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इतिहास के पन्नों से साक्षात्‍कार

“विभाजनकालीन भारत के साक्षी” नामक पुस्तक के लेखक कृष्णानंद सागर जी से विशेष बातचीत के कुछ अंश

हिंदू मुस्लिम एकता का वह नायाब फार्मूला और गांधी जी “विभाजन कालीन भारत के साक्षी” नामक ऐतिहासिक दस्तावेज के रूप में चार खंडों में प्रकाशित पुस्तक के लेखक कृष्णानंद सागर जी किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं। उन्होंने 20 वर्ष के परिश्रम साध्य कार्य को पूर्ण करते हुए इस पुस्तक को चार खंडों में प्रकाशित […]

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इतिहास के पन्नों से मुद्दा राजनीति हमारे क्रांतिकारी / महापुरुष

वीर सावरकर के विरोध के निहितार्थ

कांग्रेस द्वारा अपने सत्ता निर्वासन को समाप्त करने के लिए भारत जोड़ो यात्रा यात्रा निकाली जा रही है। जो कांग्रेस की तड़पन को दूर करने के लिए अपरिहार्य भी है। लेकिन कभी कभी इस यात्रा के दौरान ऐसा भी लगने लगता है कि इस यात्रा का मूल उद्देश्य भारतीय समाज को जोड़ने के लिए नहीं, […]

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आओ कुछ जाने इतिहास के पन्नों से हमारे क्रांतिकारी / महापुरुष

भारत के प्राचीन आर्य राजा एवं सम्राट

लेखक – पं.भगवतदत्त रिसर्च स्कॉलर वैवस्वत मनु- महर्षि कश्यप की पत्नी अदिति से विवस्वान अर्थात सूर्य का जन्म हुआ था| इन्ही सूर्य के पुत्र का नाम वैवस्वत मनु था| इन्हें महर्षि वाल्मीकि ने पृथ्वी का प्रथम राजा भी माना है|अर्थशास्त्रकार कौटिल्य भी इनको प्रथम राजा मानते हैं| मनु का वंश विश्व में बहुत व्यापक हुआ| […]

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इतिहास के पन्नों से

प्राचीन भारत में महिलाओं के वेद अध्ययन के हैं अनेक प्रमाण

सत्य सनातन वैदिक धर्म के शास्त्रो में , महिलाओ के वेदाध्ययन करने के असंख्यों प्रमाण है। इन असंख्यों प्रमाणो को अनदेखा करते हुये कुछ अज्ञानीजन “गिने चुने कुछ प्रक्षिप्त श्लोको” के आधार पर , स्त्रियो को अनाधिकारिणी सिद्ध करने का मूर्खतापूर्ण प्रयास करते रहते है। यह लोग विद्या के लिए, विद्या की देवी सरस्वती जो […]

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जब औरंगजेब की योजना पर फेर दिया था शिवाजी ने पानी

अंकित गुप्ता छत्रपति शिवाजी किसी भी कीमत पर मुगलों के हिसाब से काम करने और उनके शाही दरबार के चक्कर लगाने के पक्ष में नहीं थे. न ही उन्हें उस दौर के मुगल शासक औरंगजेब पर भरोसा था. उनका मानना था कि औरंगजेब अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए किसी भी हद तक जा […]

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पंजाब नेशनल बैंक (PNB) एवं लाला लाजपतराय जी का संकल्प : 17 नवम्बर को पुण्य तिथि पर प्रकाशित

#डॉविवेकआर्य आज पंजाब नेशनल बैंक देश के प्रमुख बैंकों में से एक है। PNB की स्थापना प्रसिद्ध आर्यसमाजी नेता एवं शेरे-पंजाब लाला लाजपतराय द्वारा 19 अप्रैल1895 को लाहौर के प्रसिद्द अनारकली बाजार में हुई थी। इस बैंक की स्थापना करने वालों में लाला हरकिशन लाल (पंजाब के प्रथम उद्योगपति), दयाल सिंह मजीठिया (ट्रिब्यून अख़बार के […]

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चीन के आक्रमण के समय क्या बोले थे नेहरू ?

चीनी आक्रमण पर क्या कहा था नेहरू ने? अखिलेश झा आज से लगभग 25 साल पहले पुरानी दिल्ली की कबाड़ी की एक दुकान से ऑल इंडिया रेडियो के ग्रामोफोन रेकॉर्ड्स का एक बड़ा संग्रह मैंने खरीदा था। उसमें एक बहुत ही महत्वपूर्ण रेकॉर्डिंग थी। देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू की आवाज़ में। दो […]

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इतिहास के पन्नों से

पंडित जवाहरलाल नेहरू और सोने की चिड़िया भारत

मृत्युंजय राय प्रशांत चंद्र महालनोबिस ने इकॉनमी के लिए एक प्लान तैयार किया, जिस पर 1955 में देश के 20 जाने-माने अर्थशास्त्रियों की राय ली गई। महालनोबिस प्लान, सोवियत संघ की सेंट्रल प्लानिंग मॉडल पर आधारित था यानी इकॉनमी में सरकार और सरकारी कंपनियों की चलेगी। इस प्लान पर उन 20 में से 19 अर्थशास्त्रियों […]

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नेहरू और आंबेडकर के बीच जिन मुद्दों को लेकर रहा विवाद

नेहरू और आंबेडकर के बीच जिन मुद्दों को लेकर रहा विवाद अभिनय आकाश पहले कैबिनेट का हिस्सा होने के बावजूद, कांग्रेस के अधिकांश नेताओं के साथ अम्बेडकर के संबंध अपेक्षाकृत मजबूत आधार पर टिके थे। गांधी के साथ अम्बेडकर के विवादास्पद संबंधों के बारे में बहुत कुछ लिखा गया है। इसके विपरीत, भारत के पहले […]

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राष्ट्रीय समाज के लिए प्रेरणा हैं बिरसा मुंडा

जयंती पर विशेष…. डॉ. वंदना सेन भारतीय संस्कृति को आत्मसात करने वाले कई महानायकों का पूरा जीवन एक ऐसी प्रेरणा देता है, जो देश और समाज को राष्ट्रीयता का बोध कराता है। कहा जाता है कि जो अपने स्वत्व की चिंता न करते हुए समाज के हित के लिए कार्य करता है, वह नायक निश्चित […]

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