रायपुर एवं पूरे छत्तीसगढ़ का हो रहा बहुत तेजी से इस्लामीकरण

1. शहर के हर इलाके में बहुत तेजी से मुसलमानों को बाहर से बुला कर बसाया जा रहा है। हर सरकारी विभाग में केवल मुसलमानों को नौकरी दी जा रही है।

2.म्युनिसिपल ऑफिस के वाइट हाउस में जाइये, सारे मुस्लिम। रजिस्ट्री ऑफिस में सारे मुस्लिम। हर ऑफिस में,हर फेक्ट्री में,हर काम में केवल मुस्लिम आ चुके हैं।
3. हर हिन्दू मंदिर के आस-पास, हर कॉलोनी में ,हर मुख्य बाज़ारों में,हर जगह हज़ारों मांसाहारी होटल और रेस्टॉरेंट खुल चुके हैं जहां किस जानवर का मांस नहीं मिलता।
4. हर काम का ठेका केवल मुसलमानों को। हर दुकान उन्हें ही आबंटित हो रहा है।
5. गोल बाजार,जवाहर बाजार,सब्जी मार्केट,
छोटा पारा,बैजनाथ पारा, मौदहा पारा,टिकरा पारा और करीब करीब आधा रायपुर मुस्लमानों के कब्जे में आ चुका है।
6.उरला इंडस्ट्रियल इस्टेट में 30,000( तीस हजार) रोहिंग्या मुसलमानों को बसाया जा चुका है। ये रोहिंग्या आदमियों की गर्दन ऐसे काटते हैं जैसे लोग सब्जी काटते हैं।
7. इनके घरों में बड़े बड़े चांद तारों वाले हरे हरे झंडे फहरा रहे हैं ताकि हिंदुओं को अपनी ताकत दिखा कर डरा सकें।
8. हज्ज हाउस,दावते इस्लामी, मस्जिदों, मदरसों ,वक़्फ़ बोर्ड आदि के नाम से ,लाखों एकड़ खाली सरकारी ज़मीनों पर ये बहुत तेज़ी से कब्जा करते जा रहे हैं। बाकायदा अवैध कब्जों की रजिस्ट्री करवा कर उनको वैध बनाया जा रहा है। एक दिन नया रायपुर पूरा पाकिस्तान बन चुका होगा।
9. हर कार पार्किंग,स्कूटर,साइकिल पार्किंग का ठेका सिर्फ मुसलमान गुंडों को दे दिया गया है। वे कार स्कूटर वालों से निहायत बद्तमीज़ी से ऐसे बात करते हैं जैसे वे हमारे मालिक हैं और सबसे अनाप- शनाप पैसे वसूल रहे हैं।

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