए हड्डियों को स्वस्थ बनाए रखने के लिए पोषण युक्त आहार का सेवन करना बहुत जरूरी है। डा.संजय अग्रवाला के अनुसार कमजोर हड्डियों के लक्षण शरीर के जोड़ों में अक्सर दर्द महसूस होना। नाखूनों का अधिक टूटना। छोटी सी चोट से फ्रैक्चर होना। किसी भी काम को करने में ज्यादा ताकत लगना। मांसपेशियों में दर्द और एंठन होना। हड्डियों को कैसे बनाएं मजबूत? टहलने और दौडने से न केवल शारीरिक, बल्कि मानसिक क्षमता भी बढ़ जाती है और साथ ही तनाव दूर होता है। वजन उठाने वाली कसरत, चलना, दौडना, सीढियां चढना, ये व्यायाम हर उम्र में हड्डियों को स्वस्थ बनाए रखने में लाभदायक हैं। इसके अलावा डांस भी एक बेहतरीन एक्सरसाइज है जिसे करने में हर किसी को मजा भी आता है और हड्डियों का स्वास्थ्य भी बना रहता है। शरीर को पर्याप्त कैल्शियम, खनिज व अन्य पोषक तत्व मिलते रहें, इसके लिए आप दूध, दही, ब्रोकली, हरी पत्तेदार सब्जियां, तिल के बीज, अंजीर, सोया और बादाम का दूध जैसे पौष्टिक आहार के सेवन के साथ कैल्शियम की जरूरत पूरी कर सकते हैं।

Comment:

betpark giriş
betpark giriş
betgaranti giriş
kolaybet giriş
kolaybet giriş
kolaybet giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betgaranti giriş
betgaranti giriş
supertotobet
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
bettilt giriş
bettilt giriş
hititbet giriş
hititbet giriş
hititbet giriş
betpark giriş
betpark giriş
vdcasino giriş
pokerklas giriş
pokerklas giriş
betpark giriş
betpark giriş
supertotobet giriş
hititbet giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
supertotobet giriş
supertotobet giriş
Bettilt Giriş
Supertotobet Giriş
Vdcasino Giriş
pokerklas giriş
pokerklas giriş
supertotobet giriş
supertotobet giriş
vaycasino giriş
Mavibet Giriş
betorder giriş
vaycasino giriş
hititbet giriş
supertotobet giriş
vdcasino giriş
pokerklas
bettilt giriş
betgaranti giriş
betplay giriş
supertotobet giriş
betgaranti giriş
hititbet giriş
Hititbet Giriş
hititbet giriş
betorder giriş
betorder giriş
betorder giriş
hititbet giriş
betnano
betmatik
betnano
betkom
betnano
betnano giriş