*मोदी की लाठी में आवाज़ नहीं है।*

*अजीत अंजुम, पुण्य प्रसून बाजपेयी, बरखा दत्त, राजदीप सरदेसाई, अभिसार शर्मा, विनोद दुआ, आशुतोष कुमार, प्रभु चावला, ये सब बड़े बड़े नाम, जो कल तक भारतीय मीडिया की दिशा तय करने का दम भरते थे, बॉस बने फिरते थे, आज कोरे यूट्युबर हो कर, कोने में धरे पड़े हैं।*

*शाहरुख और आमिर खान जैसे लोगों के पीछे, आम आदमी लाठी लेकर पड़ा हुआ है कि बच्चू फिल्म आये तुम्हारी, तो उसे फ्लाप करें।*

*सलमान बच गये, क्योंकि बाप ने सही समय पर दरबार में जाकर प्रार्थना कर ली।*

*इतिहासकार इरफ़ान हबीब जैसे लोगों को अपना वजूद क़ायम रखने के लिये, अब क़लम छोड़कर, दंगाई की औक़ात में, मंच पर राज्यपाल से धक्कामुक्की करनी पड़ रही है।*

*वहीं हमेशा मुफ्त की रोटियाँ तोड़ने वाली रोमिला थापर जैसों को, अपना CV जमा करवाना पड़ रहा है।*

*मल्लिका साराभाई से लेकर भजन सोपोरी और प्रियंका वाड्रा तक को बंगला छोड़कर, बेआबरू होकर, भागना पड़ रहा है।*

*कुमारस्वामी को काँग्रेस से गठबंधन करने की, भारी ग़लती का पछतावा हो रहा है।*

*उपेन्द्र कुशवाहा जैसों को तो ग़लती सुधारने का मौका भी नहीं मिल रहा।*

*कभी IRS रहे उदित राज़, विरोध करते करते, लतीफ़ा बन कर रह गये और लतीफ़ा रहे रामदास आठवले, समर्थन की बदौलत मंत्री हैं।*

*शत्रुघ्न सिन्हा, यशवंत सिन्हा, अरुण शौरी, सिद्धू आदि को बोलने का पूरा मौका दिया गया, पार्टी से निकाला नहीं, लेकिन भौंकने वाला कुत्ता बना कर छोड़ दिया। फिर कुछ, दूसरी पार्टी में आसरा ढूंढते फिरे।*

*तिरंगा को कन्धा देने की धमकी देने वालों (मेहबूबा मुफ्ती) से गठबंधन तो किया, लेकिन अपने एजेंडे के गुणा-भाग समझ कर, उन्हें साल भर के लिये नज़रबन्द भी किया और अब जीवन भर के लिए, राजनीतिविहीन कर के छोड़ दिया। ऐसों के पास, अब भौंकने के अलावा कुछ और बचा ही नहीं।*

*राम मंदिर की बात छोड़िये। वह तो श्रीराम का ही काम था।*
*उसका श्रेय भला कोई और क्यों ले?*

*मोदी की स्थिति यह है कि पिछले 6 साल में कम से कम 10 ऐसी घटनाएं घटी हैं, जब उनके पुतला दहन की कोशिशें हुई, लेकिन प्रदर्शन के समय, पुतला जलाने वाले, खुद ही सुलग गये।*

*जब मोदी का पुतला इतना शक्तिशाली है, तो असली मोदी की तो बात ही क्या करें।*

*केजरीवाल ने खूब चिल्ला चिल्ला कर मोदी का विरोध का ड्रामा किया था। नतीजतन पार्टी का ग्राफ गिरता गया।*
*फिर किसी भले मानुष ने सलाह दी कि बेटा, मोदी को गाली देना बन्द कर दो, सब ठीक हो जायेगा और ऐसा ही हुआ भी।*

*सुना है कि अब एक भले मानुष ने, ममता को भी यह सलाह दी है और ममता ने सलाह को मान भी लिया है।* *यकीन मानिये ममता का यह अकेला निर्णय, यदि उनकी सत्ता बचा ले जाय, तो कोई आश्चर्य की बात नहीं होगी।*

*गाली तो जैसे मोदी का आहार है। जितना दोगे, मोदी उतना ही बढ़ते जाएंगे।*

*नवीन पटनायक का कोई नुकसान नहीं हुआ, क्योंकि उन्होंने मोदी का विरोध नहीं किया।*

*जिनको लगता है कि उद्धव ठाकरे और संजय राउत पर लाठी नहीं पड़ेगी, वह बहुत भोले हैं। लाठी पड़ेगी और भरपूर पड़ेगी। राउत पर तो पड़नी शुरु भी हो गयी है।*

*हर उस व्यक्ति पर लाठी पड़ेगी, जो मोदी और मोदी के विचार के विरोध में है।*

*मुझे स्वर्गीय अशोक सिंघल जी की वह बात सत्य सिद्ध होती लगती है, जिसमें वह कहते थे कि मोदी अवतारी पुरुष हैं और देश में 1000 साल बाद हिन्दू राजा सिंहासन पर बैठा है।*

*बस आगे आगे देखते रहिये।*

*धीरज न खोइये।*
*हरएक का, नंबर आयेगा।*
*कोई भी छोड़ा नहीं जायेगा।*

*चाहे कोई, किसान का वेश धर ले या मज़दूर का।*
*नंबर तो आयेगा ही।*

*धन्यवाद*

सोशल मीडिया से साभार

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *