आओ जानें विश्व का भूगोल

  • 2013-03-02 14:31:57.0
  • उगता भारत ब्यूरो

पृथ्वी
पृथ्वी गोलाकार है, परंतु देखने में चपटी प्रतीत होती है। इसकी आकृति लध्वक्ष गोलाभ कहलाती है। पृथ्वी की परिधि 40,075 किलोमीटर है। भूमध्यरेखीय व्यास 12,756 किलोमीटर और धु्रवीय व्यास 12,714 किलोमीटर है। स्थलीय भाग का क्षेत्रफल 15,30,00000 वर्ग किमी. है।

पृथ्वी में रासायनिक तत्वों का द्रव्यमान
तत्व                                                                     प्रतिशत

ऑक्सीजन                                                                46
सिलीकॉन                                                                26.5
एल्युमीनियम                                                            8.6
लोहा                                                                          6.4
कैल्सियम                                                                 4.8
मैग्नीशियम                                                               3.3
सोडियम                                                                     1.2
पौटेशियम                                                                  1.2
कार्बन                                                                        1.0
अन्य                                                                         1.0
पृथ्वी की गतियां तथा गतियों के प्रभाव
(1) दैनिक गति (घूर्णन) पृथ्वी अपनी धुरी पर सूर्य के सामने पश्चिम से पूर्व की ओर घूमती है तथा लगभग 23 घंटे, 56 मिनट और 4.09 सैकंड अर्थात एक दिन में एक चक्कर पूरा कर लेती है। इसको पृथ्वी की दैनिक गति कहते हैं। इसके प्रभाव निम्नलिखित हैं-
(ए) पृथ्वी के सूर्य के सामने अपनी धुरी पर घूमने से दिन व रात होते हैं। जो भाग सूर्य के सामने होता है वहां दिन होता है व दूसरी ओर रात होती है।
(बी) पूर्व में स्थित स्थानों का स्थानीय समय पश्चिम के स्थानों से अधिक होता है।
(2) वार्षिक गति (परिभ्रमण) पृथ्वी अपनी कक्षा पर सूर्य के चारों ओर घूमती रहती है। उसे एक पूरा चक्कर लगाने में 365 दिन, 6 घंटे, 9 मिनट और 9.54 सैकंड (एक वर्ष) में लगते हैं। इसी को पृथ्वी की वार्षिक गति कहते हैं। इसके प्रभाव निम्नलिखित हैं।
(ए) दिन रात का छोटा बड़ा होना-पृथ्वी के अपने अक्ष पर झुके रहने के कारण 21 जून को उत्तरी गोलाद्र्घ में दिन बड़ा तथा रात छोटी होती है। 22 दिसंबर को दिन छोटा व रात बड़ी होती है। 21 मार्च व 23 सितंबर को दिन छोटा व रात बड़ी होती है। 21 मार्च व 23 सितंबर को दिन व रात समान होते हैं। (बी) ऋतु परिवर्तन-21 जून को उत्तरी गोलाद्र्घ सूर्य के निकट तथा दक्षिणी गोलाद्र्घ सूर्य से दूर होता है। अत: वहां पर इस समय क्रमश: ग्रीष्म उत्तरी गोलाद्र्घ व शीत ऋतु दक्षिणी गोलाद्र्घ होती है तथा 23 दिसंबर को इन गोलाद्र्घों में मौसम ठीक इसके विपरीत होता है।