लोकसभा में कांग्रेस के नेता राहुल गांधी ने दिखाया अपना असली रूप

कांग्रेस कब राहुल गाँधी को राजनीति की शिक्षा देगी, अगर परिवार की गुलामी इस बात की आज्ञा नहीं दे रही, निश्चित रूप से कांग्रेस का डूबना निश्चित है। अभी तक दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल को ‘पलटीमार’ की महारत थी, लेकिन फरवरी 11 को लोकसभा में केजरीवाल को भी पीछे छोड़ दिया। जो बजट पर बोलने के लिए कहकर अपनी ही बात से पलट गए। यही कारण है पार्टी में बुद्धिजीवी के साथ-साथ अन्य कोई दल कभी गंभीरता से नहीं लेता। कांग्रेस को रही-सही अपनी इज्जत बचाने की खातिर राहुल और प्रियंका को जितना दूर रखेंगे, उतना ही अच्छा है।

जब लोकसभा की कार्यवाही में कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी हिस्सा लेते हैं तो अपनी नौटंकी से सदन के साथ ही देश के लोगों का भी भरपूर मनोरंजन करते हैं। गुरुवार को भी लोकसभा में ऐसा ही देखने को मिला, जब राहुल गांधी ने अपनी हरकतों से उपहास के पात्र बने। बजट पर चर्चा के दौरान राहुल गांधी ने अपना ‘पलटीमार’ रूप दिखाकर लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला को भी नाराज कर दिया। स्पीकर ने राहुल के व्यवहार को सदन की गरिमा के खिलाफ बताया।
बात जब गंभीर विमर्शों की हो तो कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी जैसे अपरिपक्व नेता, जिनकी सबसे बड़ी पूँजी ही परिवार का नाम है, की चर्चा का तुक नहीं बनता। गुरुवार (11 फरवरी 2021) को कांग्रेस के युवराज ने लोकसभा में ‘हम दो हमारे दो’, ‘अडानी-अंबानी’ टाइप ढेर सारी बातें की, जबकि चर्चा बजट पर थी। बावजूद उनका जिक्र भर क्योंकि वे केरल के वायनाड से ही लोकसभा पहुँचे हैं। वायनाड ने उन्हें तब सदन में भेज दिया, जब अमेठी की परंपरागत सीट पर 2019 के आम चुनावों में हार की आहट पाकर वे वहाँ गए थे।

यदि कृषि बाजार 40 लाख करोड़ है, फिर वह कौन-से कारण थे, कि किसान कर्जे में डूब कर आत्महत्या कर रहा था? क्या कोई कृषि बिल विरोधी इस बात का जवाब देगा? वरिष्ठ पत्रकार सुशांत सिन्हा अपने ट्वीट से प्रश्न कर रहे हैं, जिसका जवाब किसान ही नहीं समस्त राष्ट्र मांगता है।

राहुल गांधी के भाषण के दौरान लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला ने कई बार राहुल को टोकते हुए कहा कि आप बजट पर चर्चा कीजिए। राहुल गांधी ने कहा, “मैं आ रहा हूं बजट पर, सर मैं पांच मिनट में बजट पर आ रहा हूं। मैं अभी फाउंडेशन लगा रहा हूं।” लेकिन राहुल गांधी ने तुरंत यू टर्न ले लिया और कहा, “मैं बजट पर आज यहां टिप्पणी नहीं करने वाला हूं, मैं सिर्फ किसानों के मुद्दे पर बोलूंगा और उसके बाद अपना मुंह चुप कर लूंगा।” इस दौरान किसानों के मुद्दे पर राहुल गांधी ने खूब ड्रामा किया।

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