अंतरिक्ष अनुसंधान में भारत के बढ़ते कदम….

आर्यभट्ट-भारत, अप्रैल 1975 में अंतरिक्ष युग में प्रविष्ट हुआ। 19 अप्रैल, 1975 को सोवियत संघ के रॉकेट छोड़ने के एक केन्द्र से भारत ने पहला उपग्रह आर्यभट्ट अंतरिक्ष में भेजा। इस उपग्रह को अंतरिक्ष में भेजकर भारत अंतरिक्ष में उपग्रह भेजने वाला 11वां बन गया। आर्यभट्ट का निर्माण भारतीय इंजीनियरों ने किया था।download (14)

भास्कर-1 भारत ने अपना दूसरा उपग्रह भास्कर-1 7 जून 1979 को सोवियत संघ के एक अंतरिक्ष केन्द्र से अंतरिक्ष केन्द्र में स्थापित किया। इस प्रयोगात्मक उपग्रह का वजन 444 किलोग्राम था और इसे इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन (आईएसआरओ) ने बनाया था।

इन्सेट (इंडियन नेशनल सैटेलाइट)-यह बहुउद्देशीय भारतीय कृत्रिम उपग्रह है जिसे 1981 के आरंभ में प्रक्षेपित किया गया। इससे मौसम वैज्ञानिकों की बाढ़ और तूफान के बारे में भविष्यवाणी करने की क्षमता में वृद्घि हुई है।

रोहिणी-1-यह भारत में निर्मित तृतीय उपग्रह है जिसे 19 जुलाई 1980 को भारत द्वारा निर्मित उपग्रह प्रक्षेपण वाहन एसएलवी-3 से अंतरिक्ष में सफलतापूर्वक प्रतिस्थापित किया गया।

इस प्रक्षेपण ने भारत को उपग्रह प्रक्षेपण क्षमता से संपन्न विश्व के इने गिने राष्ट्रों की पंक्ति में प्रतिष्ठित कर दिया और इस सामर्थ्य से संपन्न विश्व का छठा राष्ट्र हो गया है। अन्य पांच देश है-अमरीका, रूस, फ्रांस, चीन और जापान।

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