जो लोग कुरान और बाइबिल को पढ़ चुके हैं , उनको अच्छी तरह से पता होगा कि कुरान में नबियों के बारे में जीतनी भी बातें दी गयी हैं उनमे अधिकांश बाइबिल से ली गयी है , कुछ तो ज्यों की त्यों ली ली गयीं और कुछ को ऐसा बदल दिया गया है जो अरबों में प्रचलित थीं , लेकिन सभी जानते हैं की वैदिक धर्म सबसे प्राचीन है , उसकी शिक्षा सार्वभौमिक है , और उसकी शिक्षा पूरे विश्व में फैली हुई थी , दुर्भाग्य से मुस्लिम हमलावरों ने वैदिक ग्रंथों को जलाकर वैदिक ज्ञान को समूल नष्ट करने का भरसक प्रयास किया था , लेकिन वह सफल नहीं हो सके ,क्यंकि वेदों की शिक्षा झूठी जन्नत और जहन्नम की कल्पित बातों पर नहीं बल्कि सत्य पर आधारित है , सब जानते हैं की सत्य को मिटाना असंभव होता है , चूँकि वैदिक् साहित्य में वेदों के बाद उपनिषदों नंबर आता हैं , और उनकी शिक्षा की प्रमाणिकता इस बात से हो जाती है कि
कुरान में एक ऐसी आयत मौजूद है ,जिसे पढ़ कर ऐसा लगता है जैसे अल्लाह ने यह आयत उपनिषद् के मन्त्र का अरबी में अनुवाद करके उतार दी हो ,प्रमाण के लिए पहले उपनिषद् का वाक्य देखिये
1-उपनिषद् का वाक्य
“सत्यमेव जयते नानृतम विद्यते पन्था अयनाय ” मुंडकोपनिषद 3:6
अर्थात -सत्य की विजय होती है , सत्य के अतिरिक्त असत्य को कोई रास्ता नहीं है ‘अब कुरान की आयत ध्यान से पढ़िए
2-कुरान की आयत
“جَاءَ الْحَقُّ وَزَهَقَ الْبَاطِلُ إِنَّ الْبَاطِلَ كَانَ زَهُوقًا ” 17:81
अरबी – जाअल हक्का व जहकअल बातिल इन्नल बातिल कान जहूक ”
सत्य जीत गया और झूठ मिट गया झूठ नष्ट होने वाला होता है
“Truth has won, and Falsehood perished: for Falsehood is bound to perish.”
उपनिषदों की शिक्षा भारत से ईरान होते हुए हजारों मील दूर यूरोप तक फैली हुई थी , इसका प्रमाण चेकोस्लोवाकिया देश में मिलता है ,
3-चेकोस्लोवाकियामें सत्यमेव जयते
चेकोस्लोवाकिया यूरोप का एक गणराज्य है , वहां चेक और स्लोवाक भाषाएँ बोली जाती हैं , और जब वहां का संविधान बनाया गया तो वहां का आदर्श वाक्य (Motto) वही बनाया गया जो मुण्डक उपनिषद् में दिया गया है , अर्थात “सत्यमेव जयते “यही बात हम
इन तीन भाषाओँ में दे रहे हैं
1-(Czech: Pravda vítězí
2-Slovak: Pravda víťazí
3- Latin: Veritas vincit
Banner of the President of the Czech Republic.
https://en.wikipedia.org/wiki/File:Presidential_Standard_of_the_Czech_Republic.svg
यही नहीं वहां के राष्ट्रपति के राष्ट्र चिन्ह पर भी उपनिषद् का वही मन्त्र स्लोव भाषा में लिखा है ,
यह दो प्रमाण वैदिक धर्म की प्राचीनता और प्रमाणिकता सिद्ध करने के लिए पर्याप्त है , मुझे विश्वास है कि प्रबुद्ध पाठक मेरी इस बात से सहमत होंगे ,अगले लेख में हम सिद्ध कर देंगे कि कुरान की आयतें वेद के मन्त्र से ली गयी हैं
Lin-Bhandafodu Satya
Similarity between ved and kuran

(401)

brijnandan Sharma

Comment: