इसलाम और शाकाहार: गाय और कुरान – 1

मुजफ्फर हुसैन
पवित्र कुरान में एक भी ऐसा अध्याय (सूरा) नही है, जिसमें गाय अथवा बैल को मारने के संबंध में आदेश दिये गये हों। बल्कि ऐसे आदेश और ऐसा परामर्श अनेक स्थानों पर दिया गया है कि इनसानों को क्या खाना चाहिए। उनके खान पान में किन वस्तुओं का समावेश होना चाहिए। हमारी खाने पीने की आदतें किस प्रकार की होनी चाहिए, इसकी भी चर्चा की गयी है।
अल्लाह ने आदम को आदेश देते हुए कहा, तुम और तुम्हारी पत्नी जब स्वर्ग में थे, उस समय हमने तुम्हें फल खाने के लिए दिये। और तुम अब जहां भी रहोगे वहां भी तुम्हें फल खाने के लिए देंगे। (2.35)
ओ मोहम्मद उन्हें यह शुभ समाचार दे दो कि जो मुझमें विश्वास करते हैं और अच्छे काम करते हैं, उनके लिए नीचे (धरती पर) भी बगीचे होंगे, जहां नदियां बह रही होंगी और हर समय वहां खाने के लिए फल होंगे, लेकिन उस वृक्ष के निकट न जाना नही तो गुनहगार बन जाओगे (2.25)
अल्लाह, जिसने स्वर्ग और धरती बनाई है और जिनके लिए आकाश से पानी बरसाया है, वह सब इसके लिए कि तुम्हारे खाने हेतु फल प्राप्त हों। (14.32)
जिसने तुम्हारे रहने के लिए यह धरती बनाई है, और सिर पर आकाश रूपी छत तैयार की है तथा आकाश से पानी बरसाया है, इसलिए कि तुम्हारे खाने के लिए फल पैदा हो सकें। (2.22)
कुरान की उपर्युक्त चार आयतों से यह जानकारी प्राप्त होती है कि जब अल्लाह ने आदम और हव्वा ईव को बनाया तो उन्हें खाने के लिए फल दिये। जब वे पुन: स्वर्ग को लौटेंगे, उस समय भी उनके खाने के लिए स्वर्ग में फल दिये जाएंगे। इसलिए जब ईश्वर ने धरती बनाई तो फल मनुष्य जाति के खाने के लिए बनाए। उक्त बात हजरत मोहम्मद पैगंबर साहब के जीवन चरित्र से भी भी जानी जा सकती है। हम देख सकते हैं कि आपके प्रतिदिन के भोजन में रोटी, दूध और खजूर का समावेश होता था। कभी कभी वे भेड़ और ऊंट के मांस का भी सेवन करते थे, किंतु आपने बैल अथवा गाय के मांस का सेवन कभी नही किया।
पवित्र कुरान में केवल एक स्थान पर गाय के बलिदान के संबंध में एक कथा पढ़ने को मिलती है।
जब मोजेज (मूसा) ने अपने लोगों से कहा कि अल्लाह का आदेश है कि तुम एक गाय का बलिदान करो।
तब लोगों ने मूसा से पूछा कि आप हमसे मजाक तो नही कर रहे हो? मूसा ने कहा कि ईश्वर इस प्रकार का मजाक करने के लिए नही कहता। तब उन्होंने कहा कि आप हमारे लिए प्रार्थना कर यह स्पष्ट रूप से बताइए कि वह गाय किस प्रकार की हो?
मूसा ने उत्तर दिया-वह गाय न तो अधिक बूढ़ी हो और न ही जवान। वह बीच की आयु की हो। अब तुम वह करो, जिसका तुम्हें आदेश दिया गया है। उन्होंने कहा-आप ईश्वर से प्रार्थना करो कि वह हमें यह बताए कि उक्त गाय किस रंग की हो? मूसा ने उत्तर दिया कि वह पीले रंग की हो औ उसका रंग चमकदार हो। जिसे पाने वाला खुश हो जाए।
क्रमश:

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