यूएन में जेहादी ऐलान का इमरान को इनाम: जॉर्डन की संस्था ने ‘मुस्लिम मैन ऑफ द ईयर’ से नवाजा

जम्मू-कश्मीर के मसले पर भारत के ख़िलाफ़ लगातार जहर उगलने के बीच और संयुक्त राष्ट्र में जाकर मुस्लिम देशों की एकता की बात करने के बाद पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान को एक बड़ा अवॉर्ड मिला है। इस अवॉर्ड का नाम ‘मुस्लिम मैन ऑफ द ईयर’ है। उन्हें ये सम्मान उस दौरान दिया गया है जब यूएन में उन्होने खुलकर अपने भाषण के दौरान जिहाद की बात की और परमाणु युद्ध की धमकी दी।
जॉर्डन द्वारा इमरान खान नियाज़ी को ‘मुस्लिम ऑफ़ द ईयर’ से नवाजे जाना विश्व के लिए आँख खोलने वाली बात है।
जॉर्डन की रॉयल इस्लामिक स्ट्रेटेजिक स्टडीज़ सेंटर नाम की संस्था ने इमरान को ये अवॉर्ड दिया है। इसमें उनके क्रिकेट के क्षेत्र में दिए योगदान और राजनैतिक करियर को अहम बताया गया है। इमरान के अलावा इस संस्था की ओर से अमेरिकी नेता राशिदा तैलब को वुमेन ऑफ द ईयर का अवॉर्ड मिला।
जॉर्डन के इस संस्था ने प्रेस रिलीज जारी कर कहा है कि पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान ने पहले खेल की दुनिया में अपना और देश का नाम रोशन करते हुए वर्ल्ड कप जीता। उसके बाद राजनीति में आए तो सीधे प्रधानमंत्री बन गए, इसलिए उनका जीवन मुस्लिम लोगों के लिए प्रेरणादायी है।
कश्मीर मुद्दे का जिक्र करते हुए जॉर्डन ने इमरान सरकार की तारीफ़ की। दावा किया गया है कि इमरान ने इस मसले पर भारत से बात करने का प्रयास किया है, लेकिन अभी तक उनके मनमुताबिक नतीजा सामने नहीं आया है।
अब जॉर्डन की इस संस्था इस्लामिक स्ट्रेटेजिक स्टडीज़ सेंटर की बात करें तो बता दें कि ये हर साल प्रभावशाली मुसलमानों की लिस्ट निकालती है। जिनमें टॉप 500 मुस्लिमों के नाम होते हैं, इसी में इस वर्ष इमरान खान का भी नाम आया है। संस्था द्वारा जारी लिस्ट में महिलाओं और पुरुषों दोनों का नाम होता है। गत वर्ष इस संस्था ने तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैय्यप एर्दोगन को मुस्लिम मैन ऑफ द ईयर का अवॉर्ड दिया था।
गौरतलब है कि इमरान खान को यह अवॉर्ड मिलने की जानकारी उनकी पार्टी ने अपने ट्विटर हैंडल से भी दी है। जिसके बाद कुछ यूजर्स ने उन्हें इसके लिए बधाई दी और उन्हें इस अवॉर्ड के लिए सबसे योग्य बताया, तो कुछ ने मीम्स शेयर करते हुए उनकी खिल्ली उड़ाई है।

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