जैसे जैसे लोकसभा के चुनाव पास आने लगे हैं ,तो मुस्लिम वोटों को रिझाने के लिए देश के कुख्यात , अपराधी ,भ्रष्टाचारी ,हत्यारे ,बलात्करी नेता खुद को सबसे बड़ा और असली सेकुलर साबित करने के हर प्रकार के हथकंडे अपना रहे हैं .कांगरेस तो सोनिया कुपुत्र राहुल को प्रधानमंत्री की कुर्सी पर बिठाने के सपने देख रही है .और दुसरे नेता भी सेकुलरिज्म की आड़ में अपने कुकर्मों पर पर्दा डालने की योजना बना रहे हैं .सबसे बड़े आश्चर्य की बात तो यह है कि कट्टर जिहादी विचार रखने वाले मुस्लिम नेता भी हिन्दुओं को गुमराह करने के लिए सेकुलरिज्म की वकालत करने लगते हैं .
बहुत कम लोगों को यह पता होगा कि हिन्दू ,ईसाई और इस्लाम के धर्म ग्रंथों में “सेकुलरिज्म-Seculrism “या उसका समानार्थी शब्द कहीं मिलता है . वास्तव में यह शब्द कैथोलिक संप्रदाय से सम्बंधित है .”सेकुलर Secular “उन पादरियों को कहा जाता था ,जो अपना ब्रह्मचर्य त्याग कर गृहस्थ जीवन अपना लेते थे .सोनिया की तरह सेकुलर शब्द भी विदेशी है ,सेकुलर शब्द भारत के संविधान के प्रस्ताव में 42 वें संशोधन में सन 1976 को जोड़ दिया गया था. उस समय इंदिरा गांधी प्रधान मंत्री थी .जो हिन्दू विरोधी मानसिकता रखती थी .बहुत कम लोग जानते होंगे कि फिरोज खान से शादी करके इंदिरा ने गुप्त रूप से इस्लाम कबूल कर लिया था . और उसका इस्लामी नाम “मैमूना बेगम “था
इसके बाद धूर्त कांगरेसियों ने ‘सेकुलरिज्म ” का अर्थ “धर्मनिरपेक्ष ” शब्द गढ़ लिया . और इसका विपरीत शब्द ” सम्प्रदायवाद ” भी बना लिया .वास्तव में यह शब्द नहीं एक हथियार है . जिसका प्रयोग देश भक्त हिन्दुओं को फ़साने के लिए किया जाता है .यद्यपि एक बार नरेन्द्र मोदी ने अप्रवासी भारतीयों की एक सभा में कहा था “धर्मनिरपेक्षता की मेरी परिभाषा सरल है:. ‘भारत प्रथम’ तुम जो भी करो, तुम काम करते हैं जहाँ भी, भारत अपने सभी नागरिकों के लिए सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए
“”देश, सभी धर्मों और विचारधाराओं से ऊपर है”
“Country is above all religions and ideologies,”

इसके बावजूद जो लोग मोदी जैसे राष्ट्रभक्त को सम्प्रदायवादी और मुस्लिम परस्त नेताओं को सेकुलर मानते हैं ,उन्हें पहले यह जानने की जरूरत है ,कि बाइबिल के आधार पर ईसाई विद्वान् ,और कुरान के आधार पर मुल्ले सेकुलरिज्म के बारे में क्या विचार रखते हैं .

1-ईसाई धर्म और सेकुलरिज्म
ईसाई धर्म के विद्वानों ने बाइबल के आधार पर सेकुलरिज्म की इस प्रकार से व्याख्या की है .जैसा कि बाइबिल की इस आयत में कहा गया है “उन दिनों में इस्राएल में कोई राजा नहीं था .और जिसको जो सूझ पड़ता था , वह वही काम करता था .
बाइबिल -न्यायियों 21 :25 और 17:6

ईसाई विद्वान् इसी आयत के आधार पर सेकुलरिज्म का असली अर्थ इस प्रकार समझाते हैं ,
मूलतः सेकुलरिज्म प्रतिपादित करता है कि मनुष्य को ईश्वर की कोई जरुरत नहीं है .सेकुलरिज्म एक ऐसी व्यवस्था या सिद्धांत है जो हरेक धर्म और उपासना पद्धति को नकारता है . इसका उद्देश्य समाज में से धर्म के प्रभाव को निर्मूल करना है .कोई देश या समाज जितना अधिक सेकुलर बनता जायेगा ,उतना ही स्वेच्छाचारी और निरंकुश होता जायेगा .जैसा कि बाइबिलमें बताया गया है .
सेकुलर व्यक्ति हरेक पाप और कुकर्म को जायज समझता है .जिस से देश में अपराधों की बाढ़ सी आ जाती है .और जब कोई देश पूरी तरह से सेकुलर बन जाता है ,तो समाज में वैवाहिक संबंधों की पवित्रता नष्ट हो जाती है .फलस्वरूप देश में अवैध और वर्णसंकर लोगों की भरमार हो जाती है .जिस से ऐसे देश और समाज के नष्ट होने में देर नहीं लगती है .

Essentially, secularism says that man does not need God. It can be defined as “a system of doctrines and practices that disregards or rejects any form of religious faith and worship. Its primary objective is the total elimination of all religious elements from society.”

The more our nation embraces secularism, the more it becomes like ancient Israel, where “everyone did what was right in his own eyes”
(Judges 17:6; 21:25).
When the mindset is “if it feels good, do it!” wickedness, perversion, and sin become the norm. In a completely secularized society, marriage is disparaged, morality is mocked, and human life is devalued.

(नोट -बिलकुल यही बात गीता के प्रथम अध्याय के श्लोक संख्या 40,41 , और42 में कही गयी है )

2-इस्लाम और सेकुलरिज्म
कुछ धूर्त मुल्ले मौलवी अपनी जिहादी मानसिकता को छुपाने के लिए और लोगों को गुमराह करने के लिए कहते हैं कि कुरान आपसी भाईचारे और सभी धर्मों का सम्मान करने की शिक्षा देती है .इसके लिए वह कुरान की सूरा काफिरून109:6 का हवाला देते हैं ,जिसमे कहा गया है “तुम्हारे लिए तुम्हारा धर्म ,और हमारे लिए हमारा धर्म “और बड़ी चालाकी से मुस्लिम विद्वान् यह साबित करने का प्रयत्न करते हैं कि कुरान ” सर्वधर्म समभाव ” यानी सेकुलरिज्मSecularism ” की शिक्षा देती है . लेकिन ऐसे धूर्त मुल्ले कुरान की इसी सूरा की पहली वाली आयतें छुपा लेते हैं , जिनमे यह लिखा है ,
“”कह दो हे काफ़िरो ,मैं उसकी इबादत नहीं करता ,तुम जिसकी इबादत करते हो .और न तुम उसकी इबादत करते हो जिसकी इबादत हम करते है .और न हम उसकी इबादत करेंगे ,जिसकी इबादत तुम करते हो. और न कभी तुम उसकी इबादत करोगे ,जिसकी इबादत हम करते हैं .
सूरा -काफिरून 109:1-7
कुरान की इस सूरा की व्याख्या में यह बताया गया है कि ,यह सूरा गैर मुस्लिमों से विरक्ति ,सम्बन्ध विच्छेद और उनसे युद्ध की घोषणा की सूरा है .इस से स्पष्ट होता है कि कुरान सर्वधर्म समभाव यानी धर्मनिरपेक्षता यानी सेकुलरिज्म की नहीं दुसरे धर्म के लोगों के साथ युद्ध और जिहाद की शिक्षा देती है .
3-अरबी में सेकुलर का अर्थ

अरबी इस्लाम की धार्मिक भाषा है ,लेकिन इसमे ” सेकुलर -Secular ” शब्द के लिए कोई उचित शब्द नहीं है ,कुछ लोग इसके लिए
“अल अल्मानिया – العلمانية “बताते हैं ,जो अरबी के शब्द “आलम – عالم ” से बना है .जिसका अर्थ “सांसारिक wordly- ” होता है .और कुछ लोग सेकुलर का अर्थ “दुनियाविय्या – دنيوية ” यानि “लौकिक -temporal” बताते हैं .यह सभी शब्द अरबी के “दीनिया -الدينية” यानी” धार्मिक -Religious ” शब्द के बिलकुल विलोम और विपरीत हैं .इसका तात्पर्य यही है कि इस्लाम की नजर में सभी सेकुलर अधार्मिक यानी काफिर हैं .वास्तव में मुसलमान इस्लाम और राज्य को अलग नहीं करना चाहते .दुनिया में जितने भी मुस्लिम देश है ,उन में एक भी देश सेकुलर नहीं है .इर भी भारत के मुसलमान भारत को सेकुलर बनाना चाहते हैं ,ताकि इन सेकुलर लोगों के कन्धों पर सवार होकर अपनी जायज नाजायज मांगों को पूरा करा सके . ताकि एक दिन भारत भी इस्लामी देश बन जाये .

इतना जानने के बाद भी जो अक्ल के अंधे सेकुलर बनना चाहते हैं , उनके लिए एक बीस सूत्री सेकुलर गाइड दी जा रही है ,ताकि वह आसानी से सेकुलर बन कर इस देश को बर्बाद करके इस्लामी राज्य बनाने में सहयोग कर सकें .कृपया इस गाइड को ध्यान से पढ़िए ,

4-सेकुलर कौन बन सकता है ?

वैसे तो हरेक प्रकार का अपराधी और हिन्दू विरोधी खुद ही सेकुलर बन सकता है , लेकिन कुछ लोग आसानी से सेकुलर बन सकते हैं ,जैसे ,
1.जो किसी देश द्रोही या गद्दार की संतान हों ,जैसे दिग्विजय सिंह
2.जो वर्ण संकर यानी दोगली औलाद हों , जैसे राहुल गंदगी
3.जो मुस्लिम आतंक वादियों से सहानुभूति रखते हों ,जैसे वामपंथी
4.जिनके दिलों में हिन्दुओं के लिए कूट कूट कर नफ़रत भरी हो ,जैसे मनीष तिवारी
5.जिसने इस देश से हिन्दुओं का सफाया करने की कसम खा रखी हो ,जैसे सोनिया गंदी
5-सेकुलर बनने की तरकीब
1-.अपने घरों में सोनिया और राहुल की तस्वीरें लगाएं
2-.सिरों पर हमेशा मुसलमानी टोपी लगा कर घूमें
3-.-चाहे खुद रोजा नहीं रखें लेकिन मुसलमानों को अफ्तार पार्टी देते रहें .
4-.घरों में भजन या भक्ति संगीत की जगह कव्वाली और गजलें बजाते रहें ,चाहे उसका अर्थ समझ में नहीं.- आये
5-शिंदे और दिग्विजय की तरह हरेक मुस्लिम आतंकी के लिए हमेशा आदर सूचक शब्द लगायें
-6-.हर महीने किसी न किसी दरगाह की जियारत करते रहें ,और कब्र के अन्दर की सड़ी गली लाश को प्रणाम करें
–7–.हरेक मुस्लिम अपराधी ,आतंकी को निर्दोष बताएं
8-.-भले आप को पता हो ,लेकिन किसी मुस्लिम को अपराधी या आतंकी नहीं कहें ,बल्कि कहें कि सिर्फ हिन्दू ही आतंकवादी होते हैं
9-.-अगर कोई मुसलमान आपको घर में बुलाये और खाने के लिए गाय गोश्त भी खिलाये तो प्रेम पूर्वक खा जाइये
10-.यदि कोई मुस्लिम यवक आपकी बहिन या बेटी को अपने प्रेमजाल में फसा कर मुस्लिम बना ले तो आप इसे अपना अहोभाग्य समझें , क्योंकि ऐसे संबंधों से आतंकी ही पैदा होंगे
6– सेकुलर होने के फायदे
1.-संजय निरूपम की तरह आप पर से भी संप्रदायवादी होने का आरोप मिट जायेगा
2.—-सेकुलर होने का प्रमाण मिल जाने पर आप जितना चाहे भ्रष्टाचार ,घोटाले , और अपराध कर सकत्ते हैं .यदि आप यू पी में हों तो मुलायम सरकार आपके सभी अपराध माफ़ कर देगी
3-. राहुल गंदी को ऐसे ही लोगों की जरूरत है ,वह आपको कोई बड़ा पद भी दे सकता है .
4-.-आप जीतनी भी काली कमाई जमा कर लें रॉबर्ट वादरा की तरह सी बी आई (C.B.I )आप से दूर ही रहेगी
5-.-आप अपने दुश्मनों पर संप्रदायवादी होने का आरोप लगा कर उसे फसवा सकते हैं .

हमें आशा ही नहीं बल्कि पूरा विश्वास है .कि इस सेकुलर गाइड के बीस सूत्री निर्देशों को पढ़ कर आप पक्के सेकुलर बन जायेंगे .और देश के साथ हिन्दू धर्म का भी सत्यानाश करने में इटली माता का हाथ मजबूत करेंगे .

(200/110)
✍️ आदरणीय Brij Nandan Sharma जी

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