फ्रांस : पढ़ाई के दौरान 14 वर्ष के एक छात्र ने अध्यापक से कहा – तुम्हें सैमुअल पैटी की तरह काट डालूंगा

 प्रतीकात्मक 
फ्रांस के ‘Savigny-le-Temple (Seine-et-Marne)’ क्षेत्र में अभिव्यक्ति की आज़ादी से जुड़े एक कोर्स की पढ़ाई के दौरान एक छात्र भड़क गया और उसने शिक्षक को धमकी दे डाली कि वो उसका वही हाल कर देगा, जो सैमुअल पैटी का हुआ था। सैमुअल की एक छात्र ने सिर्फ इसीलिए हत्या कर दी थी, क्योंकि उन्होंने कक्षा में पैगम्बर मुहम्मद का कार्टून दिखाया था, जो फ्रेंच पत्रिका ‘शार्ली हेब्दो’ में प्रकाशित हुआ था।

नवंबर 13, 2020 को 14 वर्षीय छात्र ने शिक्षक को धमकी दी कि वो उसे सैमुअल पैटी की तरह ही काट डालेगा। इस घटना के बाद सार्वजनिक सेवा में कार्यरत व्यक्ति को हत्या की धमकी देने का मामला दर्ज कर के कार्रवाई शुरू कर दी गई है। जिस लड़के ने ये धमकी दी, उसके पास इलेक्ट्रिक इम्पल्स टेजर बन्दूक भी थी। उसे नाबालिग अदालत में पेश किया गया है। उसने इतिहास और भूगोल पढ़ाने वाले शिक्षक को धमकी दी।

उस वक्त वो नागरिक शिक्षा से जुड़े एक कोर्स का अध्ययन करा रहे थे। इसी दौरान उन्होंने फ्रांस में हुए उन विरोध प्रदर्शनों की तस्वीरें दिखाईं, जिनमें ‘शार्ली-हेब्दो’ पत्रिका के दफ्तर बाहर नरसंहार के बाद भारी संख्या में लोग जुटे थे और अपने गुस्से का इजहार किया था। पुलिस की पूछताछ में उक्त छात्र ने बताया है कि उसने एक रैप गाने से उठाई पंक्ति बोली थी। हालाँकि बन्दूक पॉकेट में लेकर स्कूल जाने के सम्बन्ध में उसने कुछ संतोषजनक जवाब नहीं दिया।

उक्त छात्र को स्कूल से निकाल दिया गया है। पुलिस ने भी कहा है कि वो ‘भड़काऊ और विद्रोही’ किस्म का छात्र रहा है। हालाँकि उसके पिता का कहना है कि उक्त छात्र यानी उनका बेटा कट्टर नहीं है। हालाँकि, अपने व्यवहार की वजह से उसे पहले भी 2 बार स्कूल से निकाला जा चुका है। उसे फ़िलहाल छोड़ दिया गया है लेकिन हत्या की धमकी और हथियार लेकर चलने के मामले में कार्रवाई की जाएगी। स्कूल ने भी शिक्षक का समर्थन किया है।

फ्रांस में शिक्षक पैटी की हत्या के बाद से ही सरकार इस्लामी कट्टरवाद के खिलाफ एक्शन में है। राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों ने भी कहा था कि आज इस्लाम के नाम पर हिंसा और हत्याओं को बढ़ावा दिया जा रहा है और ऐसे लोग हैं, जो इस्लाम के नाम पर हिंसक अभियान चलाते हुए हत्याओं और नरसंहार को जायज ठहरा रहे हैं। उन्होंने कहा था कि आतंकवाद इस्लाम की भी समस्या है क्योंकि इसके 80% पीड़ित मुस्लिम ही हैं और वो इसके पहले पीड़ित हैं। उन्होंने विश्वास दिलाया था कि इस्लामी कट्टरवाद के खिलाफ जंग जारी रहेगी।

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