इमोशनल फिल्में करना तब्बू को है पसंद

  • 2015-11-05 08:30:26.0
  • उगता भारत ब्यूरो

बॉलीवुड अभिनेत्री तब्बू का जन्म 4 नवम्बर 1970 को हुआ था। हिंदी फिल्मों के अलावा तब्बू ने तमिल, तेलुगू, मलयालम, बंगला भाषा एवं साथ ही एक अमेरिकी फिल्म में भी काम किया है। तब्बू को दो बार सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का नेशनल फिल्म अवॉर्ड भी मिल चुका है। तब्बू का पूरा नाम तबस्सु्म फातिमा हाशमी है। मगर सभी उन्हें प्यार से तब्बू पुकारते थे और आगे चलकर यही नाम उनकी पहचान बन गया। उनका जन्म चार नवंबर 1971 को हैदराबाद में हुआ। मगर बचपन से ही उन्हें पिता का प्यार नहीं मिला। उनके माता-पिता जमाल हाशमी और रिजवाना का तलाक हो गया। एक बार तब्बू ने कहा था कि वो कभी अपने पिता का मुंह नहीं देखना चाहतीं। उनके लिए उनकी मां ही सबकुछ हैं। आज शबाना आजमी, स्मिता पाटिल जैसी अभिनेत्रियों की श्रेणी में गिनी जाने वालीं तब्बू का बचपन से फिल्मी जुड़ाव भी रहा है। बहुत कम लोगों को पता होगा कि वो शबाना आजमी और बाबा आजमी की भतीजी हैं और 80-90 के दशक की जानी मानी अभिनेत्री फराह नाज उनकी बहन हैं।
दोनों बहनों के फिल्मी करियर में शबाना आजमी का भी अहम योगदान रहा है, क्योंकि उनकी मां नहीं चाहती थीं कि वो फिल्मों में काम करें। तब्बू पढ़े-लिखे परिवार से ताल्लुक रखती हैं। पिता के न होने पर मां रिजवाना ने ही सारी जिम्मेयदारियां निभाईं। वो खुद एक टीचर थीं और उनके माता-पिता भी प्रोफेसर थे। ऐसे में घर का माहौल बिल्कुल पढ़ाई वाला था। तब्बू जैसा कि उनके व्यक्तित्व से झलकता है, बचपन में भी काफी शरीफ थीं। एक इंटरव्यू में उनकी बहन फराह ने इस बारे में बताया था कि तब्बू बहुत पढ़ाकू थीं और बहुत अच्छा गाती थीं। घर में सभी उनकी बहुत तारीफ करते थे और मुझे बहुत डांट पड़ती थी। उनका यह शौक आज भी बरकरार है। हैदराबाद में जन्मी तब्बू 1983 में 12 साल की उम्र में मुंबई आ गईं, मगर काम करने के लिए नहीं बल्कि तब पढऩे के लिए। हालांकि दो साल तक यहां सेंट जेवियर्स कॉलेज में शिक्षा हासिल करने के बाद उन्हें14 साल की उम्र में ही देव आनंद की फिल्मों हम नौजवान में काम करने का मौका मिल गया। इसमें उन्होंने इतनी कम उम्र में ही रेप पीडि़ता का संवेदनशील किरदार निभाया। ऐसा फैसला सिर्फ तब्बू जैसी अभिनेत्री ही ले सकती थीं। हालांकि वो सबसे पहले फिल्म बाजार में नजर आई थीं। वहीं बतौर अभिनेत्री उनकी पहली फिल्म कुली नंबर वन थी, जो तेलुगू में थी। तब्बू को फिल्म इंडस्ट्री में लाने का श्रेय देव आनंद को जाता है। उन्हें 1985 में अपनी निर्देशित फिल्म हम नौजवान के लिए कम उम्र की कलाकार की जरूरत थी। रेप पीडि़ता का किरदार काफी चुनौतीपूर्ण था।

उन्होंने शबाना आजमी के घर तब्बू को देखा तो वो उन्हें पसंद आ गईं। उन्होंने शबाना को यह बात बताई और तब्बू की मां को फोन कर इस बारे में उन्होंन मनाने की काफी कोशिश की। मगर वो नहीं मानी, फिर देव आनंद ने यह जिम्मेदारी शबाना को सौंपी और वो तब्बू की मां को मनाने में कामयाब रहीं। इस तरह उनकी बॉलीवुड में एंट्री हुई। तब्बू की जिंदगी से यह विवादित किस्सा भी जुड़ा है। तब्बू एक बार अपनी बहन फराह के साथ शूट पर गई थीं।

उगता भारत ब्यूरो ( 2468 )

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