बंगाल विधानसभा में भाजपा और तृणमूल कांग्रेस के चुनावी घोषणा पत्र

 

नीरज कुमार दुबे

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के लिए भाजपा ने अपने घोषणापत्र में कई वादे कर सभी वर्गों को लुभाने का वादा करने के साथ ही राज्य की कानून व्यवस्था को सुधारने का वादा किया है तो सत्तारुढ़ तृणमूल कांग्रेस भी मतदाताओं को आकर्षित करने के लिए वादे करने में पीछे नहीं रही है।

किसी भी चुनाव में राजनीतिक दलों की ओर से जारी किये जाने वाले घोषणापत्र का महत्व सर्वाधिक होता है क्योंकि यह वह लिखित दस्तावेज होता है जिसके आधार पर जनता पाँच साल बाद अपने नेताओं से सवाल कर सकती है कि कौन-कौन-से वादे पूरे हुए और कौन-से अधूरे रह गये। पाँच राज्यों में हो रहे विधानसभा चुनावों में इस बार पश्चिम बंगाल पर सभी की नजरें हैं क्योंकि वहाँ भाजपा और तृणमूल कांग्रेस के बीच काँटे की टक्कर मानी जा रही है। अब इस काँटे की टक्कर का विजेता कौन होगा यह तो जनता को तय करना है लेकिन जनता का काम आसान करने के लिए हम इन दोनों प्रमुख दलों की ओर से जारी घोषणापत्रों की बड़ी बातों को आपके समक्ष प्रस्तुत कर रहे हैं।

तृणमूल कांग्रेस का घोषणापत्र दो बार टलने के बाद पिछले सप्ताह की शुरुआत में आया जबकि भाजपा ने सप्ताहांत में अपना घोषणापत्र जारी किया। पार्टी ने इसे संकल्प पत्र का नाम देते हुए रोजगार मुहैया कराकर ‘‘सोनार बांग्ला’’ का निर्माण करने, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को मजबूत करने और अपनी सरकार बनने पर पहली कैबिनेट बैठक में संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) के क्रियान्वयन का मार्ग प्रशस्त करने का वादा किया है। आइये डालते हैं एक नजर भाजपा के घोषणापत्र में कही गयी बड़ी बातों पर-

-भाजपा ने अपने घोषणापत्र में पश्चिम बंगाल के प्रति परिवार में से कम से कम एक सदस्य को नौकरी देने का वादा किया है

-भाजपा ने वादा किया है कि पश्चिम बंगाल में सरकार बनने के बाद पहली कैबिनेट में ही सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू किया जायेगा

-भाजपा ने ‘प्रधानमंत्री-किसान योजना’ के तहत राज्य के 75 लाख किसानों को 18-18 हजार रुपए के बकाए का भुगतान किए जाने का आश्वासन दिया

-भाजपा ने प्रधानमंत्री-किसान योजना के तहत वादा किया कि राज्य के 75 लाख किसानों को प्रतिवर्ष 10,000 रुपए दिए जाएंगे, जिसमें से छह हजार रुपए केंद्र सरकार देगी

-भाजपा ने किसानों की आर्थिक सुरक्षा के लिए 5,000 करोड़ रुपए के हस्तक्षेप कोष की घोषणा की है

-भाजपा ने लघु किसानों एवं मछुआरों के लिए तीन लाख रुपए के दुर्घटना बीमा का वादा भी किया है

-भाजपा ने अपने घोषणा पत्र में कला, साहित्य एवं अन्य क्षेत्रों को प्रोत्साहन देने के लिए 11,000 करोड़ रुपए की ‘सोनार बांग्ला’ निधि बनाने की घोषणा की है

-भाजपा ने नोबेल पुरस्कार की तर्ज पर टैगोर पुरस्कार शुरू किए जाने का वादा भी किया है

-भाजपा ने अकादमी पुरस्कार की तर्ज पर सत्यजीत राय पुरस्कार शुरू करने और कोलकाता अंतरराष्ट्रीय फिल्मोत्सव का स्तर और ऊंचा करने का भी वादा किया है

-भाजपा ने राज्य सरकार के कर्मियों के लिए सातवां वेतन आयोग लागू किए जाने का वादा किया है

-भाजपा ने राज्य की सरकारी नौकरियों में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण की भी घोषणा की है

-भाजपा ने घोषणा पत्र में घुसपैठ के खिलाफ कड़ा रुख अपनाने और सबसे कड़ी सीमा सुरक्षा मुहैया कराने का वादा किया है

-भाजपा ने सभी महिलाओं के लिए ‘‘केजी से लेकर पीजी’’ (प्राथमिक शिक्षा से लेकर स्नातकोत्तर तक) तक नि:शुल्क शिक्षा का वादा किया है

-भाजपा ने महिलाओं के लिए सार्वजनिक वाहनों में मुफ्त यात्रा सुविधा देने का वादा किया है

-भाजपा ने उत्तर बंगाल, जंगल महल और सुंदरबन इलाकों में एम्स की स्थापना करने का वादा किया है

-भाजपा ने पश्चिम बंगाल में हर परिवार के लिए शौचालय एवं स्वच्छ पेयजल मुहैया कराने का वादा किया है

-भाजपा ने वादा किया है कि उसकी सरकार बनने पर लोगों को दुर्गा पूजा और सरस्वती पूजा के आयोजन के लिए अदालत नहीं जाना होगा

-भाजपा ने कोलकाता में दुर्गा पूजा उत्सव को एक अंतरराष्ट्रीय पर्यटन केंद्र बनाने का वादा किया है

-भाजपा ने स्कूलों के ढांचागत विकास के लिए 20,000 करोड़ रुपए की ईश्वर चंद्र विद्यासागर निधि और आईआईटी एवं आईआईएम के समतुल्य पांच विश्वविद्यालय खोलने का वादा किया है

-भाजपा ने कहा है कि वह कोलकाता को अंतरराष्ट्रीय शहर बनाने के लिए 22,000 करोड़ रुपए की कोलकाता विकास निधि की स्थापना करेगी और सुनिश्चित करेगी कि यह शहर यूनेस्को धरोहर शहरों में शामिल हो।

-भाजपा ने वादा किया है कि कोलकाता को वित्तीय सेवा के केंद्र के तौर पर स्थापित किया जाएगा

-भाजपा ने कोलकाता में घरेलू खपत के लिए 200 इकाई तक नि:शुल्क बिजली देने का वादा करने के साथ ही कोलकाता मेट्रो सेवा के विस्तार का भी वादा किया है

-भाजपा ने वादा किया है कि पार्टी की सरकार बनने पर कैबिनेट की पहली बैठक में संशोधित नागरिकता कानून के क्रियान्वयन का मार्ग प्रशस्त किया जायेगा

-भाजपा ने वादा किया है कि पार्टी की सरकार बनने पर कैबिनेट की पहली बैठक में गरीबों की भलाई के लिए आयुष्मान भारत योजना को मंजूरी दी जायेगी

-भाजपा ने वादा किया है कि हर शरणार्थी परिवार को प्रत्यक्ष लाभ अंतरण के जरिए पांच साल तक हर साल 10-10 हजार रुपए दिए जाएंगे

-भाजपा ने पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए 1,000 करोड़ रुपए आवंटित करने का वादा भी किया है

-भाजपा ने वादा किया है कि सरकार बनने पर हिंदू जातियों के छूट गए लोगों जैसे तेली, महतो, महिष्या को ओबीसी की सूची में शामिल किया जाएगा। हम आपको बता दें कि ये जातियां बांकुडा और पुरुलिया जिलों में निवास करती हैं

-भाजपा ने अपने घोषणापत्र में वादा किया है कि पूरे पश्चिम बंगाल में अन्नपूर्णा कैंटीन की शुरुआत की जायेगी। अन्नपूर्णा कैंटीन में लोगों को रियायती दर पर यानि 5 रुपए में भोजन उपलब्ध कराया जायेगा।

-जनवितरण प्रणाली के तहत लाभार्थियों को एक रुपया की दर से चावल या गेहूं दिया जायेगा।

-मतुआ समुदाय ने लोकसभा चुनाव में भाजपा को जोरदार समर्थन दिया था। अब पार्टी ने उनसे वादा किया है कि मतुआ दलपतियों को प्रति माह 3,000 रुपये की पेंशन दी जायेगी

-अपने घोषणापत्र में भाजपा ने अनुसूचित जनजाति (एसटी) प्रखंडों में मनरेगा के तहत लोगों को 200 दिनों के रोजगार की गारंटी सुनिश्चित करने का वादा भी किया है

-भाजपा ने शिक्षकों के कल्याण के लिए एक टीचर्स वेलफेयर बोर्ड के गठन का वादा करने के साथ ही कहा है कि प्राइमरी में पढ़ाने वाले पारा टीचर्स का वेतन 15 हजार रुपये कर दिया जायेगा और सेकेंडरी में पढ़ाने वालों का वेतन 20 हजार रुपये कर दिया जायेगा

-भाजपा ने अपने घोषणापत्र में टैक्सी और ऑटो ड्राइवरों के लिए भी बड़ी घोषणा करते हुए कहा है कि टैक्सी और ऑटो के रखरखाव के लिए ड्राइवरों को हर साल कुछ रकम दी जायेगी। जैसे टैक्सी ड्राइवरों को हर साल 5 हजार रुपये और ऑटो ड्राइवरों को 3 हजार रुपये दिये जाएंगे

-भाजपा ने अपने घोषणापत्र में वादा किया है कि बुजुर्गों के लिए ओल्डएज होम के निर्माण और उसके आधुनिकीकरण के लिए 400 करोड़ रुपये का एक फंड बनाया जायेगा

-भाजपा ने वादा किया है कि तीर्थ मित्र योजना के तहत बुजुर्गों को अलग-अलग जगहों की यात्रा करायी जायेगी

-भाजपा ने वादा किया है कि दिव्यांगजनों की पेंशन भी 1,000 रुपये से बढ़ाकर 3,000 रुपये कर दी जायेगी

-भाजपा ने हर परिवार को शौचालय और साफ पीने का पानी देने का वादा किया है

-भाजपा ने वादा किया है कि किसान क्रेडिट कार्ड को अपडेट कर रूपे कार्ड कर दिया जाएगा

-भाजपा ने वादा किया है कि अमूल के साथ मिलकर बांग्ला श्वेत क्रांति की शुरुआत की जाएगी

-भाजपा ने वादा किया है कि प्रत्येक ब्लॉक में नेताजी सुभाष चंद्र बोस बीपीओ की शुरुआत की जाएगी ताकि रोजगार के अवसर बढ़ें

-भाजपा ने वादा किया है कि हर साल खेलो बांग्ला महाकुंभ का आयोजन किया जायेगा

-भाजपा ने वादा किया है कि सभी राजनीतिक हिंसा के पीड़ितों के परिवारों को 25 लाख रुपये मुआवजा दिया जायेगा

-भाजपा के संकल्प पत्र में पुरोहितों के लिए 30 हजार रुपए तक का मानदेय देने की बात भी कही गयी है

वहीं पश्चिम बंगाल में सत्तारुढ़ तृणमूल कांग्रेस ने ‘दीदी 10 अंगीकार’ यानि (दीदी के 10 संकल्प) के तहत अपने घोषणापत्र में अर्थव्यवस्था, स्वास्थ्य क्षेत्र को सुधारने, रोजगार सृजन, खाद्य सुरक्षा, वहनीय घर, बिजली और लोगों को पाइप से पेयजल की आपूर्ति जैसी योजनाओं का वादा किया है। आइये डालते हैं एक नजर तृणमूल कांग्रेस के घोषणापत्र की बड़ी बातों पर-

-तृणमूल कांग्रेस ने अपने घोषणापत्र में किसानों की वार्षिक वित्तीय सहायता 6,000 रुपये से बढ़ाकर 10,000 रुपये करने का वादा किया है

-तृणमूल कांग्रेस ने बंगाल में हर परिवार को न्यूनतम आय देने का वादा किया है। इसके तहत, 1.6 करोड़ सामान्य श्रेणी के परिवारों को 500 रुपये प्रति महीना, जबकि एससी/एसटी श्रेणी में आने वाले परिवारों को 1,000 रुपये प्रति महीना मिलेगा

-तृणमूल कांग्रेस ने 18 साल से अधिक उम्र की विधवाओं को एक हजार रुपये पेंशन देने की भी घोषणा की है

-तृणमूल कांग्रेस ने वादा किया है कि 10 लाख की क्रेडिट सीमा के साथ छात्रों के लिए नयी कार्ड योजना लाई जाएगी और इस पर सिर्फ चार प्रतिशत ब्याज देना होगा

-तृणमूल कांग्रेस ने वादा किया है कि अगले पांच वर्षों में 10 लाख एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम) इकाइयां तथा 2000 नयी बड़ी औद्योगिक इकाइयां लगायी जाएंगी

-तृणमूल कांग्रेस ने महिष्या, तेली, तामुल और साहा जैसी जातियों को ओबीसी (अन्य पिछड़ा वर्ग) का दर्जा दिलाने के लिए एक विशेष कार्यबल गठित करने का वादा किया है। पार्टी ने यह भी वादा किया है कि हम भारत सरकार से महतो (जाति) को (एसटी) अनुसूचित जनजाति का दर्जा देने की सिफारिश करेंगे।

-तृणमूल कांग्रेस ने वादा किया है कि उत्तर बंगाल में तराई और दुआर क्षेत्र के विकास के लिए एक विशेष विकास बोर्ड का गठन किया जाएगा

-तृणमूल कांग्रेस ने वादा किया है कि ‘द्वारे सरकार’ योजना चार माह में एक बार आयोजित की जाएगी और घर-घर राशन पहुंचाया जायेगा

-चुनाव की घोषणा होने से पहले ममता बनर्जी कोलकाता समेत कई जगह मां रसोई शुरू कर चुकी हैं, जिसमें गरीबों को पांच रुपये में भरपेट खाना दिया जा रहा है। पार्टी ने अपने घोषणापत्र में इस योजना को जारी रखने का वादा किया है।

-तृणमूल कांग्रेस ने वादा किया है कि वह एक साल में 5 लाख रोजगार के अवसर पैदा करेगी

-तृणमूल कांग्रेस ने अपने घोषणापत्र में स्‍वास्‍थ्‍य और शिक्षा क्षेत्र में व्‍यय बढ़ाने की बात कही है

-तृणमूल कांग्रेस ने 25 लाख आवास बनाने के साथ प्रत्‍येक घर में पीने के पानी और बेहतर जल निकासी का वादा किया है

हम आपको बता दें कि भाजपा ने अपना घोषणापत्र बनाने से पहले पूरे पश्चिम बंगाल में एक बड़ा अभियान चलाया था और लोगों से सुझाव मांगे थे कि वह राज्‍य में किस तरह का बदलाव चाहते हैं। तमाम सुझावों के आधार पर भाजपा ने अपना घोषणापत्र बनाया। उधर तृणमूल कांग्रेस ने अपना घोषणापत्र जारी करते हुए वर्तमान योजनाओं को जारी रखने के साथ ही अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए कुछ नये वादे किये। देखा जाये तो भाजपा और टीएमसी के घोषणापत्रों में एक चीज साफ नजर आती है कि दोनों ही पार्टियों ने महिला मतदाताओं को रिझाने के लिए बढ़-चढ़कर वादे किये हैं, दोनों ही पार्टियों ने सरकारी कर्मचारियों और बेरोजगारों को लुभाने के लिए वादे किये, दोनों ही पार्टियों ने पिछड़ा वर्ग, किसानों, मछुआरों और पुरोहितों को लुभाने के वादे किये।

बहरहाल, तुलनात्मक अध्ययन में पाया गया कि भाजपा के घोषणापत्र में वादों की भरमार ज्यादा है। अब सवाल उठता है कि इतनी योजनाओं के लिए पैसा कहाँ से आयेगा तो गृहमंत्री अमित शाह ने कह ही दिया है कि संकल्प-पत्र की योजनाओं पर जो खर्च आयेगा वह पश्चिम बंगाल के कुल बजट के 15 फीसदी के बराबर ही है। उन्होंने कहा कि मैं बनिया हूं, मुझ पर पूरा भरोसा रखना। पूरे गुणा-भाग के बाद ही यह घोषणापत्र तैयार किया गया है।

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