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इतिहास के पन्नों से

एक राजा के प्रतिशोध की भेंट चढ़ गया चोल राजवंश

सुविज्ञा जैन कहते हैं कि युद्ध में पराजय के बाद प्रतिशोध की आग से बचना बड़ा मुश्किल होता है। एक बार युद्ध हुआ, तो शुरू हो जाता है ऐसा दुष्चक्र, जिसका टूटना बहुत मुश्किल रहता है। युद्धों के इस सबक का एक उदाहरण है प्राचीन भारतीय इतिहास के दो राजवंश, पाण्ड्य और चोल के बीच […]

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स्वर्णिम इतिहास हमारे क्रांतिकारी / महापुरुष

धर्म की रक्षा हेतु मुगलों के आगे कभी नहीं झुके गुरु तेग बहादुर

सुखी भारती ‘हिन्द की चादर तेग बहादर’ व ‘हिन्द की ढाल’ कह कर सम्बोधित किए जाने वाले विलक्षण शहीद जिन्होंने धर्म की रक्षा हेतु अपना शीश कुर्बान किया और इनके पुत्र श्री गुरु गोबिंद सिंह जी ने इन्हीं के पद चिन्हों पर चलते हुए अपने माता श्री गुजरी जी, चार पुत्रों व अपने अनेकों शिष्यों […]

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अन्य विधि-कानून

गैर आरक्षित वर्ग एकजुट नहीं है, इसलिए राजनीतिक दलों को कोई परवाह नहीं है

योगेंद्र योगी आरक्षण बोतल का ऐसा जिन्न है, जिसे सभी राजनीतिक दल निकाल कर अपनी स्वार्थसिद्धी करना चाहते हैं। यह एक ऐसा मुद्दा है, जिसके नुकसान-फायदे के बारे में कभी विचार नहीं किया जाता। विशेषकर देश और समाज को होने वाले नुकसान की किसी को चिंता नहीं है। आर्थिक आधार पर दिए गए आरक्षण के […]

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महत्वपूर्ण लेख समाज

क्यों बढ़ रही है देश में आत्महत्या की घटनाएं ?

अशोक भाटिया दरअसल हमारे देश ही नहीं, पूरी दुनिया में अकेलेपन, अवसाद और आत्‍महत्‍या के मामले बढ़ रहे हैं। बल्कि यूं कहना ठीक होगा कि आत्‍महत्‍या एक महामारी का रूप धरती जा रही है। लोग कई वजहों से आत्‍महत्‍या करते हैं, ऐसे में अगर उन्‍हें समय रहते पेशेवर सहायता मिल जाए, दोस्‍त-परिवार वाले उनकी मदद […]

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इतिहास के पन्नों से

ठुकराया हुआ वीर

(हिन्दू जाति की ऐतिहासिक भूलों पर आंसू रुलाने वाली सच्ची घटना) लेखक- विजय राघव प्रस्तुति- प्रियांशु सेठ कंटीले जंगलों और पथरीली पहाड़ियों के बीच अपनी सैकड़ों कोसों की यात्रा पैदल ही पूरी कर वह भागा हुआ कैदी अपनी जन्म भूमि बून्दी दुर्ग के निकट अन्त में पहुंच ही गया। इस संकटमयी यात्रा में कितनी ही […]

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राजनीति

राहुल गाँधी के पास अभी बहुत समय है

शादाब सलीम राहुल गांधी की भारत जोड़ो पदयात्रा मध्यप्रदेश के शहर इंदौर पहुंच चुकी है। आज उनकी यात्रा इंदौर के पहले पड़ने वाले महू छावनी में होगी जहां बाबा साहब अंबेडकर का जन्म हुआ था। इतेफाक से आज यात्रा महू पहुंची है और आज ही संविधान दिवस है। बाबा साहब संविधान समिति के ड्राफ्टिंग कमेटी […]

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समाज

लिव इन रिलेशनशिप- मानव सभ्यता की महानतम खोज….

डॉ.नर्मदेश्वर प्रसाद चौधरी पिछली रात मेरे सपने में चमकदार पगड़ी वाले एक बुजुर्ग आए थे। आते ही पूछने लगे, क्या हालचाल है? अपना हिन्दू समाज किस दिशा में जा रहा है? उनकी छवि जानी-पहचानी लग रही थी परन्तु मैंने उन्हें पहचाना नहीं। मेरी स्थिति को पगड़ी वाले बुजुर्ग भांप गए- आपने मुझे पहचाना नहीं। मुस्कुराते […]

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विधि-कानून

जजों की नियुक्ति ? अपनों ही द्वारा होना बेढंगा है

के. विक्रम राव एक वैधानिक संयोग हुआ। बड़ा विलक्षण भी ! दिल्ली में कल भारतीय संविधान की 73वीं सालगिरह की पूर्व संध्या पर शीर्ष न्यायपालिका तथा कार्यपालिका में खुला वैचारिक घर्षण दिखा। दो विभिन्न मंचों पर, विषय मगर एक ही था : “जजों की नियुक्ति-प्रक्रिया।” वर्तमान तथा भारत के पूर्व प्रधान न्यायाधीश, दोनों ही अलग […]

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देश विदेश विविधा स्वास्थ्य

पड़ोसी देश चीन में एक बार फिर पैर पसारता कोरोना, भारत को भी संभलना होगा

-अशोक भाटिया चीन में एक बार फिर से कोरोना वायरस के मामले तेजी से बढ़ने लगे हैं। हाल ही में चीन में कोविड मामलों की संख्या में रिकॉर्ड उछाल दर्ज किया गया। स्वास्थ्य अधिकारियों के मुताबिक बीते दिन चीन में 31656 नए कोरोना पॉजिटिव केस दर्ज किए गए। चीन में एक दिन में कोविड-19 के […]

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गीता का कर्मयोग और आज का विश्व धर्म-अध्यात्म

गीता कर्मयोग का सुन्दर प्रबोधन है

ह्रदय नारायण दीक्षित गीता दर्शन ग्रंथ है। इसका प्रारम्भ विषाद से होता है और समापन प्रसाद से। विषाद पहले अध्याय में है और प्रसाद अंतिम में। अर्जुन गीता समझने का प्रभाव बताते हैं, “नष्टो मोहः स्मृतिर्लब्धा त्वत्प्रसादान्मयाच्युत।“ हे कृष्ण आपके प्रसाद से – त्वत्प्रसादान्मयाच्युत मोह नष्ट हो गया। प्रश्न उठता है कि यह विषाद क्या […]

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